योगी मंत्रिपरिषद के निर्णय

डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के नवीन परिसर, गोमतीनगर विस्तार योजना के प्रथम चरण के निर्माण कार्याें के सम्बन्ध में


लखनऊ। मंत्रिपरिषद ने डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के नवीन परिसर, गोमतीनगर विस्तार योजना के प्रथम चरण के निर्माण कार्याें की प्रायोजना के अन्तर्गत वाह्य विद्युत संयोजन हेतु 04 करोड़ 77 लाख 93 हजार 357 रुपये को प्रायोजना की पुनरीक्षित लागत 01 अरब 99 करोड़ 72 लाख 24 हजार रुपये में सम्मिलित करते हुए, कुल 02 अरब 04 करोड़ 50 लाख 17 हजार 357 रुपये एवं नियमानुसार वास्तविकता के आधार पर देय जी0एस0टी0 को सम्मिलित करते हुए व्यय के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।


उल्लेखनीय है कि डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में एम0बी0बी0एस0 के अतिरिक्त एम0डी0/एम0एस0 एवं डी0एम0/एम0सीएच0 पाठ्यक्रम संचालित हैं। संस्थान के गोमतीनगर विस्तार स्थित नवीन परिसर में संस्थान के छात्र/छात्राओं हेतु हाॅस्टल, नर्सेज हाॅस्टल, फैकल्टी रेजिडेंस, बेसमेंट पार्किंग एवं वाह्य विद्युत संयोजन सम्बन्धी कार्य प्रथम चरण के अन्तर्गत कराया जा रहा है।


जनपद मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे से वृन्दावन (पागल बाबा मन्दिर)तक 4-लेन मार्ग का निर्माण एवं मार्ग निर्माण के संरेखण में आ रहीयमुना नदी पर 2-लेन सेतु के निर्माण कार्य की व्यय वित्त समिति द्वाराअनुमोदित लागत 25155.03 लाख रु0 व्यय का प्रस्ताव अनुमोदित –


मंत्रिपरिषद ने जनपद मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे से वृन्दावन (पागल बाबा मन्दिर) तक (अन्य जिला मार्ग) 4-लेन मार्ग का निर्माण (लम्बाई 7.278 कि0मी0) एवं मार्ग निर्माण के संरेखण में आ रही यमुना नदी पर 2-लेन सेतु के निर्माण कार्य की व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित लागत 25155.03 लाख रुपये व्यय के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि प्राचीन नगरी मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली के रूप में देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसी नगरी के आसपास अन्य प्राचीन स्थल वृन्दावन, गोकुल, गोवर्धन, बरसाना आदि स्थान है, जहां पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाएं दिखायीं। इन प्राचीन स्थलों में वृन्दावन धाम एक अद्वितीय स्थान है। यहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री दर्शनार्थ यमुना एक्सप्रेस-वे, एन0एच0-02 एवं पी0बी0एम0बी0 (एस0एच0-33) होते हुए इस मार्ग से आते हैं। सप्ताहांत एवं धार्मिक आयोजनों के अवसर पर इस मार्ग पर यातायात का घनत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। उपलब्ध मार्ग की चैड़ाई यातायात घनत्व को देखते हुए उपयुक्त नहीं है। इसे बढ़ाकर 04 लेन किया जाना अति आवश्यक है। प्रश्नगत मार्ग के निर्माण हो जाने से इन प्राचीन स्थलों को देखने के लिए देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालु/तीर्थयात्रियों तथा क्षेत्रीय जनमानस को आवागमन में सुविधा होगी।


जनपद सहारनपुर में एन0एच0-709बी (चुनहेटी) से अम्बाला रोड होते हुए दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग (एस0एच0-57) के कि0मी0 171.00 (देवला) तक 04-लेन बाईपास मार्ग के निर्माण के सम्बन्ध में —
मंत्रिपरिषद ने जनपद सहारनपुर में एन0एच0-709बी (चुनहेटी) से अम्बाला रोड होते हुए दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग (एस0एच0-57) के कि0मी0 171.00 (देवला) तक (लम्बाई 19.125 कि0मी0) 04-लेन बाईपास मार्ग के निर्माण की सम्पूर्ण प्रायोजना की व्यय-वित्त समिति द्वारा अनुमोदित लागत 20022.13 लाख रुपये के व्यय के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।


ज्ञातव्य है कि जनपद सहारनपुर के एक ओर हरियाणा राज्य के जिला यमुना नगर एवं अम्बाला और दूसरी ओर उत्तराखण्ड राज्य के जिला देहरादून व हरिद्वार स्थित हैं। जनपद सहारनपुर में राज्य राजमार्ग सं0 57 के कि0मी0 187 से पौराणिक माँ शाकुम्भरी देवी तक शक्तिपीठ आने जाने का एक मात्र रास्ता है। माँ शाकुम्भरी देवी धाम में लगने वाले मेले में हरियाणा, उत्तराखण्ड एवं जनपद मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ आदि से श्रद्धालु इसी मार्ग का प्रयोग करते हुए आते हैं। यह परियोजना जनपद सहारनपुर को जाम से मुक्ति दिलाने एवं माँ शाकुम्भरी देवी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं हेतु पर्यटन की दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण है।

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