Tuesday, January 27, 2026
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मण्डियों का चहुंमुखी विकास करते हुए इन्हें सुविधा सम्पन्न बनाया जाए-मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ने राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद केसंचालक मण्डल की 162वीं बैठक की अध्यक्षता की ।मण्डियों का चहुंमुखी विकास करते हुए इन्हें सुविधा सम्पन्न बनाया जाए, ताकि किसानों को अपने कार्याें को करने में सहूलियत हो। मुख्यमंत्री के समक्ष मण्डी परिषद के निदेशक द्वारा विभिन्न प्रस्ताव प्रस्तुत किये गये।एक जनपद एक उत्पाद (ओ0डी0ओ0पी0) योजनान्तर्गत चिन्हित कृषि उत्पादों/कृषि उपजों के लिए सामान्य सुविधा केन्द्र की स्थापना तथा अन्य शासकीय एवं अर्द्धशासकीय परियोजनाओं के लिए 1000 वर्गमीटर तककी भूमि विभाग/संस्था को लीज पर दिये जाने कीप्रक्रिया एवं शर्ताें को निर्धारित किया जाएगा।मण्डी/उप मण्डी परिसर में उपयुक्त स्थल पर भूमि की उपलब्धता के दृष्टिगत पेट्रोल पम्प/सी0एन0जी0 को भूमि लीज पर उपलब्ध कराने एवंशर्तें निर्धारित करने हेतु निदेशक, मण्डी परिषद अधिकृत । 1544 एग्रीकल्चरल मार्केटिंग हब (ए0एम0एच0) एवं 1288ग्रामीण अवस्थापना केन्द्र को उप मण्डी स्थल घोषित किए जाने का प्रस्ताव । आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के अन्तर्गत कृषि अवस्थापना निधि (ए0आई0एफ0) से 20 मण्डियों में कोल्डरूम एवं राइपनिंग चैम्बर की स्थापना, कॉम्प्रीहेन्सिव मेन्टीनेन्स एवं प्रबन्धन कार्य कराये जाने का प्रस्ताव।


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के संचालक मण्डल की 162वीं बैठक अध्यक्षता की। बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मण्डियों का चहुंमुखी विकास करते हुए इन्हें सुविधा सम्पन्न बनाया जाए, ताकि किसानों को अपने कार्याें को करने में सहूलियत हो।बैठक में विगत 12 फरवरी, 2021 को परिषद की 159वीं बैठक, 22 जुलाई, 2021 को आयोजित 160वीं (रिजोल्यूशन बाई सर्क्यूलेशन) बैठक तथा 22 दिसम्बर, 2021 को 161वीं (रिजोल्यूशन बाई सर्क्यूलेशन) बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गयी। इन बैठकों में लिए गये निर्णयों के अनुपालन की आख्या संचालक मण्डल के अवलोकनार्थ प्रस्तुत की गयी।


मुख्यमंत्री के समक्ष मण्डी परिषद के निदेशक द्वारा विभिन्न प्रस्ताव प्रस्तुत किये गये। इनमें मण्डी समितियों की आय से सम्बन्धित प्रगति, सम्पर्क मार्ग मरम्मत (गड्ढा मुक्तिकरण), पी0एस0एस0 (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के अन्तर्गत दलहन एवं तिलहन खरीफ 2021-22 हेतु पी0सी0यू0 एवं पी0सी0एफ0 को
12.50-12.50 करोड़ रुपये की धनराशि क्रियाशील पूंजी के रूप में ब्याज मुक्त 04 माह तक की अवधि के लिए दी गयी धनराशि की कार्याेत्तर स्वीकृति हेतु प्रस्ताव सम्मिलित हैं। इनके अलावा, यू0पी0 स्टेट एग्रो हेतु 04 करोड़ रुपये की धनराशि क्रियाशील पूंजी के रूप में 31 मार्च, 2022 तक की अवधि के लिए जिप्सम आपूर्ति हेतु रिवॉल्विंग फण्ड के रूप में धनराशि की कार्याेत्तर स्वीकृति, 1544 एग्रीकल्चरल मार्केटिंग हब (ए0एम0एच0) एवं 1288 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्र को उप मण्डी स्थल घोषित करने, मण्डी/उप मण्डी परिसर में उपयुक्त स्थल पर भूमि की उपलब्धता के दृष्टिगत पेट्रोल पम्प/सी0एन0जी0 को भूमि लीज पर उपलब्ध कराने एवं शर्तें निर्धारित करने हेतु निदेशक, मण्डी परिषद को अधिकृत करने सम्बन्धी प्रस्ताव भी प्रस्तुत किये गये।


एक जनपद एक उत्पाद (ओ0डी0ओ0पी0) योजनान्तर्गत चिन्हित कृषि उत्पादों/कृषि उपजों के लिए सामान्य सुविधा केन्द्र की स्थापना तथा अन्य शासकीय एवं अर्द्धशासकीय परियोजनाओं के लिए 1000 वर्गमीटर तक की भूमि विभाग/संस्था को लीज पर दिये जाने की प्रक्रिया एवं शर्ताें का निर्धारण आदि प्रस्ताव भी शामिल किए गए थे।
इन प्रस्तावों के अलावा अध्यक्ष की अनुमति से अन्य प्रस्ताव भी बैठक में प्रस्तुत किये गये। इनमें पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे एवं गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर मण्डी स्थल अथवा उप मण्डी स्थल निर्माण हेतु भूमि क्रय/अधिग्रहण करने हेतु निदेशक मण्डी परिषद को अधिकृत किये जाने तथा आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के अन्तर्गत कृषि अवस्थापना निधि (ए0आई0एफ0) से 20 मण्डियों में कोल्डरूम एवं राइपनिंग चैम्बर की स्थापना, कॉम्प्रीहेन्सिव मेन्टीनेन्स एवं प्रबन्धन कार्य कराये जाने सम्बन्धी प्रस्ताव शामिल हैं।बैठक में कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीराम चौहान, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, प्रमुख सचिव खाद्य वीना कुमारी मीना, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, निदेशक मण्डी परिषद अंजनी कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।