समाजवादी आंदोलन का मूलमंत्र सामाजिक न्याय व सामाजिक समानता है-लौटनराम निषाद

114

समाजवादी आंदोलन का मूलमंत्र सामाजिक न्याय व सामाजिक समानता है-लौटनराम निषाद

गरीबों,पीड़ितों की मदद करना अपराध है तो ऐसा अपराध बार-बार करूँगा-अफजाल अंसारी

गाजीपुर। गाजीपुर संसदीय क्षेत्र के जखनियां विधानसभा क्षेत्रांतर्गत नगर बाबा जंगली महाविद्यालय सलेमपुर में आयोजित पीडीए महापंचायत को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित करते हुए समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि समाजवादियों ने हमेशा से सामाजिक न्याय,समता,समानता, भाईचारा की लड़ाई लड़ी है और सामाजिक न्याय,सामाजिक  समानता व सबकी तरक्की व सामाजिक गैरबराबरी को पाटना सदैव से समाजवादी आंदोलन का मूलमंत्र रहा है।

सभी समाजवादी आंदोलन के नेताओं का निर्विवाद और आमसहमति से यह मानना रहा है कि जो समाज आर्थिक,
राजनैतिक और सामाजिक रूप से पिछड़ा है,उसे विशेष अवसर प्रदान कर समाज और विकास के मुख्य धारा में लाया जाए।

भाजपा सरकार ओबीसी,एससी,एसटी को आरक्षण के मिले इस विशेष अवसर को समाप्त करने की साजिश रच रही है। उन्होंने पार्टी द्वारा आयोजित किये जा रहे सामाजिक न्याय सम्मेलन के बारे में कहा कि पीडीए एक ऐसा जनांदोलन है,जिसका उद्देश्य समाज के पिछड़े,दलित,शोषित और वंचितों को उनके हक-अधिकार के प्रति जागरूक करना और भाजपा सरकार की दलित और पिछड़ा विरोधी नीतियों से आगाह करना है।

उन्होंने कहा कि आज की वर्तमान भाजपा सरकार को इस देश के गरीबों,पिछङों, दलितों,शोषितों,छात्र-नौजवानों,किसानों और वंचितों से कुछ भी लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जातीय जनगणना का होना बहुत आवश्यक है।

जातिगत आँकड़ा सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक है।कहा कि निषाद पार्टी संजय निषाद एंड फेमिली की प्रा.लि.ठग कम्पनी है।सुभासभा मंगरू एं चंगू मंगू की सौदेबाज कम्पनी है।भाजपा आरएसएस के इशारे पर भारतीय संविधान को खत्म कर मनु स्मृति की वर्ण व्यवस्था व गुरू गोलवलकर की बंच ऑफ थाट्स व वी ऑर अवर नेशनहुड डिफॉइंड की ओबीसी,एससी,एसटी विरोधी नीतियों को लागू करने में जुटी हुई  है।

गाजीपुर से सपा के घोषित प्रत्याशी अफजाल अंसारी ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार सामाजिक और आर्थिक विषमता को मिटाने के लिए संविधान में जो आरक्षण की व्यवस्था की गयी है,उसे समाप्त करना चाहती है।आगे कहा कि समाजवादी पार्टी शोषित,पीड़ित,वंचित समाज को सम्मान, संवैधानिक अधिकार और राजनीतिक भागीदारी देने के लिए संकल्पित है।

कहा कि पिछड़े-दलित,वंचित,पीङित की मदद करना व उनकी आवाज बनना मेरे संस्कार में है।29 दिसम्बर 2019 में निषाद आरक्षण आंदोलन में निषाद  और पुलिस पत्थरबाजी में सैकङों गाँव के बिन्द मल्लाहों पर पुलिस ने कहर बरपाया,3 दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया,हमने हाईकोर्ट से जमानत कराया।जोगा मुसाहिब  में सामंतों ने बसपा के 4 दलित कार्यकर्ताओं की हत्या कर लाश को नदी में फेंक दिया,हमले लाश को निकलवाकर न्याय की लड़ाई लङा,शेरपुर में जब सामूहिक रूप से दलितों की बस्ती को जला दिया और हत्या किया तो गाँव में जाकर उनकी लड़ाई लङा।

उन्होंने कहा कि अगर पिछड़ों, दलितों,वंचितों पीङितों की मदद करना व उनके न्याय की लड़ाई लङना अपराध है तो यह अपराध बार-बार करूँगा। भाजपा ने मेरे हास्पिटल, होटल,दुकान, मकान पर बुलडोजर चलाकर व सम्पत्ति,जमीन-जायदाद को कुर्क कर कमजोर करने व गवत तरीका अपनाकर मेरी संसद सदस्यता खत्म कर अयोग्य ठहराने का दुस्साहस किया,पर माननीय न्यायालय से हमें न्याय मिला।

  जंगली बाबा महाविद्यालय सलेमपुर के संस्थापक व समाजवादी शिक्षक सभा के जिलाध्यक्ष कमलेश उर्फ भानू यादव के संयोजकत्व में आयोजित पीडीए  महापंचायत की अध्यक्षता मकसूदन प्रजापति एवं धन्यवाद ज्ञापन जिलाध्यक्ष  गोपाल यादव ने किया। पीडीए महापंचायत को पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा,मोहम्मदाबाद के विधायक शोएब उर्फ मन्नू अंसारी,पूर्व विधायक त्रिवेणी राम,पूर्व मंत्री रमाशंकर राजभर, रामप्रवेश गोंड़, बलिराम पटेल,
मो.इस्राइल,गरीब राम,मकसूदन पांडेय,आजाद राय,नरसिंह यादव,अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष लल्लन राम,पप्पू कुशवाहा,रामनगीना यादव, संजय उर्फ पप्पू यादव, रामबचन यादव, सुबाष गोंड, अनिल यादव मुन्ना,मुसाफिर राम,राजेन्द्र यादव, रमेश सिंह, काशाराम,सुरेन्द्र यादव,जखनिया विधानसभाध्यक्ष अवधेश उर्फ राजू यादव,सुरेन्द्र यादव प्रधानाचार्य,घुरभारी यादव प्रधान, नंदलाल यादव पूर्व प्रधान आदि ने सम्बोधित किया।कार्यक्रम का संचालन  रामनगीना यादव ने किया।