Sunday, February 15, 2026
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हाथरस केस में नक्सल कनेक्शन, भाभी बनकर रच रही थी साजिश

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हाथरस, प्रदेश के हाथरस मामले में हर दिन एक नया एंगल सामने आ रहा है। हाथरस पर मचे सियासी घमासान के बीच योगी सरकार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई और जांच के निर्देश दिए थे। हाथरस में हुए कथित गैंगरेप मामले की फिलहाल जांच चल रही है। इसी बीच हाथरस कांड में नक्सल कनेक्शन  सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।

एसआईटी की टीम मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली महिला की तलाश में जुटी है। बताया जा रहा है कि संदिग्ध नक्सली महिला पीड़िता के घर में भाभी बनकर रह रही थी। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि 16 सितंबर से लेकर 22 सितंबर तक पीड़िता के घर में रहकर नक्सली महिला बड़ी साजिश रच रही थी। इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि इस केस से जुड़े फंडिंग मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और भीम आर्मी के लिंक भी मिले हैं।

हाथरस कांड में सामने आया नक्सल कनेक्शन, नकली भाभी बनकर साजिश रच रही थी महिला- सूत्र  हाथरस कांड की जांच कर रही एसआईटी के सूत्र बताते हैं कि नक्सली महिला घूंघट ओढ़कर पुलिस और एसआईटी से बातचीत कर रही थी। वहीं घटना के 2 दिन बाद से ही संदिग्ध महिला पीड़िता के गांव पहुंच गई थी। आरोप है कि पीड़िता के ही घर में रहकर वह परिवार के लोगों को कथित रूप से भड़का रही थी।

पीड़िता की भाभी बनकर रहने वाली नक्सली एक्टिविस्ट महिला की कॉल डिटेल्स में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक विदेशी फंडिंग के साथ नक्सली कनेक्शन पर यूपी पुलिस व एसआईटी टीम काम कर रही है। इससे पहले एसआईटी की जांच में पहले जातीय वा सांप्रदायिक दंगे की साजिश का पर्दाफाश किया था।

पुलिस महिला व उसके करीबियों की तलाश में जुटी है। अभी भी 4 दर्जन लोगों से एसआईटी की टीम पूछताछ कर चुकी है। हाथरस केस में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो पीएफआई के सदस्य बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार सदस्यों में एक शख्स बहराइच के जरवल का रहने वाला है। इसके बाद से यूपी पुलिस सक्रिय हो गई है।

बहराइच पुलिस का कहना है कि ये इलाका इंडो-नेपाल सीमा से सटा हुआ है और पिछले कुछ समय में पीएफआई से जुड़े कुछ अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ऐसे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यूपी और देश के भीतर जातीय और सांप्रदायिक दंगे फैलाने के लिए भारत नेपाल सीमा पर पीएफआई की गतिविधियां क्या चल रही हैं?   

14 सितंबर को हाथरस के एक गांव में पीड़िता के साथ गैंगरेप का आरोप लगा। इलाज के 15 दिन बाद पीड़िता की मौत हो गई। पुलिस ने आधी रात में ही पीड़िता का दाह संस्कार कर दिया, इसके बाद यह मामला तूल पकड़ता गया। इस घटना ने सियासी रंग ले लिया, पीड़िता के परिवार को सुरक्षा देने की मांग उठी, इधर जांच के दौरान पीएफआई का नाम आया है।

पुलिस को जांच के दौरान भीम आर्मी और पीएफआई के इस मामले में संलिप्त होने के संकेत मिले हैं। अब पुलिस ने दोनों की मिलीभगत को लेकर जांच शुरू कर दी है।उत्तर प्रदेश के हाथरस मामले में हर दिन एक नया एंगल सामने आ रहा है, हाथरस पर मचे सियासी घमासान के बीच योगी सरकार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई और जांच के निर्देश दिए थे।  एसआईटी की टीम हाथरस मामले से जु़ड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं।