Thursday, February 19, 2026
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चुनावी प्रक्रिया में धांधली? सुल्तानपुर से उठी नई बहस

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चुनावी प्रक्रिया में धांधली? सुल्तानपुर से उठी नई बहस
चुनावी प्रक्रिया में धांधली? सुल्तानपुर से उठी नई बहस

राजेन्द्र चौधरी

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी उ0प्र0 लखनऊ को ज्ञापन देकर मांग की है कि सुल्तानपुर सदर विधान सभा पोलिंग बूथ संख्या 87 पर 26 फार्म-7 पर निरक्षर नन्दलाल का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर पी.डी.ए. मतदाताओं व मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं के नाम काटने के लिए फार्म-7 जमा किये गये हैं। निरक्षर नन्दलाल ने मीडिया के सामने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह निरक्षर है, अंगूठा निशान लगाता है, उसके नाम से फर्जी हस्ताक्षर बनाया गया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि सिकन्दरपुर विधान सभा समाजवादी पार्टी के वर्तमान विधायक श्री जियाउद्दीन रिजवी की पत्नी श्रीमती आयशा रिजवी पोलिंग बूथ संख्या 172 क्रम संख्या 341 पर मतदाता के रूप में दर्ज हैं। जिनका नाम मतदाता सूची से काटने के लिए फार्म-7 भरकर जमा किया गया है।

सरोजनी नगर विधान सभा पोलिंग बूथ संख्या 201 में समाजवादी पार्टी समर्थक मतदाता विशेष कर मुस्लिम एवं पी.डी.ए. मतदाताओं के नाम काटने के लिए दशरथ कुमार आवेदक के रूप में हस्ताक्षर कर के 100 से अधिक फार्म-7 जमा कर दिये गये हैं।

जसवन्तनगर विधान सभा पोलिंग बूथ संख्या 323 के बी.एल.ओ. अश्वनी कुमार पुत्र जगदीश सिंह ने पुलिस थानाध्यक्ष चौबिया इटावा को एफ.आई.आर. दर्ज करने के लिए लिखित तहरीर दिया है कि भा.ज.पा. के मण्डल अध्यक्ष ध्रुव कठेरिया व भा.ज.पा. नेता उदय प्रताप कठेरिया व एक अन्य व्यक्ति द्वारा फार्म-7 पर मुझसे जबरन  हस्ताक्षर  करवा  कर  रिसीविंग  लेने  के  लिए दबाव बना रहे थे। बी.एल.ओ. द्वारा यह कहने पर कि फार्म-7 पहले जाँच होगी उसके बाद ही रिसीविंग दी जायेगी भा.ज.पा. के मण्डल अध्यक्ष ध्रुव कठेरिया व उदय प्रताप कठेरिया द्वारा बी.एल.ओ. का कालर पकड़ कर अभद्र व्यवहार किया गया गंदी-गंदी गालियां दी गई और जान से मारने की धमकी दी गई। फार्म-7 में मुस्लिम मतदाताओं व पी.डी.ए. मतदाताओं के नाम दर्ज हैं।

जसवन्तनगर विधानसभा पोलिंग बूथ संख्या 259 के बी.एल.ओ. अनुपम सक्सेना ने जिलाधिकारी जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखित तहरीर दी है कि भा.ज.पा. के सैफई ब्लाक मण्डल अध्यक्ष असनीत कुमार पुत्र श्री मिलाप सिंह व अजय दुबे पुत्र श्री वीरेन्द्र दुबे द्वारा बी.एल.ओ. के साथ बहुत बत्तमीजी की गई और मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने के लिए दबाव बनाया गया और जबरन फार्म-7 की रिसीविंग भा.ज.पा. द्वारा ले ली गई और कहा गया कि इन मतदाताओं के नाम काटने की रिपोर्ट लगाओं। बी.एल.ओ. ने जिलाधिकारी से भा.ज.पा. नेताओं के खिलाफ कार्यवाही की माँग की है।

जसवन्तनगर विधानसभा मतदाता कुतुबुद्दीन थाना भरथना जिला इटावा ने उपजिलाधिकारी जनपद इटावा से लिखित शिकायत की है कि उनका नाम गलत तरीके से काटने के विरुद्ध उन्होने शिकायत किया था जिस पर नारायण सिंह व दीवान सिंह ने कुतुबुद्दीन के साथ मारपीट किया गाली-गलौज किया और जान से मार देने की धमकी दी।

अयोध्या विधानसभा के 419 पोलिंग बूथों पर 95 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी की गई है, जिसमें अधिकतर समाजवादी पार्टी समर्थक पी.डी.ए. मतदाताओं के नाम शामिल हैं। उदाहरण स्वरूप एक पोलिंग बूथ पर 181 मतदाताओं को नोटिस जारी की गई है। नोटिस में 76 प्रतिशत पी.डी.ए. मतदाता हैं।

