Saturday, January 31, 2026
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब महोबा जिले में सत्ताधारी भाजपा के भीतर ही टकराव सड़क पर आ गया। चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आमने-सामने आ गए। हर घर नल योजना में लापरवाही, 40 गांवों में पानी न पहुंचने और खुदी सड़कों की मरम्मत न होने को लेकर नाराज़ विधायक ने सैकड़ों ग्राम प्रधानों के साथ मंत्री का काफिला रोक दिया। हालात इतने बिगड़े कि पुलिस से झड़प, नारेबाज़ी और खुलेआम आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। मामला डीएम कार्यालय तक पहुंचा,जहां प्रशासन को बीच में आकर समाधान का भरोसा देना पड़ा। वहीं इस सियासी संग्राम पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा के ‘डबल इंजन’ पर तंज कसते हुए इसे सत्ता के भीतर मची भगदड़ का नमूना बताया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल

यूपी के महोबा जिले में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आपास में भिड़ गए। मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दी। चरखारी विधायक ने मंत्री से विधानसभा के 40 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई। कहने लगे कि गांव के लोग मुझसे पूछते हैं। मैं क्या जवाब दूं?

इस पर विधायक के समर्थकों और सीओ सदर और कोतवाल से झड़प हो गई। तो स्वतंत्र देव सिंह ने विधायक से कहा- मैं 40 गांव चलने को तैयार हूं। पानी दिलाना हमारा काम है। अफसर मेरे साथ हैं। अगर कहीं सड़कें खुदी हैं और पानी नहीं मिल रहा है तो अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा। मंत्री स्वतंत्र देव नाराज ग्राम प्रधानों को धक्का देते हुए आगे बढ़े। इस दौरान लोग कहते रहे कि ‘नेता गिरी नहीं चलेगी’। स्वतंत्र देव अपनी गाड़ी में बैठ गए। गाड़ी के अंदर भी विधायक और मंत्री के बीच बहस हुई। लोग नारेबाजी करते रहे। विधायक हाथ पर हाथ पटकते हुए मंत्री से यही कहते रहे कि जितने भी प्रधान आए हैं, उन सभी के गांवों में समस्या है। हर घर नल योजना में जमकर लापरवाही हुई है। आप लोग कुछ भी नहीं देखते। ग्राउंड की समस्या बहुत बड़ी है। विधायक ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया।

विधायक ने मंत्री से साफ कहा कि अफसर हमारी सुनते नहीं है…मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की सुरक्षा में तैनात पुलिस अफसरों से भाजपा विधायक के समर्थकों की झड़प हुई। SDM और CO लोगों को समझाते रहे, लेकिन वे मंत्री का काफिला आगे बढ़ने नहीं दे रहे थे। तब स्वतंत्र देव सिंह ने मोर्चा संभाला। पुलिसवालों को समझाया। अफसर और समर्थक उलझते दिखाई दिए। उनकी जिद सिर्फ एक थी पूरी समस्या मंत्री के सामने रखेंगे। विवाद बढ़ता देख मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक को लेकर खुद डीएम कार्यालय पहुंचे। डीएम गजल भारद्वाज के साथ मंत्री ने विधायक और प्रधानों की बैठक कराई। डीएम ने 20 दिन में सारी खुदी हुई सड़कों को ठीक कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद प्रधान और विधायक माने।


मंत्री और विधायक के झगडे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा.हमने तो पहले ही कहा था कि भाजपा के ‘डबल इंजन’ ही नहीं डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। पैसे कमाने और ज़मीन क़ब्ज़ाने में लगे भाजपा के मंत्री हों या विधायक,इनमें से कोई भी जनता या विकास का काम नहीं कर रहे हैं। इसीलिए जनता के गुस्से से बचने के लिए वो एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। भाजपा के ही विधायक द्वारा,अपनी ही भाजपा सरकार के मंत्री को बंधक बनाना दर्शाता है कि भाजपा सरकार के विधायक अब अगले चुनाव में हारने वाले हैं। वैसे ये न सोचा जाए कि ये इन दोनों के बीच की ही लड़ाई है,दरअसल ये तो केवल सैम्पल या कहें नमूना है,हर विधानसभा क्षेत्र में यही हाल है। इस बार भाजपा को चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी ही नहीं मिलेंगे। भाजपा की सत्ता पटरी से उतर गई है…

तो ये था महोबा का पूरा सियासी ड्रामा, जहां सत्ता के भीतर ही सड़क पर टकराव देखने को मिला। सवाल साफ है—क्या 40 गांवों को सच में पानी मिलेगा? क्या खुदी सड़कें तय वक्त में बनेंगी? या फिर ये मामला भी फाइलों और बैठकों में दबकर रह जाएगा? जवाब आने वाले दिनों में ज़मीन पर दिखेगा। उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल