
मुख्यमंत्री ने ’उ0प्र0 फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित किया।मुख्यमंत्री के समक्ष औषधि, चिकित्सा उपकरण एवं सम्बद्ध क्षेत्रों में 5,525 करोड़ रु0 के 11 एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
प्रदेश में फार्मा सेक्टर के लिए बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सबसे बड़ा कन्ज्यूमर मार्केट और वर्कफोर्स उपलब्ध।
प्रधानमंत्री की विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने तथा प्रदेश को फार्मा सेक्टर में अग्रणी मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित। प्रदेश सरकार प्रत्येक निवेशक को ‘सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड‘ की गारण्टी उपलब्ध कराती।
उ0प्र0 ट्रस्ट, ट्रान्सफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी के रोल मॉडल के रूप में अपनी पहचान बना रहा। फैक्ट्री से लेकर फार्मेसी तक एक सीम-लेस सप्लाई चेन नेटवर्क प्रदेश में विकसित की गयी। प्रदेश में स्थापित मेडिकल डिवाइस पार्क में अब तक 100 से अधिक फार्मा कम्पनियां जुड़ चुकी। जनपद ललितपुर के फार्मा पार्क को हब एण्ड स्पोक मॉडल के रूप में विकसित करते हुए आर0 एण्ड डी0 की बेहतरीन फैसिलिटी उपलब्ध करायी जाएगी। सरकार लखनऊ में एक वर्ल्ड क्लास फार्मा इन्स्टीट्यूट के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही।
उ0प्र0 देश की इकोनॉमी का ब्रेक-थ्रू स्टेट बनकर उभरा।प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस राज्य के रूप में कार्य कर रहा,आई0आई0टी0 कानपुर के सहयोग से 1,200 करोड़ रु0 की लागत से मेड-टेक का सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स विकसित किया जा रहा।प्रदेश में सरकारी योजनाओं में ‘पिक एण्ड चूज’ तथा पॉलिसी पैरालिसिस की स्थिति नहीं।
वर्ष 2017 से अब तक 50 लाख करोड़ रु0 के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, 20 लाख करोड़ रु0 के निवेश प्रस्तावों की ग्राउण्ड ब्रेकिंग की गई।ए0आई0 मिशन के लिए 2,000 करोड़ रु0 की घोषणा की गयी, इसे 03 वर्ष में आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा,उ0प्र0 पहला राज्य, जहां इण्डस्ट्री में जीरो पॉलिटिकल इण्टरफेरेन्स।
बुन्देलखण्ड-झांसी क्षेत्र में 56,000 एकड़ लैण्ड में बीडा नाम से नया इण्डस्ट्रियल जोन और नई सिटी विकसित की जा रही।
देश में डी-रेगुलेशन रैंकिंग में प्रदेश प्रथम स्थान पर, उ0प्र0 फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने वाला प्रमुख राज्य बनकर उभर रहा : केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री
लखनऊ। प्रदेश में फार्मा सेक्टर के लिए बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सबसे बड़ा कन्ज्यूमर मार्केट और वर्कफोर्स उपलब्ध है। प्रदेश सरकार अपने प्रत्येक निवेशक को ‘ट्रिपल एस’ अर्थात् ‘सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड‘ की गारण्टी उपलब्ध कराती है। आज उत्तर प्रदेश ट्रस्ट, ट्रान्सफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी के रोल मॉडल के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने तथा प्रदेश को फार्मा सेक्टर में अग्रणी मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है।
यहां वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के महासंगम ’उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के शुभारम्भ अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री जी के समक्ष औषधि, चिकित्सा उपकरण एवं सम्बद्ध क्षेत्रों में 5,525 करोड़ रुपए के 11 एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया तथा ’उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ व ’डेस्टिनेशन उत्तर प्रदेश’ पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।उत्तर प्रदेश की स्थिति अच्छी नहीं थी। हम प्रदेश को अन्धकार युग के लम्बे कालखण्ड से उबारने में सफल हुए। आज हम इस स्थिति में हैं कि यहां फार्मा कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहे हैं। पहले कॉन्क्लेव के सफल आयोजन हेतु उत्तर प्रदेश ने पूरी तैयारियां की है। सरकार ने फार्मा के क्षेत्र में अनेक सम्भावनाओं को प्रदेश में आगे बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ललितपुर प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से अत्यन्त समृद्ध जनपद है। प्रदेश के पहले फार्मा पार्क के लिए ललितपुर में भूमि अधिग्रहीत की गई। उसे विकसित कर भूमि आवण्टन की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से देश के सबसे बड़े जेवर इण्टरनेशनल एयरपोर्ट को इसी माह राष्ट्र को समर्पित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी से सटे हुए लगभग 350 एकड़ क्षेत्रफल में मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया है। इसे तेजी के साथ विकसित किया जा रहा है।
प्रदेश में स्थापित मेडिकल डिवाइस पार्क में अब तक 100 से अधिक फार्मा कम्पनियां जुड़ चुकी हैं। यहां पर यू0एस0एफ0डी0ए0 टेस्टिंग लैब स्थापित करने का कार्य प्रारम्भ किया गया है। जनपद ललितपुर के फार्मा पार्क को हब एण्ड स्पोक मॉडल के रूप में विकसित करते हुए आर0 एण्ड डी0 की बेहतरीन फैसिलिटी उपलब्ध करायी जाएगी। सरकार लखनऊ में एक वर्ल्ड क्लास फार्मा इन्स्टीट्यूट के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है। गौतमबुद्धनगर, बरेली तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी फार्मा पार्क को विकसित करने का कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदेश में फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस नीति के अन्तर्गत सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी, आर0 एण्ड डी0 तथा एक्सपोर्ट में बेहतरीन इन्सेन्टिव की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश में एफ0डी0आई0 एण्ड फॉर्च्यून-500 पॉलिसी के अन्तर्गत एफ0डी0आई0 को आमंत्रित करने का बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराया गया है।
राज्य सरकार के पास लैण्ड बैंक है। बेहतरीन सुरक्षा तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुविधा है। प्लग एण्ड प्ले के लिए सरकार ने अधिकारियों को उद्यमियों को सस्ती भूमि उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया है। रिसर्च एण्ड डेवलपमेन्ट की अच्छी सुविधा का विकास करने के लिए जितनी धनराशि की आवश्यकता है, राज्य सरकार लगाएगी। आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं, बल्कि देश की इकोनॉमी का ब्रेक-थ्रू स्टेट बन कर उभरा है। उत्तर प्रदेश आज रेवेन्यू सरप्लस राज्य के रूप में कार्य कर रहा है। हमें प्रदेश में ऐसा ईकोसिस्टम बनाना है, जहां विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में मिलकर कार्य करने के बेहतर परिणाम सामने आएंगे। आज प्रदेश में बेरोजगारी दर 2.30 प्रतिशत है। यह देश में न्यूनतम है। 25 करोड़ की आबादी में 56 से 60 प्रतिशत आबादी स्किल्ड वर्कफोर्स है। इस बड़ी आबादी के रोजगार के लिये रिफॉर्म किये गये तथा उन्हें सुविधाएं दी गयीं।
प्रदेश में अनेक सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स मौजूद हैं। आई0आई0टी0 कानपुर के सहयोग से 1,200 करोड़ रुपये की लागत से मेड-टेक का सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स विकसित किया जा रहा है। इसमें राज्य सरकार तथा आई0आई0टी0 कानपुर के पूर्व छात्र सहयोग कर रहे हैं। प्रदेश में दूसरे सेण्टर के रूप में एस0जी0पी0जी0आई0 विकसित हो रहा है। लखनऊ में सी0डी0आर0आई0 व एन0बी0आर0आई0 जैसे राष्ट्रीय स्तर की चार केन्द्रीय लैबोरेट्रीज स्थित हैं।
उत्तर प्रदेश में आज से 05 वर्ष पहले मात्र डेढ़ एक्सप्रेस-वे थे। वर्तमान में देश के एक्सप्रेस-वे का 55 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। प्रदेश की इण्टरनेशनल और नेशनल कनेक्टिविटी फोरलेन से जुड़ी है। हर जनपद मुख्यालय फोरलेन और तहसील तथा ब्लॉक मुख्यालय फोरलेन व टू लेन से जुड़े हैं। प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी तथा पर्याप्त जल संसाधन मौजूद है। रेलवे का सबसे बड़ा नेटवर्क प्रदेश में मौजूद है। देश में सर्वाधिक शहरों में मेट्रो का संचालन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। देश का पहला इनलैण्ड वॉटर-वे और पहली रैपिड रेल यहीं संचालित हो रही है। सबसे अधिक एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोरखपुर से दिल्ली जाने के लिए लखनऊ आना होता था और तब लखनऊ से दिल्ली जाना होता था।
गोरखपुर से लखनऊ आने में 06 घण्टे लगते थे। आज कोई भी लखनऊ से गोरखपुर मात्र 03 घण्टे में पहुंच सकता है। गोरखपुर हाई-वे और एक्सप्रेस-वे से जुड़ गया है। पहले गोरखपुर से केवल एक फ्लाइट थी, उसकी उड़ान भी कभी-कभी ही थी। आज गोरखपुर से 14 फ्लाइट हैं, जो देश के अलग-अलग शहरों से जुड़ी हुई हैं। वर्तमान में प्रदेश में 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं, जबकि पहले केवल दो एयरपोर्ट पूर्ण रूप से और दो आंशिक रूप से क्रियाशील थे। वर्तमान में प्रदेश में चार इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। पांचवा नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट इसी माह राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। ईस्टर्न तथा वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर प्रदेश से होकर गुजरते हैं, जिनका जंक्शन जनपद गौतमबुद्धनगर के दादरी में है। प्रदेश सरकार यहां लॉजिस्टिक का वर्ल्ड क्लास सेण्टर विकसित कर रही है।
प्रदेश में अब सरकारी योजनाओं में ‘पिक एण्ड चूज’ तथा पॉलिसी पैरालिसिस की स्थिति नहीं है। प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों से सम्बन्धित 34 सेक्टोरियल पॉलिसीज मौजूद हैं। सभी निवेशकों को सिंगल विण्डो प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। निवेशकों को पॉलिसी के दायरे में रहकर समय पर इन्सेन्टिव दिया जा रहा है। प्रत्येक स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग तथा जवाबदेही तय की जाती है। बेहतर कनेक्टिविटी, इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा निवेश का अच्छा माहौल देने के साथ ही, प्रदेश देश के उन बड़े राज्यों में से एक है, जिन्होंने अपना फॉरेस्ट कवर भी बढ़ाया है। भौतिक विकास के साथ ही पर्यावरण पर भी ध्यान देते हुए प्रदेश सरकार ने विगत 09 वर्षों में अपने फॉरेस्ट कवर को भी तेजी के साथ विकसित किया है।
पहले प्रदेश में सरकारी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज, निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज की तुलना में कम थे। अस्पतालों की स्थिति बहुत दयनीय थी। हमारी सरकार ने पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित राज्य के 38 जनपदों में जापानी इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारी को पूरी तरह समाप्त करने में सफलता प्राप्त की है। यह कार्य सरकार की साफ नीयत तथा स्पष्ट नीतियों से सम्भव हुए हैं।

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2012 से वर्ष 2017 के बीच 900 से अधिक दंगे हुए थे। प्रदेश में असुरक्षा का माहौल था। उद्यमी यहां से पलायन कर रहे थे। हमने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में इस चुनौती को स्वीकार करते हुए हर नागरिक के मन में विश्वास पैदा करने की दिशा में कदम बढ़ाए। प्रदेश सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। इसका परिणाम है कि विगत 09 वर्षों में प्रदेश में सभी पर्व और त्योहार सकुशल सम्पन्न हुए हैं। प्रदेश से अविश्वास, असुरक्षा तथा अराजकता का दौर अब जा चुका है।
उत्तर प्रदेश निवेश के एक बेहतरीन गन्तव्य के रूप में स्थापित हुआ है। प्रदेश में निवेशकों के साथ बेहतरीन संवाद के परिणामस्वरूप, वर्ष 2017 से अब तक 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की अलग-अलग समय में ग्राउण्ड ब्रेकिंग की गई है। इनमें अधिकांश में उत्पादन शुरू भी हो गया है। इसी माह दिल्ली में ए0आई0 कॉन्क्लेव होने वाली है। इससे पूर्व, देश के अलग-अलग राज्यों में कॉन्क्लेव हुई हैं। मेडिकल फील्ड में उत्तर प्रदेश ए0आई0 का प्रयोग करते हुए किस प्रकार अहम भूमिका निभा सकता है, इस पर आधारित ‘यू0पी0 ए0आई0 एण्ड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेन्स को उत्तर प्रदेश ने लीड किया था। सरकार ने प्रदेश के ए0आई0 मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये की घोषणा की थी, जिसे 03 वर्ष में आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षां में हमने बदलते भारत को देखा है। वर्ष 2014 से पूर्व भारत को लोग गंभीरता से नहीं लेते थे। आज वही भारत जब अपनी नीतियों पर अडिग रहता है, तो बड़ी-बड़ी वैश्विक ताकतों को भारत के सामने झुकना पड़ता है। भारत अपनी नीतियों का स्वयं पालन कर रहा है और दुनिया को अपनी नीतियों की ओर ले जाने का कार्य कर रहा है। भारत अपना नियन्ता स्वयं बनेगा। प्रधानमंत्री तथा यू0एस0ए0 के प्रेसिडेण्ट श्री डोनाल्ड ट्रम्प का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यू0एस0ए0 ने कल टैरिफ में रोल बैक करते हुए भारत के टैरिफ को कम किया है और भारत को एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में माना है। ऐसा इसलिए सम्भव हुआ, क्योंकि भारत अपनी नीतियों पर अडिग था। यह भारत के विकसित भारत की दिशा में बढ़ते हुए कदम हैं। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से प्रदेश तेजी से ए0आई0, जेनॉमिक्स, टेलीमेडिसिन, प्रेसिजन मेडिसिन, डीप टेक, मेड टेक, हेल्थ टेक और क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ा है।
फार्मा कॉन्क्लेव के अवसर पर एम0ओ0यू0 करने वाली कम्पनियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने सरकार पर विश्वास करते हुए प्रदेश में निवेश की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाया है। वैश्विक स्तर पर फार्मास्यूटिकल सेक्टर में भारत 200 से अधिक देशों के साथ अपनी दवाइयों की आपूर्ति के माध्यम से जुड़ा हुआ है। कोविड कालखण्ड में भारत ने 100 से अधिक देशों को जीवन के लिए महत्वपूर्ण कोविड वैक्सीन देकर अपनी मित्रता का एहसास कराया था। विगत 09 वर्षों में सरकार के प्रयास से प्रदेश में निवेश का बेहतर वातावरण बना है, जहां निवेशक प्रत्येक फील्ड में आत्मसन्तुष्टि के भाव से कार्य करते हैं। उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जहां इण्डस्ट्री में जीरो पॉलिटिकल इण्टरफेरेन्स है। यहां निवेशक निवेश कर उद्यम लगाते हैं, सरकार से इन्सेन्टिव लेते हैं, और बिना किसी हस्तक्षेप के सम्मानजनक तरीके से आगे बढ़ते हैं। किसी निवेशक को किसी भी स्तर पर कोई समस्या न हो, इसके लिए सरकार प्रतिदिन समीक्षा करती है। फैक्ट्री से लेकर फार्मेसी तक एक सीम-लेस सप्लाई चेन नेटवर्क प्रदेश में विकसित की गयी है।
बुन्देलखण्ड-झांसी क्षेत्र में 56,000 एकड़ लैण्ड में बीडा नाम से नया इण्डस्ट्रियल जोन और नई सिटी विकसित की जा रही है। सरकार के पास पूर्व से ही 25,000 एकड़ का लैण्ड बैंक मौजूद था। वर्ष 2017 में प्रदेश में ढूंढने पर भी लैण्ड बैंक नहीं मिल पाता था। जमीनों पर माफियाओं का कब्जा था। वर्ष 2017 के बाद एण्टी भू-माफिया टास्क फोर्स गठित करते हुए चेतावनी दी गयी कि किसी भी सरकारी भूमि पर यदि किसी भू-माफिया का कब्जा है, तो तत्काल छोड़ दें। परिणामस्वरूप, 24 घण्टे के अन्दर 65,000 एकड़ जमीन खाली हो गयी, जो हमारा लैण्ड बैंक बना।
नोएडा व ग्रेटर नोएडा जैसे प्राधिकरणों में विगत 46 वर्षों में 34,000 एकड़ का लैण्ड बैंक विकसित किया गया, जबकि अकेले बीडा को 56,000 एकड़ लैण्ड में विकसित किया जा रहा है। अगले 02 वर्षों में वहां निवेश प्रारम्भ हो जाएंगे। यहां भूमि आवण्टन की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है। हम यहां एयरपोर्ट, बेहतर कनेक्टिविटी, जल संसाधन, अच्छा लॉजिस्टिक व अन्य सुविधाएं देने जा रहे हैं। कच्चे माल के स्रोत, सप्लाई चेन मार्केट, वैल्यू चेन के साथ पर्याप्त स्किल यहां पर मौजूद है।
आज प्रदेश में स्किल, साइन्स और स्टार्टअप्स की त्रिवेणी है। आज प्रदेश में रूल ऑफ लॉ है। कानून के साथ खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं है। देश में डी-रेगुलेशन रैंकिंग में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में देश का टॉप अचीवर स्टेट है। डी-क्रिमिनलाइजेशन के माध्यम से सरकार ने 13 एक्ट के आपराधिक प्राविधानों को समाप्त कर इण्डस्ट्री को बेखौफ होकर कार्य करने की सुविधा उपलब्ध कराई है। एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में निवेशकों को 1,000 दिन तक किसी भी प्रकार की एन0ओ0सी0 से मुक्त किया गया है। अन्य सेक्टरों में भी निवेश नियमों का सरलीकरण किया जा रहा है।वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में कुल 14,000 कारखाने संचालित थे। विगत 09 वर्षों में डबल इंजन सरकार की डबल स्पीड के कारण इनकी संख्या बढ़कर 30,000 से अधिक हो गयी है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट‘ योजना के माध्यम से प्रदेश के लोकल उत्पाद को ग्लोबल बनाया जा रहा है। देश की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट का 60 प्रतिशत प्रोडक्शन प्रदेश में हो रहा है।
इस अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने वाला प्रमुख राज्य बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश जिस उद्यमिता और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, उसमें उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक है। आज उत्तर प्रदेश विश्वसनीय मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हो रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण के कारण उत्तर प्रदेश फार्मा निवेश का पसंदीदा गन्तव्य बन रहा है। केन्द्र की नीतिगत दृष्टि और उत्तर प्रदेश सरकार के जमीनी प्रयास प्रदेश को फार्मा और बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केन्द्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद के0 पॉल, रामकी ग्रुप के चेयरमैन तथा राज्य सभा सदस्य अयोध्या रामी रेड्डी, टोरेन्ट फार्मास्युटिकल्स के वाइस चेयरमैन जीनल मेहता, मैनकाइण्ड फार्मा के चेयरमैन रमेश जुनेजा, डॉ0 रेड्डीज लेबोरेटरीज के चेयरमैन सतीश रेड्डी, जाइडस लाइफ़ साइंसेज के चेयरमैन पंकज रमन भाई पटेल तथा सन फार्मास्युटिकल्स के चेयरमैन दिलीप सांघवी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी‘, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवन्त सिंह सैनी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


