जनपद प्रतापगढ़ के बाबागंज विधान सभा में रामदेव सिंह के फर्जी हस्ताक्षर से फार्म-7 भरकर समाजवादी पार्टी समर्थक पी.डी.ए. मतदाताओं के 65 नाम काटने के लिए फार्म-7 जमा किये गये हैं।

सकलडीहा विधानसभा में पोलिंग बूथ संख्या 160 पर 16 फार्म-7 पर आवेदक के रूप में गोविन्द राय का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मुस्लिम मतदाताओं का नाम काटने के लिए फार्म-7 जमा किये गये है। गोविन्द राय ने लिखित दिया है, कि  उन्होने फार्म-7 पर हस्ताक्षर नहीं किया है उनका फर्जी हस्ताक्षर बनाया गया है। सभी मतदाता दर्ज पते पर स्थाई रूप से निवास कर रहे हैं। पोलिंग बूथ संख्या 157 पर 14 फार्म-7 जमा किये गये हैं। सभी फार्म-7 में मुस्लिम मतदाताओं के नाम प्रिंट हैं। आवेदक का हस्ताक्षर नहीं है।

विधूना विधान सभा में अरवा कटरा समाजवादी पार्टी नगर अध्यक्ष विनय कुमार की पत्नी कल्पाना का फार्म-7 में कल्पना का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर समाजवादी पार्टी समर्थक मुस्लिम मतदाता मोहम्मद लाईक का नाम मतदाता सूची से काटा गया।

नगीना विधानसभा के पोलिंग बूथ संख्या 282 के समाजवादी   पार्टी   के   बूथ   लेवल   एजेन्ट   (बीएलए) मो0 शनावर उर्फ शन्नू के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर फार्म-7 में आवेदक के रूप में करीब 100 फार्म-7 में भरकर बी.एल.ओ. के पास जमा करने जा रहे थे उसी समय बी.एल.ए. मो0 सनावर उर्फ शन्नू ने सभी फार्म-7 पकड़ कर अपने कब्जे में ले लिया है।

नहटौर विधान सभा में 25-30 हजार फार्म-7 पकड़े गये हैं। जिन्हे फारूख फौजी व समाजवादी पार्टी विधान सभा अध्यक्ष नासिर जमाल तथा अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा पकड़ा गया है। जिसकी तहरीर उप जिलाधिकारी, धामपुर जनपद बिजनौर को दी गई है।

भोजीपुरा विधानसभा में समाजवादी पार्टी के बूथ लेवल एजेन्ट (ठ.स्.।) अतीक अहमद का नाम मतदाता सूची से काटने के लिए फार्म-7 भरकर बी.एल.ओ. के पास जमा कर दिया गया है।

भोजपुर विधान सभा पोलिंग बूथ संख्या 333, 43 पर क्रमशरू 70, 19 फार्म-7 फर्जी तरीके से भरकर जमा किया गया है। सभी पी.डी.ए. मतदाताओं के नाम काटने के लिए जमा किये गये है।

फर्रूखाबाद विधानसभा में पोलिंग बूथ संख्या 276, 277, 278 में क्रमशरू 130, 66, 14 फार्म-7 फर्जी तरीके से भरकर सुपरवाइजर संजीव दुबे लेखपाल द्वारा भा.ज.पा. नेता वैभव सक्सेना, उमेश कश्यप को आवेदक बना कर बी.एल.ओ. को दिये गये है। और रिसीविंग के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

बलदेव विधान सभा में हजारों की संख्या मे फार्म-7 जमा किये गये है, पी.डी.ए. व अल्पसंख्यक मतादाताओं के नाम काटने के लिए एक व्यक्ति द्वारा बड़ी संख्या में आवेदक के हस्ताक्षर किये गये है। ग्राम ओम में 172 फार्म-7 पकड़े गये है।

मथुरा विधान सभा में भा.ज.पा. के बूथ लेवल एजेन्ट (बी.एल.ए.) द्वारा समाजवादी पार्टी समर्थक मतदाताओं विशेषकर मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं के नाम काटने के लिए पोलिंग बूथ संख्या 321 पर 130 फार्म-7 जमा किये गये है।

कुंदरकी विधानसभा के पोलिंग बूथ संख्या 198 में 277 फार्म-7 सिर्फ एक आवेदक रविदास के हस्ताक्षर से जमा  किये गये हैं। सभी फार्म-7 में मुस्लिम समुदाय व पी.डी.ए. मतदाताओं के नाम व ईपिक नम्बर प्रिंट हैं। सभी मतदाताओं ने गणना प्रपत्र भरकर बी.एल.ओ. के पास जमा कर दिया था, और सभी का नाम मतदाता सूची में दर्ज है और सभी अपने दर्ज पते पर निवास कर रहे  हैं।

