Tuesday, February 10, 2026
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समृद्ध सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत रही है उ0प्र0

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  • मुख्यमंत्री से सेना समकक्ष संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों, सिविल सेवा अधिकारियों एवं मित्र देशों के प्रतिनिधिमण्डल ने शिष्टाचार भेंट की।
  • उ0प्र0 की समृद्ध सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत रही है।
  • भगवान श्रीराम की धरती अयोध्या औरभगवान श्रीकृष्ण की धरती मथुरा प्रदेश में स्थित हैं।
  • प्रदेश के पूर्व, पश्चिम, मध्य व बुन्देलखण्ड क्षेत्रों में सामाजिक व आर्थिक भिन्नताओं के बावजूद यह राज्य एकजुट होकर प्रति व्यक्ति आय की बढ़ोत्तरी में योगदान कर रहा।
  • उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरी।
  • प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर, लोक कल्याण, एम0एस0एम0ई0 व कृषि तथा अन्यक्षेत्र में हुए सार्थक कार्यों का परिणाम है कि उ0प्र0 एक समर्थ व सक्षम राज्य बना।
  • विभिन्न क्षेत्रों में 21 सेक्टोरल पाॅलिसीज केमाध्यम से निवेश को आकर्षित करने में सहायता मिली।
  • कोविड का प्रबन्धन योजनाबद्ध तरीके से करते हुएस्वास्थ्य व चिकित्सा के क्षेत्र में सुविधाओं की वृद्धि की गई।
  • परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित करने के लिए ‘एक जनपद,एक उत्पाद योजना’ देश की लोकप्रिय योजना।
  • ओ0डी0ओ0पी0 योजना आत्मनिर्भर उ0प्र0 तथा आत्मनिर्भर भारत का आधार बन रही।
  • पूरी पारदर्शिता के साथ 04 लाख युवाओं को सरकारीनौकरियां दी गईं, 03 करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया।
  • राज्य सरकार के प्रबन्धन के परिणामस्वरूप प्रयागराज कुम्भ-2019वैश्विक मंच पर सुरक्षा, सुव्यवस्था व स्वच्छता का प्रतीक बना।
  • वर्तमान में 08 एयरपोर्ट फंक्शनल, 17 एयरपोट्र्स परकार्य हो रहा, 05 अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट बन रहे।
  • अवस्थापना विकास से ‘ईज ऑफ़ लिविंग’ में सुधार आया।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज यहां उनके सरकारी आवास पर सेना समकक्ष संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों, सिविल सेवा अधिकारियों एवं मित्र देशों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का परिचय प्राप्त कर उनसे संवाद किया। इस प्रतिनिधिमण्डल में भारत सहित इण्डोनेशिया, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, श्रीलंका, वियतनाम, म्यांमार, सऊदी अरब आदि देशों के सैन्य अधिकारी शामिल रहे। यह प्रतिनिधिमण्डल इन दिनों उत्तर प्रदेश में अध्ययन भ्रमण पर है।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल के सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जिसकी आबादी 24 करोड़ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत भारत की केन्द्र बिन्दु रही है। यहां पर भगवान श्रीराम की धरती अयोध्या और भगवान श्रीकृष्ण की धरती मथुरा स्थित हैं।  सांस्कृतिक एवं प्राचीन नगरी काशी भी इसी प्रदेश में है। यहां समृद्ध आध्यात्मिक व सांस्कृतिक परम्पराओं के अलावा, पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन भी उपलब्ध हैं। प्रदेश के पूर्व, पश्चिम, मध्य व बुन्देलखण्ड क्षेत्रों में सामाजिक व आर्थिक भिन्नताओं के बावजूद यह राज्य एकजुट होकर प्रति व्यक्ति आय की बढ़ोत्तरी में योगदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था आज दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरी है। प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर, लोक कल्याण, एम0एस0एम0ई0 व कृषि तथा अन्य क्षेत्र में हुए सार्थक कार्यों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश एक समर्थ व सक्षम राज्य बना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने निवेश का बेहतर वातावरण तैयार किया है। अपराध और अपराधियों के प्रति राज्य सरकार की जीरो टाॅलरेंस की नीति रही है। सुरक्षा व कानून व्यवस्था पर विशेष फोकस कर निवेश को बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में 21 सेक्टोरल पाॅलिसीज के माध्यम से निवेश को आकर्षित करने में सहायता मिली है। ‘ईज ऑफ़ डूईंग बिजनेस’ के लिए भी सुधार किए गए। वर्ष 2015-16 में उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ़ डूईंग बिजनेस’ रैंकिंग में 14वें स्थान पर था, जो आज सरकार की नीतियों के माध्यम से दूसरे स्थान पर आ गया है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 03 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रदेश में आया है। टीम वर्क के माध्यम से जो प्रयास हुए हैं, उससे नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना प्रबन्धन का जो मानक और उदाहरण उत्तर प्रदेश ने प्रस्तुत किया है उसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित डब्ल्यू0एच0ओ0 ने भी की है। प्रदेश में लागू नीतियों के परिणामस्वरूप कोविड काल में भी 56 हजार करोड़ रुपए का निवेश आया। इस दौरान लगभग 40 लाख प्रवासी श्रमिक उत्तर प्रदेश में आए, जिनको किसी भी प्रकार की तकलीफ नहीं हुई। उन्हें रोजगार के अवसर भी प्रदान किए गए। हर जरूरतमन्द को भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड का प्रबन्धन योजनाबद्ध तरीके से करते हुए स्वास्थ्य व चिकित्सा के क्षेत्र में सुविधाओं की वृद्धि की गई। प्रदेश में कोविड के डेढ़ लाख बेड्स उपलब्ध हैं। वेण्टीलेटर और आॅक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है। टेस्टिंग, टेªसिंग और ट्रीटमेण्ट पर फोकस करते हुए कार्य किया गया है। व्यापक पैमाने पर आर0टी0पी0सी0आर0 और रैपिड एण्टीजेन टेस्ट कराए गए हैं। मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वर्चुअल आई0सी0यू0 संचालित किए गए, जिसका बड़े पैमाने पर लाभ कोविड नियंत्रण व उपचार में मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित करने के लिए ‘एक जनपद, एक उत्पाद योजना’ (ओ0डी0ओ0पी0) आज देश की लोकप्रिय योजना है। यह योजना आज आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश तथा आत्मनिर्भर भारत का आधार बन रही है। इससे परम्परागत उद्यम को नई उड़ान व पहचान मिली है। इसका परिणाम है कि प्रदेश में 50 लाख से अधिक एम0एस0एम0ई0 यूनिट्स की स्थापना हुई है।

