Wednesday, January 28, 2026
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जेल में ‘खुला खेल’! AIG की वसूली जारी,प्रमुख सचिव कारागार पर उठे सवाल

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जेल में ‘खुला खेल’! AIG की वसूली जारी,प्रमुख सचिव कारागार पर उठे सवाल
जेल में ‘खुला खेल’! AIG की वसूली जारी,प्रमुख सचिव कारागार पर उठे सवाल
राकेश यादव
राकेश यादव

एआईजी जेल की वसूली पर अंकुश नहीं लगा पा रहे प्रमुख सचिव कारागार! मोटी रकम देकर अभी भी कमाऊ जेल पहुंच रहे जेलर व डिप्टी जेलर। एआईजी के लिए विशेष ड्यूटी बनी वसूली का जरिया। जेल में ‘खुला खेल’! AIG की वसूली जारी, प्रमुख सचिव कारागार पर उठे सवाल।

लखनऊ। प्रदेश के कारागार विभाग में मोटी रकम देकर कमाऊ जेलों पर विशेष ड्यूटी लगवाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। जेलकर्मियों के बाद अब जेल अधिकारी भी कमाऊ जेलों पर विशेष ड्यूटी लगवाकर वसूली करने में जुटे हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि प्रमुख सचिव के निर्देश के बाद भी दर्जनों की संख्या में जेलर, डिप्टी जेलर विशेष ड्यूटी लगवाकर कमाऊ जेलों पर पहुंच रहे हैं। ऐसा तब है जब विशेष ड्यूटी पर लगे कर्मियों को समयावधि पूरी होने पर मूल तैनाती स्थल पर वापस किए जाने का निर्देश जारी किया गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कारागार मुख्यालय के एआईजी प्रशासन धर्मेंद्र सिंह विशेष ड्यूटी लगाने के नाम पर अधिकारियों और जेल सुरक्षाकर्मियों से मोटी रकम वसूल कर उन्हें कमाऊ जेलों पर भेज रहे हैं। इस वसूली पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख सचिव कारागार के निर्देश पर विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई। जिसमें पता चला कि कई अधिकारी और जेल कर्मी जिनकी दो तीन माह के लिए विशेष ड्यूटी लगाई गई थी वह समयावधि पूरी होने के बाद भी उन्हीं जेलों पर डेरा डाले हुए हैं। बैठक में विभागाध्यक्ष ने मातहत अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रशासनिक आधार को छोड़कर जो भी जेल वार्डर और हेड वार्डर विभिन्न जेलों पर संबंध हैं या विशेष ड्यूटी में है और उनकी समयावधि समाप्त हो चुकी है। उनकी तत्काल अपने मूल कारागार पर वापसी सुनिश्चित करें।

सूत्रों का कहना है विभागाध्यक्ष के निर्देश के बाद भी एआईजी जेल प्रशासन का मोटी रकम लेकर जेल अधिकारियों और कर्मियों की कमाऊ जेलों पर विशेष ड्यूटी लगाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। बीते दिनों मथुरा जेल में तैनात एक महिला डिप्टी जेलर की प्रयागराज जेल पर अस्थाई ड्यूटी लगाई गई। महिला को दो माह ही बीते थे कि उसकी गाजियाबाद जेल पर विशेष ड्यूटी लगा दी गई। इसी प्रकार आगरा जेल पर तैनात एक महिला अधीक्षक की ड्यूटी मऊ जेल पर लगा दी गई। इसी प्रकार लखनऊ जेल से एक डिप्टी जेलर को फिरोजाबाद जेल तो फतेहगढ़ जिला जेल से हेड वार्डर राजेश यादव की गृह जनपद गोरखपुर से सटी बस्ती जेल पर विशेष ड्यूटी लगा दी गई। इससे पूर्व झांसी जेल पर तैनात जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता की बागपत, आजमगढ़ के जेलर विकास कटियार की फिरोजाबाद, एटा में तैनात जेलर प्रदीप कश्यप की नैनी सेंट्रल जेल पर तीन तीन माह के लिए विशेष ड्यूटी लगाई गई थी यह तीनों ही अधिकारी पिछले सात आठ माह से कमाऊ जेलों पर मौज काट रहे हैं। उधर इस संबंध में जब प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो हर बार की तरह इस बार भी उन्होंने फोन नहीं उठाया।

स्थानांतरण के आठ माह बाद भी जेल पर जमा बाबू

प्रदेश के कारागार विभाग की महिमा अपरंपार है। इस विभाग में स्थानांतरित बाबुओं को रिलीव नहीं किया जाता है वहीं लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे बाबुओं को प्रमोशन के बाद भी स्थानांतरित नहीं किया जाता है। सूत्रों का कहना है फरारी को लेकर सुर्खियों में आई कन्नौज जेल में तैनात बाबू पंकज कटियार का स्थानांतरण सत्र के दौरान आगरा जेल पर तबादला किया गया। इसको आजतक रिलीव ही नहीं किया गया ही। इसी प्रकार आगरा जेल परिक्षेत्र में बीते करीब 18 साल से तैनात वरिष्ठ सहायक के रंजना कमलेश के दो दो प्रमोशन होने के बाद भी आज तक इनको स्थानांतरित नहीं किया गया। रंजना कमलेश और पंकज शर्मा के कॉकस से परिक्षेत्र की जेलों के कर्मियों का जमकर दोहन किया जा रहा है। जेल में ‘खुला खेल’! AIG की वसूली जारी,प्रमुख सचिव कारागार पर उठे सवाल