पोलिंग बूथ संख्या 381 व 382 में बड़ी संख्या में फार्म-7 जमा कर दिये  गये हैं। सभी फार्म पर सिर्फ एक आवेदक हुकुम सिंह का हस्ताक्षर है। सभी मतदाता स्थाई रूप से अपने निवास पर रह रहे हैं। और जीवित हैं। सभी ने गणना प्रपत्र भरकर बी.एल.ओ. के पास जमा कर दिया था।

शामली विधानसभा के पोलिंग बूथ नम्बर 330, 331, 333, 334 पर क्रमशरू 347, 451, 415, 205 फार्म-7 में मुस्लिम मतदाताओं और पी.डी.ए. मतदाताओं के नाम व ईपिक नम्बर प्रिंट करवा कर जमा किये गये हैं। सभी फार्म में मुस्लिम मतदाताओं और पी.डी.ए. मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। बी.एल.ओ. के पास फार्म जमा कर के ई.आर.ओ. व जिलाधिकारी पर नाम काटने के लिए भा.ज.पा. पदाधिकारियों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। 1 लाख 77 हजार 516 पोलिंग बूथ हैं।
 

प्रत्येक पोलिंग बूथ पर फार्म-7 थोक (ठन्स्ज्ञ) में जमा किये जा रहे हैं। लाखों फार्म जमा हो गये हैं। फार्म-7 में पी.डी.ए. मतदाता व मुस्लिम मतदाताओं के नाम प्रिंट हैं। फार्म-7 एक ही डिजाइन में प्रिंट हैं। मतदाता का नाम व ईपिक नम्बर, व विधान सभा का नाम प्रिंट है, और अनुपस्थितध्शिफ्टेड में टिक का निशान लगा है। फार्म-7 थोक (ठन्स्ज्ञ) में बड़े लिफाफे में चुनाव में पोलिंग बूथ बस्ते की तरह भा.ज.पा. कार्यकर्ताओं को बांटे जा रहे है।  फार्म-7 भा.ज.पा. कार्यकर्ताओं द्वारा तथा कई जगहों पर ई.आर.ओ. के दबाव में सुपरवाईजर द्वारा बी.एल.ओ. तक पहुँचाये जा रहे हैं।

एक ही व्यक्ति द्वारा 100-100, 200-200 फार्म-7 पर आवेदक के रूप में हस्ताक्षर किया गया है।फार्म-7 में एक व्यक्ति एक फार्म अपना अपने परिवार के फार्म पर आवेदक के रूप में हस्ताक्षर कर सकता है। समाजवादी पार्टी द्वारा प्रतिदिन लिखित शिकायत व ज्ञापन मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश को दिया जा रहा है, तथा मुख्य चुनाव आयुक्त नई दिल्ली को मेल भी किया जा रहा है।

भारत निर्वाचन आयोग शिकायत व ज्ञापन पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा हैं। चुनाव आयोग व प्रशासन और बी.जे.पी. के त्रिकोण ने लॉजिकल एरर नाम से पी.डी.ए. मतदाताओं को नोटिस भेजने का नया खेल निकाला है। अज्ञात व्यक्ति के नाम पर जो फार्म-7 भरे जा रहे हैं, वो सभी भा.ज.पा. के लोगो द्वारा जमा किये जा रहें हैं। अज्ञात लोगों की पहचान की जाये।

एस.आई.आर. शुरू होने के समय कहा गया था। बी.एल.ओ. घर-घर जायेंगे सत्यापन करेंगे और गलत वोट हटायेंगे। बी.एल.ओ. द्वारा बड़ी संख्या में वोट हटाये गये अब भा.ज.पा. समजवादी पार्टी समर्थक मतदाताओं का वोट हटाने की साजिश कर रही है।

समाजवादी पार्टी की प्रमुख माँग-
फार्म 7 से नाम हटाने की प्रक्रिया केवल सरकारी बीएलओ द्वारा शुरू की जाए। किस विधानसभा, किस बूथ पर, किसके नाम से फार्म-7 जमा हुआ – इसका डेटा प्रतिदिन सार्वजनिक किया जाए। किसने और किस आधार पर आवेदन किया-उसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जाए। लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के नाम पर किसी को परेशान न किया जाए। शहर में काम करने वाले आदमी के पास इतना समय नहीं होता कि वह बता सके कि उसके नाना-नानी की आयु में 40 साल का अंतर क्यों है। अगर यह डिजिटल एरर है तो क्यों है? यदि उसने दस्तावेज जमा कर दिए हैं तो सरकार खुद पता करे कि डिस्क्रेपेंसी क्यों है।