उन्होंने कहा कि रोजगार सृजित करके युवा की ऊर्जा का उपयोग प्रदेश के विकास में सकारात्मक ढंग से किया गया है। स्टार्टअप और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर मिले हैं। पूरी पारदर्शिता के साथ 04 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं, 03 करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है।

राज्य सरकार के प्रबन्धन के परिणामस्वरूप प्रयागराज कुम्भ-2019 वैश्विक मंच पर सुरक्षा, सुव्यवस्था व स्वच्छता का प्रतीक बना। वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल 02 एयरपोर्ट फंक्शनल थे। वर्तमान में 08 एयरपोर्ट फंक्शनल हैं और 17 एयरपोट्र्स पर कार्य हो रहा है। 05 अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट बन रहे हैं। जेवर में एशिया के सबसे बड़े नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। इसका निर्माण विगत 30 वर्षों से लम्बित था, जिसका समाधान किया गया। कुशीनगर व अयोध्या में भी इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण का तेजी से कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों का संजाल बिछाते हुए कनेक्टिविटी को बढ़ाया गया है। 05 नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण अन्तिम चरण में है। इसी प्रकार, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर तेजी से कार्य चल रहा है। इससे डिफेंस काॅरिडोर को भी जोड़ा गया है। गोरखपुर व बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं।

मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य प्रारम्भ किए जाने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया संचालित है। विगत 04 वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 40 लाख आवास की व्यवस्था ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में की गई है। अवस्थापना विकास से ‘ईज ऑफ़ लिविंग’ में सुधार आया है। योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों को मिला है, जिसके अच्छे परिणाम दिखायी पड़ रहे हैं। पर्यटन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं।

मुख्यमंत्री को नेशनल डिफेंस काॅलेज, इण्डिया का स्मृति चिन्ह् भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों को ‘ओ0डी0ओ0पी0’ उत्पाद भेंट किए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंघल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।