भाजपा में अब वसुंधरा की वर्चुअल उपस्थिति

राजस्थान भाजपा में अब पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की वर्चुअल उपस्थिति।

राजस्थान। 22 जून को जयपुर में पार्टी मुख्यालय में राजस्थान भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर, भाजपा विधायक दल के नेता गुलाब चंद कटारिया, उपनेता राजेन्द्र सिंह राठौड़, संगठन महासचिव चन्द्रशेखर आदि दिग्गज नेता उपस्थित रहे। लेकिन इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे उपस्थित नहीं हुई। भाजपा के सूत्रों के अनुसार राजे इस बैठक में वर्चुअल तकनीक से जुड़ी हैं।

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प्रदेश भाजपा में वसुंधरा राजे के समर्थक इन दिनों जो बयान बाजी कर रहे हैं, उसके मद्देनजर राजे का महत्वपूर्ण बैठक में वर्चुअल जुडऩा राजनीतिक दृष्टि से बहुत मायने रखता है। समर्थकों ने हाल ही में कहा है कि राजे के बगैर राजस्थान में भाजपा की सत्ता में वापसी नहीं हो सकती है। लेकिन वहीं 22 जून को जब भाजपा की महत्वपूर्ण बैठक हुई तो राजे उपस्थित नहीं थी। इस बैठक में कांग्रेस सरकार के खिलाफ रणनीति भी बनाई गई। बैठक में संगठन के अधिकांश पदाधिकारी उपस्थित थे।

कहा जा सकता है कि बैठक में प्रदेश में आगामी रणनीति को लेकर गहन मंथन हुआ। इसमें मौजूदा कांग्रेस सरकार की विफलताओं पर आंदोलन करने की रणनीति भी बनाई गई। राजे भाजपा की बैठक में वर्चुअल तकनीक से जुड़े या फिजिकली उपस्थित रहें यह उनका नजरिया है। लेकिन यदि राजे का नेतृत्व भाजपा के लिए अनिवार्य है तो फिर वर्चुअल जुड़ने का क्या मायने हैं? सब जानते हैं कि राजे प्रदेश भाजपा में अपनी ढपली अलग ही बजा रही हैं।

कभी समर्थकों से वसुंधरा रसोई चलवाई जाती है तो कभी 20 विधायकों से प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखवाया जाता है। राजे अपने जन्मदिन पर गिर्राज जी में शक्ति प्रदर्शन भी कर चुकी हैं। ऐसा नहीं की भाजपा में राजे का सम्मान नहीं है। राजे को राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठन का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बना रखा है। लेकिन राजे की रुचि प्रदेश की राजनीति में ही बनी हुई है।

जब कभी कांग्रेस में असंतुष्ट गतिविधियां तेज होती हैं, तो वसुंधरा राजे के समर्थक विधायक और कार्यकर्ता भाजपा में भी असंतुष्ट गतिविधियां को बढ़ावा देते हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने हाल ही में दो टू शब्दों में कहा है कि भाजपा व्यक्ति आधारित पार्टी नहीं है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है।

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