
लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में लोक निर्माण विभाग हेतु व्यापक एवं दूरदर्शी बजटीय प्रावधान किए गए हैं। यह प्रावधान प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों एवं सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं अनुरक्षण के माध्यम से समग्र विकास को गति प्रदान करेंगे।
लोक निर्माण विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में लोक निर्माण विभाग हेतु बजट की कुल ₹38562.67 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है, सड़कों एवं सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण एवं अनुरक्षण हेतु रु 34468 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो प्रदेश की आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रदेश में नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के विकास हेतु मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण/निर्माण के लिए ₹400 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश में सेतुओं के निर्माण हेतु ₹4,808 करोड़ तथा रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं (ROB/RUB) के निर्माण के लिए ₹1,700 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। राज्य/प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों हेतु ₹3,700 करोड़ का प्रावधान है।
राज्य सड़क निधि से सड़कों के अनुरक्षण हेतु ₹3,000 करोड़ तथा निर्माण/चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण हेतु अतिरिक्त ₹3,000 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। शहरी क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से बाईपास, रिंग रोड एवं फ्लाईओवर निर्माण हेतु ₹1,500 करोड़ का प्रावधान। औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक पार्कों को बेहतर संपर्क सुविधा प्रदान करने के लिए मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण/निर्माण हेतु ₹1,000 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।
उक्त प्रावधानों से प्रदेश में सुगम, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन अवसंरचना का विकास सुनिश्चित होगी। इससे न केवल यातायात के दबाव में कमी आएगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, व्यापार, पर्यटन तथा रोजगार सृजन को भी व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा।






















