
यदि महिला का मासिक चक्र 28 दिन का है, तो उसके डिंबोत्सर्जन का समय 11वें से 14वें दिन के बीच हो सकता है। हालांकि, सभी महिलाओं की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए डिंबोत्सर्जन के एकदम सटीक समय का पता लगाना मुश्किल होता है।
मां बनना हर महिला के लिए खास और सुखद अनुभव होता है। कुछ लोग शादी के तुरंत बाद ही गर्भधारण करने की कोशिश करते हैं, जबकि कुछ लोग थोड़ा समय लेकर बच्चे की योजना बनाते हैं। बच्चे को जन्म देना एक महिला के लिए सबसे संतोषजनक और परमानंद की भावनाओं में से एक है । जहाँ कुछ महिलाएं आसानी से गर्भवती हो जाती हैं, वहीं अन्य महिलाओं को गर्भवती होने के लिए थोड़ा इंतज़ार करना पड़ सकता है।

गर्भधारण करने के लिए महिला को सबसे पहले अपने मासिक चक्र की सही तारीख याद रखनी चाहिए। इसका कारण यह है कि मासिक धर्म शुरू होने के करीब बारह से चौदह दिन पहले का समय अंडोत्सर्ग का समय होता है और इस अवधि में सेक्स करने से महिला गर्भवती हो सकती है।
अंडोत्सर्ग की अवधि के दौरान महिलाओं के शरीर में कुछ अलग लक्षण दिखायी देते हैं और इस दौरान उन्हें सेक्स करने का खूब मन करता है। अंडोत्सर्ग का समय मासिक धर्म शुरू होने के सात दिन पहले तक रहता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि प्रेगनेंट होने के लिए आप सबसे पहले प्लानिंग बनाइये और अपने अंडोत्सर्ग की अवधि में खूब सेक्स कीजिए।
हालांकि, यदि आपने और आपके पति ने माता–पिता बनने का फैसला कर लिया है और अगर आप ऐसा जल्द ही चाहते हैं, तो यह लेख आपकी मदद कर सकता है। इस लेख में हम गर्भवती होने के विभिन्न घरेलू उपायों पर चर्चा करेंगे जो आपके माता–पिता बनने के सपने को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि गर्भधारण करने के लिए कोई पूर्ण–प्रमाणित घरेलू उपचार नहीं है, फिर भी निम्नलिखित तरीके आपको जल्द ही गर्भधारण करने में आपकी मदद कर सकते हैं।
जब आप गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हों, तो ऐसे कई कारक हैं जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है, जैसे कि आपका डिंबोत्सर्जन, आपके साथी के शुक्राणु की गुणवत्ता, आपकी जीवनशैली और आहार। यदि आप गर्भवती होने की कोशिश कर रही हैं, तो निम्नलिखित प्राकृतिक तरीके मददगार साबित हो सकते हैं……
खजूर विटामिन ए, बी, ई, लौह तत्व और अन्य आवश्यक खनिजों से परिपूर्ण एक समृद्ध स्रोत है। खजूर में अत्यधिक पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो आपके लिए गर्भधारण के समय और गर्भावस्था के दौरान भी उपयुक्त व लाभकारी हो सकते हैं। 10-12 खजूर (बीज रहित) को दो चम्मच धनिया की जड़ों के साथ पीस लें और इस पेस्ट को एक कप गाय के दूध में मिलाकर उबाल लें। प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए मासिक धर्म के बाद लगभग एक सप्ताह तक इस मिश्रण का सेवन करें।
माका की जड़ महिलाओं और पुरुषों दोनों में बाँझपन के इलाज के लिए बेहद फायदेमंद हैं। यह जड़ शारीरिक हॉर्मोन के स्तर को संतुलित करके प्रजनन क्षमता में सुधार करने में फायदेमंद होती है। आप माका की जड़ के पाउडर को एक कप गर्म पानी या दूध के साथ, कुछ महीनों के लिए ले सकती हैं, लेकिन गर्भवती हो जाने पर इसका सेवन बंद कर दें।
