

पश्चिम की कमाऊ जेलों पर अधीक्षकों का आतंक! जेल सुरक्षाकर्मियों की मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत से हुआ खुलासा। कैंटीन, मुलाहिजा और भंडारे में लगती सिर्फ चहेते सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी।
लखनऊ। पश्चिम की तीन कमाऊ जेलों में अधीक्षकों ने आतंक मचा रखा है। जेल के सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर अधीक्षकों के शोषण, उत्पीड़न और अवैध वसूली का खुलासा किया है। जेल सुरक्षाकर्मियों का आरोप है कि हक की बात करने वाले कर्मियों से कार्यालय में अपशब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही कर्मियों की राइटरों से बेइज्जती कराई जाती है। यही नहीं जेल सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाने में भी जमकर पक्षपात किया जा रहा है। चहेते सुरक्षाकर्मियों की कमाऊ जगह पर ड्यूटी लगाई जाती है।
प्रदेश की कासगंज, फिरोजाबाद और मुजफ्फरनगर जेल के सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में अधीक्षकों के शोषण का खुलासा किया है। शिकायत में सुरक्षाकर्मियों का आरोप है कि इन जेलों में कर्मियों की शिकायतों को सुना ही नहीं जाता है। हक की बात रखने वाले कर्मचारियों के साथ कार्यालय में ही अभद्रता की जाती है। इसके साथ ही अफसरों के पास रहने वाले राइटरों से उन्हें बेइज्जत कराया जाता है। जेलों ने ड्यूटी लगाने को लेकर सुरक्षाकर्मियों के साथ काफी भेदभाव और उत्पीड़न किया जा रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि कासगंज जेल अधीक्षक राजेश कुमार सिंह, फिरोजाबाद जेल अधीक्षक अमित चौधरी और मुजफ्फरनगर जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी अपने चहेते सुरक्षाकर्मियों को ही मुलाहिजा, पाकशाला और दिन ड्यूटी पर लगाते हैं। हक की बात करने वाले सुरक्षाकर्मियों को इन ड्यूटियों से वंचित रखा जाता है। इन सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी नियमानुसार बदली ही नहीं जाती है। विरोध करने वाले सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली गलौज की जाती है और समयभपर छुट्टी नहीं दी जाती है।
कर्मचारियों का आरोप है कि अधीक्षकों ने अपने आवासों पर नियम विरुद्ध तरीके से दर्जनों की संख्या में सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी पर लगा रखा है। अधीक्षकों की मनमानी का विरोध करने वाले कर्मियों की वार्षिक रिपोर्ट खराब करने के साथ निलंबित, अनिवार्य सेवानिवृत और बर्खास्त तक करा दिया जाता है। इन अधीक्षकों ने कई सुरक्षाकर्मियों के डीओ लिखकर जेलों से हटवा तक दिया है। जेल सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री, जेल मंत्री और डीजी जेल से अधीक्षकों के उत्पीड़न और शोषण पर अंकुश लगाकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
मुख्यालय को अभी तक नहीं मिली ऐसी कोई शिकायत
जेल अधीक्षकों के सुरक्षाकर्मियों का उत्पीड़न और शोषण किए जाने की शिकायत संबंधी पत्र के बारे में जब प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग से बात करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी उनसे बात नहीं हो पाई। उधर महानिदेशक कारागार पीसी मीणा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसी कोई शिकायत अभी तक उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। किसी भी दोषी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।



















