तकनीक मानव के नियंत्रण में रहे,मानव तकनीक के अधीन नहीं

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तकनीक मानव के नियंत्रण में रहे,मानव तकनीक के अधीन नहीं
तकनीक मानव के नियंत्रण में रहे,मानव तकनीक के अधीन नहीं

मुख्यमंत्री ए0आई0 एण्ड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस में सम्मिलित हुए सही दिशा, भरोसे और समावेशन के साथ ए0आई0 स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, सटीक और न्याय संगत तरीके से आगे बढ़ा सकता। जब तकनीक संवेदना से जुड़ती, नीति नवाचार से संचालित होती और शासन विश्वास पर आधारित होता है, तो विकास समावेशी बनता और भविष्य सुरक्षित होता। हेल्थ केयर में ए0आई0 का उपयोग कर कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाना होगा, ताकि तकनीक का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को प्राप्त हो सके। ए0आई0 हमारे लिए सुविधा है, यह कार्यों को आसान बनाएगा और नई ऊंचाई प्रदान करने में योगदान देगा। तकनीक मानव द्वारा संचालित हो, किन्तु मानव उसके द्वारा संचालित न हो ए0आई0 का इस्तेमाल रीएक्टिव के स्थान पर प्रोएक्टिव अप्रोच के साथ करना होगा। ए0आई0 टूल के माध्यम से टी0बी0 रोगियों की पहचान की जा रही ए0आई0 टूल के माध्यम से बीमारियों के महामारी के रूप में संकट बनने से पूर्व उपचारित तथा नियंत्रित किया जा सकता। डबल इंजन सरकार आज डबल स्पीड से स्केल से स्किल और स्किल से स्पीड तक की यात्रा के साथ आगे बढ़ रही। प्रदेश सरकार ने तय किया कि लगभग 02 हजार करोड़ रु0 के यू0पी0 ए0आई0 मिशन को अगले तीन वर्षों में फेज वाइज आगे बढ़ाया जाएगा। तकनीक मानव के नियंत्रण में रहे,मानव तकनीक के अधीन नहीं