कच्चा लहसुन खाएंए लहसुन का सेवनए गर्भवती होने के लिए प्रभावी प्राकृतिक उपचारों में से एक है। लहसुन को महिलाओं की प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए भी जाना जाता है। लहसुन की चार से पाँच फांके लें और उन्हें ऐसे ही कच्चा खाएं और इसे खाने के बाद एक गिलास गर्म दूध पिएं। प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए खासकर सर्दियों में इस प्रक्रिया को नियमित रूप से करें।
शरीर में विटामिन डी की कमी से बाँझपन और गर्भपात हो सकता है, इसलिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आप अपने शरीर में विटामिन डी की आवश्यकताओं को पूरा करें। कई वैज्ञानिक अनुसंधानों ने महिला प्रजनन क्षमता पर विटामिन डी की कमी के प्रतिकूल प्रभाव को साबित किया है। विटामिन डी प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि रोज़ सुबह की धूप में लगभग 10 मिनट के लिए रहें, या आप विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे अंडे की जर्दी और चीज़ भी खा सकती हैं।
स्थूल या भारी वज़न वाली महिलाओं की प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए सौंफ और मक्खन (बटर) का मिश्रण अत्यधिक प्रभावी है। सौंफ का पाउडर (लगभग 6 ग्राम) लें और शुद्ध मक्खन के दो भागों में इसे मिला लें और लगभग तीन से चार महीनों के लिए इस मिश्रण का सेवन करें।
यह मसाला महिला प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में फायदेमंद होता है। आप गर्भवती होने की संभावना को बढ़ाने के लिए अपने आहार में जायफल शामिल कर सकती हैं। समान मात्रा में जायफल पाउडर और चीनी पाउडर (लगभग 3 ग्राम प्रत्येक) लें और इसे अपनी मासिक धर्म के दौरान एक कप दूध (अधिमानतः गाय का दूध) के साथ पिएं।

यदि गर्भवती होने की संभावना को बढ़ाने के लिए आप योग और व्यायाम नहीं कर सकती हैं, तो अपनी प्रजनन क्षमता को बेहतर करने के लिए सौंफ और गुलाब की पंखुड़ियों का सेवन करें। 10 ग्राम सौंफ और 50 ग्राम गुलकंद को एक साथ मिलाएं और रोज़ाना रात को गर्म दूध (गाय के दूध) के साथ इस मिश्रण का सेवन करें।
गर्भवती होने की संभावना बढ़ाने के लिए आप सेंधा नमक का उपयोग कर सकती हैं। सेंधा नमक महिलाओं में बाँझपन से लड़ने में बहुत प्रभावी माना जाता है। एक चम्मच सेंधा नमक लें और इसे 750 मिली लीटर पानी में भिगो दें। सर्वोत्तम परिणाम के लिए तीन से छह महीनों तक इस पानी को रोज़ सुबह (सूर्योदय से पहले) पिएं।
आप इस सरल घरेलू उपाय का उपयोग करके गर्भवती होने की संभावना बढ़ा सकती हैं। अपने मासिक धर्म चक्र के चौथे दिन के बाद आप प्रभावी रूप से अपने रोज़मर्रा के आहार में सरसों का पेस्ट शामिल करें। सरसों महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में बहुत कारगर है, लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा इसका सेवन न करें।
तुलसी का उपयोग विभिन्न चिकित्सकीय बीमारियों और रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है। तुलसी का उपयोग महिलाएं बाँझपन के इलाज के लिए भी कर सकती हैं और यह अत्यधिक कारगर भी माना जाता है। रोज़ाना तुलसी की कुछ पत्तियों को (तीन से चार) चबाकर, एक गिलास दूध पीने से आपके गर्भधारण की संभावना में सुधार आ सकता है। इसके बदले प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए तुलसी के बीजों को भी खाया जा सकता है।
नोट :- प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए किसी भी घरेलू उपचार से पहले चिकित्सक से परामर्श ज़रूर लें।























