
सिन्धी मिठड़ी बोली का संकल्प लिया गया। सिन्धी समाज के लोगों ने धूमधाम से मनाया संस्कृति उत्सव। उत्सव में कड़ी चावल, दाल पकवान डोडा चटनी मीठी सेंवई का उठाया लुत्फ उठाया।
राकेश यादव
लखनऊ। सिन्धी समाज ने गणतंत्र दिवस पर हजरतगंज स्थित मोतीमहल रिचीरीच वाटिका में धूमधाम से सिन्धी भाषा व संस्कृति उत्सव मनाया।इस अवसर पर सिन्धी महिलाओं और सिन्धी स्कूलों के बच्चों ने देश भक्ति के गीत गाए ढोल नगाड़ों संग अलवर राजस्थान की सिन्धी शहनाई पर ने भांगड़ा किया।
मेला कमेटी के प्रवक्ता अशोक मोतियानी, अध्यक्ष रतन मेघानी, कोषाध्यक्ष सतेन्द्र भावनानी ने बताया कि इस आयोजन का मकसद युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ना और जागरूक करना है। इस मौके पर लखनऊ की सिन्धी पंचायतों के सम्मानित मुखी गण प्रमुखता से शामिल हुए । कार्यक्रम में संयुक्त रूप से हाथ उठाकर यह शपथ दिलाई कि पूरा सिन्धी समाज घर पर सिन्धी में ही बात करेगा साथ ही हर घर और प्रतिष्ठानों में अपनी निजी वाहनों में भी भगवान झूलेलाल की तस्वीर जरूर लगाएंगे।
भगवान झूलेलाल की आरती से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।सिन्धी स्वादिष्ट पकवानों व्यंजनों के स्टॉल पर भीड़ लगी रही। जिसमें महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं। इस मौके पर साईं हरीश लाल, हरिओम मन्दिर के अध्यक्ष जे पी नागपाल, मुरलीधर आहूजा, नानक चंद लखमानी, हंसराज राजपाल, सुरेश तेजवानी कन्हैया लाल चंदानी, संतोष हिरवानी समेत सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।






















