
लखनऊ, उत्तर प्रदेश में जल्द ही योगी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।2022 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार का यह आखिरी मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। इस बार न केवल जातीय समीकरणों के मुताबिक मंत्रिमंडल में समायोजन होगा, बल्कि क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने की भी सरकार की कोशिश रहेगी।योगी मंत्रिपरिषद में इस समय कुल 54 मंत्री हैं, इसमें 23 कैबिनेट मंत्री हैं, जबकि 9 स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री और 22 राज्य मंत्री हैं। मंत्रिमंडल मे अभी 6 मंत्रियों की जगह खाली है। इनमें से चार की जगह पहले से खाली थी। दो स्थान मंत्री चेतन चौहान और कमलरानी वरूण के निधन से रिक्त हुये हैं।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ मंत्रियों के कामकाज से नाखुश हैं। इसलिये उनकी छुट्टी कर उन्हें संगठन में भेजा जा सकता है। साथ हीं उम्रदराज मंत्रियों को भी दूसरी जिम्मेदारी दी जा सकती है। पिछले साल 19 अगस्त को मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल विस्तार किया था। उसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, सिंचाई मंत्री धर्मपाल और बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल को मंत्रिमंडल से हटा दिया था।
वहीं, माना जा रहा है कि योगी मंत्रिमंडल में दलितों और पिछड़ों को प्रमुख रूप से जगह दी जानी है। गठबंधन के अपना दल से आशीष पटेल मंत्री बनाये जा सकतें हैं। वहीं, अयोध्या के रूदौली से विधायक रामचंद्र यादव के भी मंत्रिमंडल मे शामिल किये जाने की चर्चा है।
सरकार में मंत्री कमल रानी वरुण के निधन के बाद मंत्रिमंडल में महिलाओं की तादाद भी कम हो गई है। इसलिये किसी एक महिला को मंत्री बनाया जा सकता है।प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान का कोरोना के चलते निधन हो गया था। उपचुनाव में उनकी पत्नी संगीता चौहान को जीत हासिल हुई है। वहीं बुलंदशहर में दिवंगत विधायक वीरेंद्र सिंह सिरोही की पत्नी ऊषा सिरोही भी उपचुनाव जीत गईं हैं। सूत्रों के अनुसार, इन दोनों में से किसी एक को मंत्री पद दिया जा सकता है।
इसके अलावा उपचुनाव में उन्नाव के बांगरमऊ से श्रीकांत कटियार, कानपुर के घाटमपुर से उपेंद्रनाथ पासवान, देवरिया के देवरिया सदर से डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी और फिरोजाबाद के टूंडला से प्रेमपाल धनगर ने जीत दर्ज की है। इनमें से भी किसी को मंत्रिमंडल में जगह मिलने के आसार हैं।























