आत्मनिर्भर भारत ही मजबूत भारत का आधार:मुख्यमंत्री

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आत्मनिर्भर भारत ही मजबूत भारत का आधार:मुख्यमंत्री
आत्मनिर्भर भारत ही मजबूत भारत का आधार:मुख्यमंत्री

भाजपा उत्तर प्रदेश द्वारा राजधानी लखनऊ स्थित विश्वेसरैया सभागार में मंगलवार को ‘‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान‘‘ की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन किया। आत्मनिर्भर भारत ही मजबूत भारत का आधार:मुख्यमंत्री

लखनऊ। भाजपा उत्तर प्रदेश द्वारा ‘‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान‘‘ की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित विश्वेसरैया सभागार में संपन्न हुई। कार्यशाला में उपस्थित प्रतिनिधियों का प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी, अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक व सांसद सीपी जोशी जी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह जी ने मार्गदर्शन किया। कार्यशाला का संचालन पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अभियान के प्रदेश संयोजक बृज बहादुर ने किया। कार्यशाला में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, क्षेत्रीय प्रभारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, सभी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, मीडिया, आईटी व सोशल मीडिया के प्रदेश संयोजक ‘‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान‘‘ के क्षेत्रीय व जिला संयोजक और सहसंयोजक सहित अन्य प्रमुख पार्टी पदाधिकारी सम्मिलित हुए।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपदों में स्वदेशी मेले लगाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसमें एमएसएमई विभाग सहयोग करेगा। दीपावली के पहले हर जनपद में 10 से 18 के बीच एक सप्ताह तक ओडीओपी व स्थानीय उत्पादों का मेला लगे। यह कार्यक्रम बहुत अच्छा हो सकता है। इससे स्थानीय उद्यमियों व व्यापारियों को बहुत लाभ होता है और लोग विदेशी उत्पाद खरीदने से भी बचते हैं। सीएम ने कहा कि 2017 से पहले चीन का झालर बाजार में छा जाता था, लेकिन अब लोग मिट्टी के दीप जला रहे हैं। 2017 में दीपोत्सव के आयोजन में 51 हजार दीप अयोध्या मंडल में नहीं मिल पाए थे। इसे पूरे प्रदेश से जुटाना पड़ा था परंतु गत वर्ष जितने दीप प्रज्ज्वलित कराए गए थे, यह सभी अयोध्या में बने थे। इस बार भी दीपोत्सव में रिकॉर्डतोड़ दीप प्रज्ज्वलित होंगे और यह मिट्टी व गाय के गोबर से बनेंगे। लोकल लोगों को तैयार करना होगा। हर घऱ में दीप जले, दीप भी भारत का स्वदेशी मॉडल है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी संकल्प विषयक प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में यूपीआईटीएस का आयोजन होगा। 25 को इसके तीसरे चरण का शुभारंभ सुबह 9.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह स्वदेशी और आत्मनिर्भर का सबसे अच्छा मॉडल है। यूपी के अंदर बने उत्पाद को केवल शोकेस ही नहीं किया जाएगा, बल्कि उसे बड़ा भी मंच मिलेगा। 500 विदेशी समेत पूरे देश से व्यापारी भी खरीदारी करने आ रहे हैं। दिल्ली, नोएडा, ग्रेनो, यमुना अथॉरिटी समेत आसपास के सभी होटल फुल हो चुके हैं। पिछले साल चार दिन में 2200 करोड़ की बिक्री हुई थी। इस सफलतम आयोजन से यूपी के कारीगरों, उद्यमियों व हस्तशिल्पियों को प्लेटफॉर्म मिलता है। सभी से अनुरोध किया कि एक दिन आईटीएस का अवलोकन करें। यहां यूपी की ताकत का अहसास होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी आत्मनिर्भर भारत के अभियान का हिस्सा बनने वाला है। यह विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने और उसकी आधारशिला को सुदृढ़ करने का अभियान है। स्वदेशी केवल नारा नहीं है और न ही यह खादी वस्त्रों तक सीमित है। भाजपा नेतृत्व की सरकार देश में सुई से लेकर समुद्री मालवाहक जहाजों और फाउंटेन पेन से लेकर एरोप्लेन का निर्माण कर रही है। पीएम मोदी ने स्वदेशी की इस अवधारणा को व्यापक व विराट रूप दिया है। जो भारत में निर्मित हो, जिसमें भारत के श्रमिकों का पसीना और यहां के युवा शक्ति की प्रतिभा लगी हो। वह स्वदेशी है। मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड यानी दुनिया के लिए भारत के द्वारा बनाया गया उत्पाद हमारे लिए स्वदेशी है। हम स्वदेशी को जीवन का हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री योगी ने सीपी जोशी के वक्तव्य की चर्चा की और कहा कि दो हजार वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान 40 फीसदी था। आज से 300 वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान 25 फीसदी था। औद्योगिकीकरण से होने वाले उत्पादन में भारत का योगदान नंबर एक (अकेले 25 फीसदी) था। वृहत्तर भारत मतलब आज का भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश। 300 वर्ष तक भारत दुनिया की नंबर एक की आर्थिक ताकत और नंबर एक का उत्पादक राष्ट्र था और कृषि में भारत का कोई सानी नहीं था।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से भारत दुनिया में सातवें नंबर पर है। बृहत्तर भारत से पहले रूस, चीन, अमेरिका, कनाडा, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया है। भारत, पाकिस्तान व बांग्लादेश के पास कुल भूभाग साढ़े 42 करोड़ हेक्टेयर का भौगोलिक क्षेत्रफल था, जबकि रूसी संघ के पास 1 अरब 70 करोड़ हेक्टेयर लैंड है। इन देशों में केवल 20 फीसदी भूमि पर कृषि हो सकती है, लेकिन भारत अकेले 60 फीसदी भूभाग पर कृषि करता है। भारत के पास सबसे उर्वरा भूमि और सबसे अच्छा जल संसाधन है। भारत कपड़े का सबसे बड़ा उत्पादक था। भारत दुनिया में कपड़ा बेचता था। मुख्यमंत्री ने बंगाल के इतिहास का जिक्र किया और कहा कि विदेशी शासकों ने स्वार्थ के लिए वहां के कारीगरों के हाथ काट दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली से दीवाली के बीच हर गांव में गाय, बकरी, भैंस खेतों में बांधे जाते थे। वह उसी हिसाब से खेती को उर्वरक को बनाते थे। हम जितनी खेती का दोहन करते थे, उससे दोगुना रिटर्न करते थे। पीएम मोदी जिसे नेचुरल फॉर्मिंग और सुभाष पालेकर जीरो बजट खेती कहते हैं। हमारा किसान जीरो बजट खेती ही करता था। गाय का गोबर, मूत्र व उससे जुड़े उत्पाद, खुर धऱती को मुलायम करते थे और उर्वरकता को बढ़ाए रखते थे। इससे खूब अन्न उत्पादन होता था।


मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत पर इस्लाम के पहले हमले का जिक्र किया और कहा कि सन 1100 तक भारत में हिंदुओं की आबादी 60 करोड़ थी, लेकिन आजादी के समय 1947 तक यह घटकर सिर्फ 30 करोड़ रह गई। 800-900 वर्ष में हमारी आबादी घटी और खेती के उत्पादन को भी कम कर दिया गया। सिर्फ आक्रांताओं ने ही नहीं मारा, बल्कि भूख, बीमारी, यातनाओं से भी मरे। विदेशी दासता की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश पर अत्याचार व शोषण किया गया। भारत में 300 वर्ष पहले आधी आबादी खेती और आधी से अधिक आबादी कारखाने, लघु व कुटीर उद्योगों पर निर्भर थी। यह भारत का उत्पादन दुनिया के बाजार में छा जाता था। दुनिया का व्यापारी यहां से लेकर जाता था। भारत के पास सब कुछ था, लेकिन जिन लोगों ने जाति, क्षेत्र, भाषा समेत अनेक वादों के आधार पर बांटा। वे आज भी उसी विदेशी मानसिकता से समाज को बांट और काट रहे हैं। ऐसे लोग स्वदेशी अभियान में भी अंगुली उठाएंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि जो भारत के श्रमिकों के श्रम से बना हो, युवाओं की प्रतिभा से बढ़ा हो और उद्यमी, श्रमिक, व्यापारी, युवाओं के सामूहिक प्रयास से आया है, उस उत्पाद को स्वदेशी मानकर एक-एक व्यक्ति से उसे खरीदने के लिए कहना है। भारत सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। उन्होंने कहा कि यहां का पैसा भारत के अंदर लगेगा तो देश की समृद्धि का कारण बनेगा। इससे दुनिया के उद्यमी मुनाफा कमाएंगे तो यह पैसा दुनिया के बाजार में जाएगा और उनका मुनाफा भारत के अंदर आतंकवाद, नक्सलवाद व उग्रवाद को भड़काने में दुरुपयोग होगा। देश का पैसा भारत के कारीगरों, हस्तशिल्पियों व युवाओं के हाथों में जाए। मुख्यमंत्री ने दयानंद सरस्वती, वीर सावरकर, महात्मा गांधी व तिलक जी को भी याद किया।


मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से यूपी में हमारी सरकार ने देश की सफलतम ओडीओपी योजना निकाली थी। यूपी में सभी 75 जनपदों का यूनिक प्रोडक्ट है। खेल का सामान मेरठ, चमड़े का उत्पाद आगरा, कानपुर, उन्नाव तथा कॉरपेट भदोही, मीरजापुर व वाराणसी में बना होगा। दुनिया में इस्तेमाल की जाने वाली सिल्क की साड़ी वाराणसी व आजमगढ़ तथा जरी जरदोजी लखनऊ, ग्लास आइटम फिरोजाबाद, चीनी मिट्टी का बर्तन खुर्जा में बना होगा। आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, गोरखपुर का टेराकोटा, दुनिया का सबसे अच्छा चावल सिद्धार्थनगर का काला नमक है। प्रतापगढ़ का आंवला, आगरा का पेठा, पापड़ का हापुड़, चाकू रामपुर में मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी की ओडीओपी स्कीम ने रोजगार दिया। यूपी में 96 लाख यूनिट स्थापित हुई हैं। 2017 के पहले कारीगर हताश-निराश था। सरकार का प्रोत्साहन नहीं था। हमने स्कीम बनाई और उसे नई गति दी। अभियान को नए सिरे से बढ़ाते हुए उसे डिजाइन, टेक्नोलॉजी, मार्केट, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और प्रोत्साहन दिया। कभी बीमारू कहा जाने वाला यूपी ओडीओपी से दो लाख करोड़ का एक्सपोर्ट कर रहा है। घरेलू बाजार के इतर भदोही से 14 हजार करोड़, मुरादाबाद का ब्रास आइटम 12 से 14 हजार करोड़, फिरोजाबाद से चार से पांच हजार करोड़ का एक्सपोर्ट दुनिया के बाजार में हो रहा है। यह पैसा कारीगरों, उद्यमियों, श्रमिकों के पास आता है। इसमें दो करोड़ लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं यानी इस कारोबार से 10 करोड़ लोगों का जुड़ाव है। यह काम घर के अंदर कम पूंजी में भी हो सकता है। हर एक क्षेत्र में भारत के अंदर ताकत पैदा हो रही है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हमारे लोग जो उत्पाद तैयार कर रहे हैं, उसे मजबूती मिले।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ओडीओपी, खादी व डिफेंस प्रोडक्शन से अपनी ताकत का भरपूर इस्तेमाल कर रहा है। अन्नदाता खुशहाल है। उसे लागत का डेढ़ गुना से अधिक दाम मिल रहा है। 8 वर्ष में 2 लाख 86 हजार करोड़ का भुगतान गन्ना किसानों को डीबीटी के माध्यम से किया गया है। 45 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए। कनेक्टिविटी बेहतर हुई। ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, पीएम विश्वकर्मा जैसी स्कीम के माध्यम से इसे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। यूपीआईटीएस भी उसी का हिस्सा है। यहां 2500 स्टॉल लगे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी से इस मेले में आने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट कोई भी हो, देश का 60 फीसदी प्रोडक्शन यूपी कर रहा है। 60 फीसदी मोबाइल यूपी में बन रहा है। फोन, टैबलेट, लैपटॉप का डिस्प्ले बोर्ड यूपी में बन रहा है। अब चीन, ताइवान व अमेरिका से नहीं आ रही, बल्कि पांच साल से सफलतापूर्वक प्रोडक्शन कर इसे देश-दुनिया को उपलब्ध करा रहे हैं। यूपी दो लाख करोड़ का मोबाइल बाहर भेजता है।


