कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की गर्जना

कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की गर्जना,इप्सेफ के आह्वान पर कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की गर्जना। 11 अप्रैल को प्रदेश के 75 जनपदों में व्यापक धरना प्रदर्शन करके सीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को पुरानी पेंशन सहित अन्य दो मांगों पर ज्ञापन भेजा जाएगा। 11 अप्रैल को अगले आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

अजय सिंह

लखनऊ। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी पी मिश्र एवं महामंत्री प्रेमचंद्र ने बताया कि देशभर के सभी जनपद मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री जी के माध्यम से प्रधानमंत्री जी को मांगों का ज्ञापन दिया जाएगा।

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प्रमुख मांगे
1- पुरानी पेंशन की बहाली।
2- आउटसोर्सिंग /संविदा कर्मचारियों के लिए नीति बनाकर नियमित करना तथा भविष्य में आउटसोर्सिंग संविदा पर भर्ती बंद किया जाए।
3- सरकारी संस्थाओं कार्यालयों का निजीकरण बंद किया जाए।
4-राष्ट्रीय वेतन आयोग का गठन ।

वी पी मिश्रा ने बताया कि इन मांगों पर 11 मार्च 2023 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी के साथ विस्तृत वार्ता हुई थी। उन्होंने कहा था कि सरकार का अपने कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण है उन्होंने कहा कि तीनों मांगों पर तर्कसंगत प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करें वो उस पर विचार करके निर्णय किया जाएगा।
प्रेमचंद्र ने बताया कि प्रस्ताव तैयार करके शीघ्र दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अहिंसात्मक आंदोलन भी चलेगा और वार्ता क्रम भी जारी रहेगा।

कर्मचारी शिक्षक मोर्चा उत्तर प्रदेश के महामंत्री शशि कुमार मिश्रा एवं अतुल मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में यह कार्यक्रम होगा। इसकी तैयारी कर ली गई है और आगे भी तैयारी चल रही है।
इप्सेफ ने प्रधानमंत्री जी से पुनः आग्रह किया है कि वह वाराणसी के सांसद भी है इसलिए उपरोक्त तीनों मांगों पर बैठक करके कर्मचारियों शिक्षकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर आपसी सद्भाव का वातावरण बनाएं क्योंकि देश भर के कई करोड़ कर्मचारी सरकार के महत्वपूर्ण कड़ी हैं उनकी मेहनत से देश तरक्की कर रहा है उन्हीं लोगों ने कोविड-19 की बीमारी को देश से भगाया। कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की गर्जना

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