Saturday, February 14, 2026
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परफॉर्मेन्स ग्रेेडिंग इण्डेक्स में उ0प्र0 प्रथम- मुख्यमंत्री

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बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत नवचयनित6,696 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र का वितरण बेसिक शिक्षा समाज की नींव, यह नींव जितनी मजबूत होगी, राष्ट्र उतना ही मजबूत होगा । 69,000 सहायक अध्यापकों की यह भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी एवं शुुचितापूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई । युवा किसी के बहकावे में न आएं, नियुक्ति की प्रक्रियाएं आगे भी इसी प्रकार अनवरत चलती रहेंगी । राज्य में पिछले सवा चार वर्षों के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा सवा चार लाख युवाओं को सरकारी सेवा में नियुक्तियां प्रदान की गईं, हम लगभग साढ़े चार लाख भर्ती की प्रक्रिया की दिशा में तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैंराज्य सरकार ने उ0प्र0 शिक्षक पात्रतापरीक्षा प्रमाण पत्र को आजीवन मान्यता प्रदान की । प्रदेश के 01 लाख 20 हजार परिषदीय विद्यालयों में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ केमाध्यम से विद्यालय का सौन्दर्यीकरण, पेयजल, शौचालय, खेल कामैदान, ओपेन जिम इत्यादि की व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं‘मानव सम्पदा पोर्टल’ के माध्यम से बच्चों तथा शिक्षकोंके सम्बन्ध में अद्यतन जानकारी प्राप्त की जा सकती है । प्रदेश में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा चिकित्साशिक्षा में अब तक लगभग डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकांे की भर्ती सम्पन्नप्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रु0 का निवेश सृजित किया गया, इस निवेशसे प्रदेश के 01 करोड़ 60 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआएम0एस0एम0ई0 विभाग द्वारा संचालित ‘एक जनपद, एक उत्पाद योजना’ सेरोजगार को बढ़ावा मिला, केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से60 लाख से अधिक युवाओं को स्वरोजगार प्राप्त हुआप्रदेश के 08 आकांक्षी जनपदों में पिछले 03 वर्षाें के दौरान विभिन्नपैरामीटरों में उ0प्र0 ने बेहतर लक्ष्य हासिल किये हैं, उसमें शिक्षा भी एक प्रदेश सरकार ने मिशन मोड पर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़करने के लिए कार्य किये । प्रदेश सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप उ0प्र0 आज परफॉर्मेन्स ग्रेेडिंग इण्डेक्स में प्रथम स्थान पर।


लखनऊ ।
मुख्यमंत्री लोक भवन में बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत  नवचयनित 6,696 सहायक अध्यापकों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इससे पूर्व, उन्होंने सुश्री सुमन देवी (रायबरेली), सुश्री ललिता वर्मा (लखीमपुर खीरी), नीता पटेल (हरदोई), शिवकुमार (लखनऊ), देवेश सिंह कुशवाहा (उन्नाव) तथा विपिन कुमार (सीतापुर) को अपने कर-कमलों से नियुक्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने सभी नवचयनित सहायक अध्यापकों को बधाई व शुभकामनाएं दीं तथा पारदर्शी तरीके से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की सराहना की।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेसिक शिक्षा समाज की नींव है और यह नींव जितनी मजबूत होगी, राष्ट्र उतना ही मजबूत होगा। बच्चों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। शिक्षक के लिए प्रतिदिन जानने का अवसर होता है और दूसरों तक जानकारी पहुंचाने का भी अवसर होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 69,000 सहायक अध्यापकों की यह भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी एवं शुुचितापूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई है, जिससे आप सभी युवाओं को अपना लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिली। युवा आज सक्षम हो रहे हैं। आज कोई भी भर्ती प्रक्रिया में प्रश्न चिन्ह नहीं खड़ा कर सकता। प्रदेश के नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों, भर्ती प्रक्रिया में विसंगतियां पैदा करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाइयां की हैं। राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए सतत प्रयास कर रही है। सरकार की ईमानदारी पर कोई भी संदेह नहीं कर सकता। सभी भर्ती प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हो रही हैं। कुछ लोगों को यह बात अच्छी नहीं लगती। युवा किसी के बहकावे में न आएं। नियुक्ति की प्रक्रियाएं आगे भी इसी प्रकार अनवरत चलती रहेंगी। प्रदेश सरकार युवाओं को तेजी से रोजगार देने के लिए कृतसंकल्पित है। राज्य में पिछले सवा चार वर्षों के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा सवा चार लाख युवाओं को सरकारी सेवा में नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। हम लगभग साढ़े चार लाख भर्ती की प्रक्रिया की दिशा में तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

