

जेल विभाग में पहली बार लगी आपातकाल में विशेष ड्यूटी।अभी तक मोटी रकम वसूल कर कमाऊ जेलों पर लगाई जा रही थी ड्यूटी।विशेष ड्यूटी पर लगाए गए अधिकारियों की तैनाती के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव।अधीक्षक प्रीति यादव सीतापुर, शिवमूर्ति अम्बेडकरनगर, शशिकांत आजमगढ़, आनंद शुक्ला गोरखपुर भेजे गए।विशेष ड्यूटी पर लगे अधिकारियों की फिर लगी विशेष ड्यूटी।
लखनऊ। प्रदेश के कारागार विभाग में पहली बार आपातकाल (विशेष परिस्थितियों) के दौरान अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। इससे पूर्व अधिकारियों से मोटी रकम वसूल कर कमाऊ जेलों पर विशेष ड्यूटी लगाई जा रही थी। प्रदेश की आठ अधीक्षक विहीन जेलों में चार पर अधीक्षकों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा दो जेलरों की भी विशेष ड्यूटी लगाई गई है। विशेष ड्यूटी पर लगाए गए इन अधिकारियों की स्थाई तैनाती के शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से अनुमति मिलते ही इनके तैनाती का आदेश जारी कर दिया जाएगा।
मिली जानकारी के मुताबिक 31 जनवरी को सीतापुर, अम्बेडकरनगर, देवरिया, कानपुर नगर जेल के अधीक्षकों के सेवानिवृत होने और कन्नौज और अयोध्या में फरारी की घटनाएं होने के साथ मऊ और श्रावस्ती समेत कुल आठ जेल अधीक्षक विहीन हो गई थी। सूत्रों का कहना है कि सोमवार की शाम मुख्यालय की ओर से कुछ अधीक्षकों को व्यक्तिगत आदेश भेजकर ड्यूटी लगाई गई। इनमें मऊ जेल पर विशेष ड्यूटी पर लगी प्रीति यादव को सीतापुर, ललितपुर के शिवमूर्ति सिंह को अम्बेडकरनगर, मऊ से मुख्यालय संबद्ध आनंद शुक्ला को गोरखपुर और जेल मुख्यालय में तैनात शशिकांत सिंह की आजमगढ़ जेल पर विशेष ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा केंद्रीय कारागार नैनी में विशेष ड्यूटी पर लगे जेलर प्रदीप कश्यप को अयोध्या और प्रयागराज जिला जेल पर तैनात जेलर आलोक कुमार की बांदा जेल पर विशेष ड्यूटी लगाई गई। विशेष ड्यूटी पर लगाए गए इन अधिकारियों की तैनाती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से अनुमति मिलने के बाद इन अधिकारियों की स्थाई तैनाती का आदेश जारी कर दिया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि आठ जेल अधीक्षक विहीन होने के बाद मुख्यालय ने सिर्फ चार जेल पर अधीक्षक भेजे हैं। चार जेल कन्नौज, अयोध्या, मऊ और देवरिया जेल पर अभी भी खाली पड़ी हुई हैं। इन पर अभी कोई अधीक्षक नहीं भेजा गया है। अधीक्षक विहीन जेलों को लेकर विभागीय कर्मियों और अधिकारियों में तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे है। चर्चा है खाली पड़ी जेलों पर तैनाती और विशेष ड्यूटी लगवाने के लिए कई अधिकारी सेटिंग गेटिंग में लगे हुए है। इस खेल में कौन सफल होगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा। उधर इस संबंध में जब डीजी जेल पीसी मीणा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अधीक्षकों की संख्या कम होने की वजह से इन पर अभी तैनाती नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि प्रमोशन नहीं हो पाने की वजह से यह समस्या है। प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग ने तो हर बार की तरह इस बार भी फोन नहीं उठाया।
जेल अधिकारी नहीं उठाते सीयूजी फोन
प्रदेश की जेलों पर तैनात अधिकारी सरकार की ओर से सुविधाओं के आवंटित किए गए सीयूजी फोन उठाते ही नहीं है। अवैध वसूली पर कार्यवाही नहीं होने से अधिकारी बेलगाम हो गए हैं। इन्हें शासन और मुख्यालय में बैठे आला अफसरों का कोई खौफ ही नहीं रह गया है। आगरा जेल में हुई एक घटना की पुष्टि के लिए जब आगरा जेल अधीक्षक के सीयूजी नंबर (9454418179) पर कई बार फोन किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा। मैसेज करने बाद भी उन्होंने कोई जवाब ही नहीं दिया। ऐसा ही हाल सीतापुर, कानपुर देहात, बुलंदशहर, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर जेल में भी देखने को मिला। डीजी जेल पीसी मीणा ने कहा कि इसके लिए जल्दी निर्देश जारी किए जाएंगे।