लखनऊ। आज भारत ने ए0आई0 को जिम्मेदारी व मजबूती के साथ अपनाया है। इसे तेजी के साथ आगे बढ़ाने में भारत एक निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा। सही दिशा, भरोसे और समावेशन के साथ ए0आई0 स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, सटीक और न्याय संगत तरीके से आगे बढ़ा सकता है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब तकनीक संवेदना से जुड़ती है, नीति नवाचार से संचालित होती है और शासन विश्वास पर आधारित होता है तो विकास समावेशी बनता है और भविष्य सुरक्षित होता है। ए0आई0 एण्ड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की विजनरी लीडरशिप में ए0आई0 इम्पैक्ट समिट-2026 कार्यक्रम के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश ए0आई0 इन हेल्थ केयर से सम्बन्धित इस कॉन्फ्रेंस को लीड कर रहा है। हमें हेल्थ केयर में ए0आई0 का उपयोग करके इस प्रकार कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाना होगा, ताकि इस तकनीक का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को प्राप्त हो सके। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि प्रधानमंत्री जी के विजन को प्रभावी ढंग से बढ़ाने के लिए लगभग 02 हजार करोड़ रुपये के यू0पी0 ए0आई0 मिशन को अगले तीन वर्षों में फेज वाइज आगे बढ़ाया जाएगा। ए0आई0 हमारे लिए सुविधा है। यह हमारे कार्यों को आसान बनाएगा और एक नई ऊंचाई प्रदान करने में योगदान देगा, लेकिन कोई भी तकनीक मानव द्वारा संचालित हो, किन्तु मानव उसके द्वारा संचालित न हो। आज उत्तर प्रदेश ए0आई0, सेमीकण्डक्टर, मेडटेक, डिजिटल इनोवेशन के माध्यम से तकनीक का प्रमुख केन्द्र बनकर उभरा है। ए0आई0 का उपयोग हेल्थ केयर के साथ ही एग्रीकल्चर, एजुकेशन इत्यादि क्षेत्रों में भी बढ़ा है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ए0आई0 का इस्तेमाल रीएक्टिव के स्थान पर प्रोएक्टिव अप्रोच के साथ करना होगा। स्वास्थ्य सेवाओं में दक्षता के साथ ही बीमारियों का पूर्वानुमान, उसके पैटर्न की पहचान तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में ए0आई0 के बेहतर उपयोग की दिशा में हम लोग आगे बढ़ रहे हैं। पेशेंट की केस स्टडी के डाटा को सुरक्षित करने, उसका विश्लेषण व उपयोग करने के साथ ही किसी क्षेत्र विशेष में स्पेसिफिक बीमारी से जुड़े मामलों पर फोकस्ड कार्यवाही में भी ए0आई0 का सदुपयोग किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश इस दिशा में वैश्विक शोध, नवाचार और निवेश का अग्रणी केन्द्र बनने की दिशा में तेजी के साथ आगे बढ़ा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज होना एक चैलेंज था। वर्ष 2017 के पूर्व प्रदेश में निजी और गवर्नमेन्ट स्तर पर कुल 40 मेडिकल कॉलेज संचालित थे। आज उत्तर प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं तथा 02 एम्स संचालित हो रहे हैं। कोविड-19 के समय प्रदेश में 36 जनपद ऐसे थे, जहाँ आई0सी0यू0 का एक बेड नहीं था। वहाँ डिजिटल एक्स-रे, कलर डॉप्लर, ब्लड बैंक, डायलिसिस तथा ऑक्सीजन प्लाण्ट की व्यवस्था नहीं थी। क्रिटिकल केयर के लिए कोई बेहतर व्यवस्था प्रदेश में लखनऊ के अलावा अन्य जनपदों में नहीं थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने कोविड कालखण्ड में भारत सरकार के सहयोग से 75 जनपदों में आई0सी0यू0 बेड्स बढ़ाए। कोविड कालखण्ड में वर्चुअल आई0सी0यू0 सफलतापूर्वक प्रदेश में संचालित किये गये। लखनऊ के 03 महत्वपूर्ण हेल्थ केयर सेन्टर एस0जी0पी0जी0आई0, के0जी0एम0यू0 और आर0एम0एल0 को इसके लिए तैयार किया गया। प्रत्येक जनपद तथा क्रिटिकल केयर के चिकित्सकों को यहां पर ट्रेंड किया गया। मास्टर ट्रेनर तैयार किये गयें। प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सकों ने जनपद की टीम को ट्रेनिंग दी और ट्रेनिंग के अन्य कार्यक्रम भी चलाये गये। आज इस प्रकार की सुविधाएं प्रत्येक जनपद में मौजूद हैं। प्रत्येक जनपद में डायलिसिस, ब्लड बैंक, कलर डॉप्लर की सुविधाएं दी जा रही हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों में टेलीकन्सल्टेंसी की व्यवस्था को ध्और बेहतर किया जा सकता हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दिशा में कुछ नए कदम उठाने प्रारम्भ किए हैं।

प्रत्येक वर्ष 1200-1500 बच्चों की इन्सेफेलाइटिस से मृत्यु होती थी। उसे नियंत्रित करना कठिन था। इतने ही बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम हो जाते थे। आज उसी प्रदेश में इन्सेफेलाइटिस से होने वाली मृत्यु जीरो है। हमने एक फोकस्ड कार्यवाही के तहत इसे पूरी तरह समाप्त व उन्मूलन करने में सफलता प्राप्त की। हमने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में सुधार किया है। अब यू0पी0 बॉटम में नहीं, नेशनल एवरेज के समकक्ष है। प्रदेश में संस्थागत प्रसव में भी सुधार हुआ है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरुप अनेक नेशनल प्रोग्राम प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। टी0बी0 मुक्त भारत के लिए प्रदेश में टी0बी0 नियंत्रण के लिए ए0आई0 टूल के माध्यम से टी0बी0 रोगियों की पहचान की जा रही है। यह टूल टी0बी0 रोगियों की पहचान करने तथा कमजोर मोहल्लों को इण्डिकेट करने में मदद करेगा। यदि ए0आई0 टूल का इस्तेमाल करते हुए सभी डाटा को एकत्र करें तथा प्रोएक्टिव एप्रोच के साथ आगे बढ़ें तो अनेक वेक्टरजनित बीमारियों को महामारी के रूप में संकट बनने से पूर्व उपचारित तथा नियंत्रित किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार डाटा से फीडबैक लूप बनाकर बेहतर निर्णय, बेहतर नीति और बेहतर परिणाम को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। डबल इंजन सरकार आज डबल स्पीड से स्केल से स्किल और स्किल से स्पीड तक की यात्रा के साथ आगे बढ़ रही है। प्रदेश के युवाओं की स्किलिंग के लिए टाटा टेक्नोलॉजीज़, सैमसंग के साथ उन्नत स्किलिंग कार्यक्रम प्रारम्भ किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से प्रदेश इस दिशा में एक नई यात्रा के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में 07 सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स विकसित हो रहे हैं। प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ में मेडटेक सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स, गौतमबुद्धनगर में आई0आई0टी0 कानपुर एवं फिक्की द्वारा आर्टिफिशियल इण्टेलिजेन्स एण्ड इनोवेशन ड्रिवेन आंत्रेप्रोन्योरशिप सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स का निर्माण किया जा रहा है। आई0आई0टी0 कानपुर में सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स विकसित करने का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। लखनऊ को ए0आई0 सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में अनेक सहयोगियों तथा फील्ड से जुड़े स्टेक होल्डर्स के साथ कार्यवाही काफी आगे बढ़ चुकी है। प्रदेश में डाटा सेण्टर ईकोसिस्टम का निर्माण तेजी से आगे बढ़ा है।