राज्य में बेसिक शिक्षा विभाग का वार्षिक बजट 53,000 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रदेश के 24 करोड़ लोगों को इतनी बड़ी बजट धनराशि का लाभ मिले, इसके लिए उन्होंने नवचयनित सहायक अध्यापकों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए कहा कि हमारे बेसिक शिक्षा के विद्यालय कॉन्वेंट स्कूल या पब्लिक स्कूल से मुकाबला करते हुए दिखायी दें। निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा करते हुए छात्र-शिक्षक अनुपात को व्यवस्थित किया गया है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रमाण पत्र को आजीवन मान्यता प्रदान की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि योग्यता के अनुसार युवाओं को शिक्षा व्यवस्था के साथ जोड़ा जा रहा है। यदि सरकार पारदर्शी व्यवस्था आपको दे रही है, तो आपसे उम्मीद भी करती है कि जितनी ईमानदारी सरकार ने आपके प्रति दिखाई है, इतनी ही ईमानदारी आप समाज के प्रति जरूर दिखाएंगे, क्योंकि समाज का ऋण हमारे ऊपर है। हम जितने भी लोग शासन-प्रशासन की व्यवस्था से जुड़े हैं, अपने समाज के ऋण से उऋण होने का हमारे पास एक ही माध्यम है, वह है अहर्निश प्रयास। हमें प्रत्येक नागरिक के जीवन में खुशहाली लाने के भरपूर प्रयास करने होंगे। वर्ष 2017 से तमाम चुनौतियों के बावजूद हमने परिर्वतन और विकास की प्रक्रिया को कतई नहीं थमने दिया, यह प्रक्रिया निरन्तर चलती रही और इसे लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश के विद्यालय के भवनों की हालत जर्जर थी। वर्ष 2017 में सरकार ने संकल्प लिया कि लोगों को शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन देखने को मिलेंगे। आज प्रदेश के 01 लाख 20 हजार परिषदीय विद्यालयों में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के माध्यम से विद्यालय का सौन्दर्यीकरण, पेयजल, शौचालय, खेल का मैदान, ओपेन जिम इत्यादि की व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं। सी0एस0आर0 व अन्य लोगों के सहयोग से स्मार्ट क्लासेज की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रत्येक बच्चे को 02 यूनीफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, बैग, पाठ्य पुस्तकें निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। ‘मानव सम्पदा पोर्टल’ के माध्यम से बच्चों तथा शिक्षकों के सम्बन्ध में अद्यतन जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस पोर्टल द्वारा प्रदेश में बेसिक विद्यालयों की संख्या अवस्थिति तथा शिक्षक-छात्र अनुपात जैसी जानकारी घर बैठे कोई भी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने नवचयनितों से कहा कि ‘मानव सम्पदा पोर्टल’ के माध्यम से वह सभी अपने सत्यापन की कार्यवाही शीघ्र आगे बढ़ाएं। कोविड काल खण्ड में बच्चों को ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया गया।

प्रदेश में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा चिकित्सा शिक्षा में अब तक लगभग डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकांे की भर्ती सम्पन्न की जा चुकी है। प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन को जबरन आहरित करने वाले, लूट-खसोट व भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वालों की अब तक 1,500 करोड़ रुपये की सम्पत्ति जब्त की जा चुकी है। प्रदेश में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये का निवेश सृजित किया गया है। इस निवेश से प्रदेश के 01 करोड़ 60 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार प्राप्त हुआ है। एम0एस0एम0ई0 विभाग द्वारा संचालित ‘एक जनपद, एक उत्पाद योजना’ से रोजगार को बढ़ावा मिला है। केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से 60 लाख से अधिक युवाओं को स्वरोजगार प्राप्त हुआ है।मुख्यमंत्री ने नवचयनित सहायक अध्यापकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि कार्य करने की इच्छा शक्ति एवं सेवा भाव से हम बड़े से बड़े कार्य को सम्पन्न कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने कार्याें से ही महान बनता है। जीवन में महानता प्राप्त करने के लिए जरूरतमन्द लोगों के लिए कार्य करना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में क्या कार्य करना चाहिए, एक शिक्षक से ज्यादा कोई नहीं जानता। प्रदेश के 08 आकांक्षी जनपदों में पिछले 03 वर्षाें के दौरान विभिन्न पैरामीटरों में उत्तर प्रदेश ने बेहतर लक्ष्य हासिल किये हैं, उसमें शिक्षा भी एक है।

मुख्यमंत्री ने नवचयनित सहायक अध्यापकों से अपेक्षा रखते हुए कहा कि वह अपने स्कूल के बच्चांे के अभिभावकों से नियमित संवाद बनाएं। विद्यालय की प्रबन्ध सीमित के साथ बैठक कर नवोन्मेषी कार्य सम्पादित करें तथा छात्र नामांकन को बढ़ाने के अभिनव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान’ को सफल बनाना आपकी जिम्मेदारी है। वर्तमान परिस्थिति में कोविड को देखते हुए बच्चों के अक्षर ज्ञान की वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनानी होंगी। इस सन्दर्भ में गांव में बच्चों के छोटे-छोटे समूह बनाकर अध्यापन कार्य किया जा सकता है। हमें बच्चों सहित सभी लोगों का जीवन बचाते हुए ईमानदारीपूर्वक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। प्रदेश सरकार ने मिशन मोड पर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्य किये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नकलविहीन परीक्षा सम्पन्न कराने के साथ-साथ शिक्षकों की भर्ती के लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया अपनायी गयी है। नये 06 विश्वविद्यालय बनने की प्रक्रिया में हैं। 55 से अधिक नये महाविद्यालय, 215 से अधिक नये माध्यमिक विद्यालय तथा 166 नये विद्यालय पं0 दीन दयाल उपाध्याय मॉडल स्कूल के रूप में कार्य कर रहे हैं।बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत आधारभूत संरचना, युवाओं को रोजगार प्रदान करना प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कोविड काल के दौरान 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को लगातार रोजगार प्रदान किया जा रहा है। गांव के गरीब लोगों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज परफॉर्मेन्स ग्रेेडिंग इण्डेक्स में प्रथम स्थान पर है।