Saturday, February 21, 2026
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महिला अधीक्षक से संभाले नहीं सम्भल रही बुलंदशहर जेल

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महिला अधीक्षक से संभाले नहीं सम्भल रही बुलंदशहर जेल
महिला अधीक्षक से संभाले नहीं सम्भल रही बुलंदशहर जेल
राकेश यादव
       राकेश यादव

बुलंदशहर जेल में ड्यूटी को लेकर दो गुटों में हुई भिड़ंत। महिला अधीक्षक से संभाले नहीं सम्भल रही बुलंदशहर जेल। एक हेड वार्डर को अतिरिक्त बैरक का प्रभार देने को लेकर हुआ विवाद। प्रमुख सचिव, डीजी जेल से घटना की जांच कराए जाने की मांग।

लखनऊ/बुलंदशहर प्रदेश की कमाऊ कही जाने वाली बुलंदशहर जेल में ड्यूटी को लेकर सुरक्षाकर्मियों के दो गुटों में भिड़ंत हो गई। एक हेड वार्डर को आराम देने देने के लिए बैरक का अतिरिक्त प्रभार दूसरे हेड वार्डर को देने को लेकर सुरक्षाकर्मियों के दो पक्षों में जमकर नोंकझोंक हो गई। मामला मारपीट में तब्दील हो पाता इससे पहले साथी अन्य हेड वार्डरो ने बीच बचाव कर मामले को शांत करा दिया। उधर पीड़ित वार्डरो ने प्रमुख सचिव कारागार, डीजी और परिक्षेत्र डीआईजी को पत्र भेजकर घटना की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

उत्पीड़न का शिकार हुए वॉर्डरो को ओर से प्रमुख सचिव कारागार को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया है कि बुलंदशहर जाट बाहुल्य क्षेत्र होने की वजह से इस जेल में जाट सुरक्षाकर्मियों का दबदबा है। पत्र में बताया गया है कि घटना दो दिन पहले 19 फरवरी की है। प्रतिमाह ड्यूटी के लिए लगने वाले पर्चे में हेड वार्डर विपिन कुमार की ड्यूटी एक माह के लिए बैरक संख्या 04 में लगाई गई थी। इसी पर्चे में हेड वार्डर हवलदार यादव की ड्यूटी बैरक संख्या 05 पर लिखी गई थी। मुख्य चीफ नीत पाल ने हेड वार्डर विपिन कुमार को बैरेक संख्या 04 से हटाकर आराम दिलाने के लिए दिन की ड्यूटी में लगा दिया।

बैरेक संख्या 05 में ड्यूटी कर रहे हेड वार्डर हवलदार यादव को बैरेक 05 के साथ ही बैरेक 04 का भी चार्ज दिया जा रहा था। हेड वार्डर हवलदार ने मुख्य चीफ नीत पाल से जब दो बैरकों में ड्यूटी लगाए जाने का विरोध किया तो धीरेन्द्र जाट समेत अन्य कर्मियों और हवलदार में नोंकझोंक शुरू हो गई। मामला मारपीट में तब्दील होता इससे पहले मौके पर मौजूद हेड वार्डर वीरेश पाल, लालाराम गौतम, बृजेश गौतम, नकुल, कुलदीप आदि ने दोनों पक्षों को समझाबुझाकर किसी तरह मामले को शांत करा दिया।

सूत्रों का कहना है इससे पूर्व इस जेल में अधीक्षक के अपने चहेते कमाकर देने वाले हेड वार्डर और वार्डरों को कमाऊ स्थानों पर ड्यूटी पर लगा रखने की शिकायत हुई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि जेल में चहेते वार्डरो की महीनों ड्यूटी बदली ही नहीं जाती है। प्रमुख सचिव कारागार को भेजे गए पत्र में पीड़ित वार्डरो का आरोप है कि 19 फरवरी को हुई घटना से अधीक्षक को भी अवगत कराया गया लेकिन जेल में जाट का दबदबा होने की वजह से यहां किसी की नहीं चलती है।

इससे जेल में कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। घटना से सभी कर्मचारी दहशत में है। उन्होंने घटना की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उधर इस संबंध में जब डीआईजी मेरठ जेल परिक्षेत्र सुभाष शाक्य से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसा कोई मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आया है। पता करके बताता हूं।

 

तबादले के बाद भी बुलंदशहर जेल पर जमी डिप्टी जेलर

बुलंदशहर जेल में डिप्टी जेलर कृष्णा कुमारी की तानाशाही से वार्डर संवर्ग के कर्मियों में खासा आक्रोश व्याप्त है। डिप्टी जेलर कृष्णा कुमारी स्थानांतरण के बाद भी बुलंदशहर जेल पर जमी हुई है। कारागार मुख्यालय में मजबूत पकड़ और सेटिंग गेटिंग की वजह से इस स्थानांतरित महिला जेलर को अभी तक रिलीव नहीं किया गया है। बताया गया है कि महिला डिप्टी जेलर का स्थानांतरण सीतापुर जेल पर किया गया था। उधर इस संबंध में जब मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जल्दी ही स्थानांतरित महिला डिप्टी जेलर को रिलीव किया जाएगा।