तकनीक जीवन में कैसे परिवर्तन ला सकती है, विगत 11 वर्षों में भारत में लोगों ने धरातल पर मूर्त रूप लेते हुए देखा है। वर्ष 2017 से पूर्व जनता की ओर से सबसे ज्यादा शिकायतें राशन न मिलने की आती थीं। पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पर सबसे ज्यादा प्रश्न किये जाते थे। पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की अनियमितताओं को तकनीक का इस्तेमाल करके दूर किया गया। प्रदेश में 80 हजार दुकानों के लिए ई-पॉस मशीन लगवायी गयीं। डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से इसकी मॉनिटरिंग की जाती है। परिणामस्वरूप आज शिकायत लगभग जीरो हो गयी हैं।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शासन के विश्वास को अर्जित करने और शासन के विज़न को जमीनी धरातल पर उतारने के लिए तथा व्यक्तिगत जीवन में, टेक्नोलॉजी कैसे परिवर्तन ला सकती है, इसका यह एक उदाहरण है। ऐसे अनेक उदाहरण हम सबके सामने हैं। पहले शासन द्वारा निराश्रित महिला, वृद्धजन तथा दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत 300 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जिसमें बहुत अनियमितताएं व भ्रष्टाचार था। वर्तमान में डी0बी0टी0 के माध्यम से उत्तर प्रदेश में 01 करोड़ 06 लाख लाभार्थियां को प्रतिमाह 1,000 रुपये पेंशन के रूप प्रदान किये जा रहे हैं। प्रत्येक तीसरे माह इन लाभार्थियों को डी0बी0टी0 के माध्यम से एक क्लिक से उनके अकाउण्ट में पैसा भेजा जाता है।


जनधन अकाउण्ट तथा डिजिटल ट्रान्जैक्शन ने पूरी प्रक्रिया को सरल बना दिया है। प्रत्येक लाभार्थी को शत-प्रतिशत लाभ कैसे प्राप्त हो सकता है, इसका एक उदाहरण है। अर्थात तकनीक काम को आसान कर देती है तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक भी पहुंचाती है। इससे जब अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का विश्वास शासन के प्रति मजबूत होता है, तब विकासपरक योजनाएं तेजी आगे बढ़ती हुई दिखाई देती हैं। डबल इंजन सरकार की नीतियां स्पष्ट हैं। इन नीतियों को लागू करने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति भी है। हम साफ नीयत के साथ आगे बढ़ें और उत्तर प्रदेश में एक संवेदनशील, समयबद्ध, जवाबदेह और तकनीक आधारित स्वास्थ्य मॉडल देने में सफल हुए। राज्य सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र में कार्य किया है, फिर भी कुछ अच्छा करने की गुंजाइश हमेशा रहती है। कुछ अच्छा करने की अपेक्षाएं तथा आकांक्षाएं प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने ए0आई0 एण्ड हेल्थ इनोवेशन पर आधारित एक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। तकनीक मानव के नियंत्रण में रहे,मानव तकनीक के अधीन नहीं