यदि कोई व्यक्ति मतदाता सूची से नाम काटने के लिए मिथ्या (फॉल्स) लिखित कथन करता है। अथवा कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की ओर से ऐसे आवेदन प्रस्तुत करता है। तो उसके विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 (त्.च्.।बज) की धारा-31 के अधीन एफआईआर दर्ज कराई जायेगी। 01 वर्ष सजा और जुर्माना दोनो से दण्डनीय अपराध है। नियम कड़ाई के साथ लागू किया जाये।

मतदाता सूची में वास्तविक मतदाता का नाम अवैध ढंग से काटने या अपात्र व्यक्ति का नाम अवैध ढंग से जोडने पर ई.आर.ओ./सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (R-P-Act) 32 के अधीन दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। नियम कड़ाई के साथ लागू किया जाये।

भाजपा के जिलाध्यक्ष, विधायक, पदाधिकारी,  कार्यकर्ताओं   द्वारा   कई  लाख फार्म-7 में मतदाता का  नाम  व  ईपिक  नम्बर  प्रिंट  करवा  कर  फर्जी आवेदक का हस्ताक्षर बना कर प्रदेश के समस्त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रो के सभी पोलिंग बूथों पर बी.एल.ओ. व ई.आर.ओ. के पास जमा करा दिया गया है। फार्म-7 में प्रिन्ट मतदाता का नाम व ईपिक नम्बर समाजवादी पार्टी समर्थक मतदाताओं विशेष कर मुस्लिम समुदाय व पी.डी.ए. मतदाताओं के नाम है। यह सभी मतदाताओं ने गणना प्रपत्र भर कर जमा किया है। तथा सभी का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में दर्ज है और सभी अपने दर्ज पते पर स्थाई रूप से निवास कर रहे है। सभी मतदाता जीवित हैं।

सभी जिलों में भा0ज0पा0 द्वारा जिलाधिकारी पर दबाव बना कर समाजवादी पार्टी समर्थक वैध मतदाताओं का नाम अवैध ढंग से काटने के लिए लगातार  दबाव  बनाया  जा  रहा  है।  यह गम्भीर  मामला है। भारत  निर्वाचन आयोग मूक दर्शक की भूमिका से ऊपर उठ कर समाजवादी पार्टी द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों को संज्ञान में लेकर भा0ज0पा0 द्वारा किये जा रहे फर्जी वाड़े व फार्म-7 जमा करने वालों के नाम चिन्हित कर के उनके विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई जाये, जिससे एस0आई0आर0 प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष  सम्पन्न हो सके।

इस अवसर पर सर्वश्री कमाल अख्तर विधायक, प्रभुनारायण सिंह यादव विधायक, डॉ0 आर0के0 वर्मा विधायक, मनोज पारस विधायक, शहजिल इस्लाम विधायक, महेन्द्र नाथ यादव विधायक, डॉ0 संग्राम सिंह यादव विधायक, मोहम्मद फहीम इरफान विधायक, रविदास मेहरोत्रा विधायक, सचिन यादव विधायक, पंकज मलिक विधायक, नवाब जान एवं राम अधार राजभर ने ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

इस अवसर पर के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह भी मौजूद रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने समाजवादी पार्टी के विधायकों के प्रतिनिधि मण्डल से कहा कि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं काटा जायेगा। उन्होंने कहा कि फार्म 7 पर बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। मतदाता को और आवेदक को नोटिस रिसीव कराई जायेगी। एक सप्ताह इंतजार के बाद ही निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि लॉजिकल एरर के मतदाताओं को सुनवाई स्थल पर नहीं जाना होगा। बीएलओ नोटिस लेकर जायेगा। मतदाता या उसके परिवार के किसी सदस्य के साथ सेल्फी लेकर 2003 की मतदाता सूची से मिलान करके अपडेट कर देगा।

उन्होंने सुनवाई स्थल 25 किमी. कई-कई 40 किमी. सुनवाई स्थल दूर होने पर कहा कि सुनवाई अधिकारियों की संख्या बढ़ा दी गयी है और मतदाताओं की सुविधा के लिए निकटतम दूरी पर सुनवाई स्थल बनये जायेंगे। उन्होंने फार्म-7 थोक में लिये जाने पर जांच कराने और दोषी के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए कहा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने डेढ़ घंटे से अधिक समाजवादी पार्टी के ज्ञापन पर एक दर्ज से अधिक विधायकों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने के लिए कहा।