मुख्यमंत्री ने कार्यशाला में मौजूद लोगों को चेताया भी। बोले कि कुछ राज्यों में कैंसर ट्रेन चलानी पड़ रही है। पानी का लेबल नीचे जा चुका है। डार्क जोन हो चुके हैं। भीषण अकाल दस्तक दे रहा है। मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि जब भी विदेशी मॉ़डल अपनाएंगे तो यह खतरनाक होगा। हमें स्वदेशी मॉ़डल अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ खेती को नष्ट किया गया तो दूसरी तरफ कुटीर व लघु उद्योगों को समाप्त किया गया। भारत की ताकत को विदेशी हुकूमतों ने नष्ट कर दिया। इससे भारत विपन्न होता गया। जब देश आजाद हुआ तो औद्योगिक उत्पादन में हमारी भूमिका डेढ़ व दुनिया की अर्थव्यवस्था में दो फीसदी थी। यह देश गरीब और यूपी बीमारू हो गया। 8 वर्ष में बीमारी हट सकती है तो 22 वर्ष में यूपी विकसित भी हो सकता है। 2047 में भारत विकसित होगा, लेकिन इसका रास्ता स्वदेशी व आत्मनिर्भर संकल्प अभियान के माध्यम से बढ़ेगा।


आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान‘ के राष्ट्रीय सह-संयोजक एवं सांसद सी.पी. जोशी ने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान‘‘ माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की उस दूरदृष्टि का प्रतीक है, जिसमें भारत को केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि विश्व का निर्माता और मार्गदर्शक बनाने का संकल्प निहित है। यह अभियान स्थानीय उद्यमों, कुटीर उद्योगों, किसानों, नवाचार और युवाओं की ऊर्जा को एकजुट कर देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का माध्यम है।उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि गाँव-गाँव और नगर-नगर तक आत्मनिर्भरता की अलख जले। ‘वोकल फॉर लोकल’ से लेकर स्टार्टअप और मेक इन इंडिया तक, यह संकल्प प्रत्येक नागरिक के सहयोग से ही सफल होगा। यह अभियान आत्मबल और स्वाभिमान का अभियान है, जो भारत को विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ाने का आधार बनेगा।


उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश का ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) कार्यक्रम इस अभियान का जीवंत उदाहरण है। जिस प्रकार प्रदेश के प्रत्येक जिले की पारंपरिक पहचान को बढ़ावा देकर वहाँ के उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ा गया है, वह आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश के प्रत्येक जिले की पारंपरिक और विशिष्ट पहचान को न केवल संरक्षित किया है, बल्कि उसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराकर लाखों कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के जीवन में नई रोशनी भरी है।


उन्होंने कहा कि जब देशभर में प्रत्येक क्षेत्र अपनी विशिष्टता को लेकर आगे बढ़ेगा, तब भारत न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होने पार्टी कार्यकर्ताओं का आवाह्न किया कि वे (ओडीओपी) जैसे नवाचारों और ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को जीवन में अपनाएँ और इस महाअभियान को जन-जन का संकल्प बनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन करे। वन डिस्टिक वन प्रोडक्ट से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं और ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को जन-आंदोलन का रूप दिया है। योगी जी का यह प्रयास आत्मनिर्भर भारत के अभियान को मजबूत आधार प्रदान करता है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी


प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कार्यशाला में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर चल रहा ‘‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान‘‘ केवल आर्थिक स्वावलंबन की पहल नहीं है, बल्कि यह देश के स्वाभिमान का अभियान है। इस संकल्प के माध्यम से भारत अपने पारंपरिक कौशल, आधुनिक तकनीक और स्थानीय संसाधनों के बल पर एक समृद्धशाली राष्ट्र बनने की दिशा में तीव्रगति से आगे बढ़ रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का मानना था कि आर्थिक व्यवस्था स्वदेशी पर आधारित होनी चाहिए। जब तक यह स्वदेशी नहीं होगी. यह न तो हमारी स्वतंत्रता की रक्षा कर सकती है और न ही न्याय की गारंटी दे सकती है। आज माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार इसी मंत्र पर चलते हुए स्वदेशी को बढ़ावा दे रही है। “मेक इन इंडिया” से लेकर “स्टार्टअप इंडिया”, “वोकल फॉर लोकल” से लेकर “आत्मनिर्भर भारत” तक हर पहल का लक्ष्य यही है कि हम विदेशी निर्भरता कम करें और स्वदेशी उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी इस अभियान को गाँव-गाँव, नगर-नगर तक पहुँचाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र के साथ हम प्रदेश के किसानों, युवाओं, महिला उद्यमियों और छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाने का कार्य करेंगे। यह अभियान प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा और करोड़ों लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करेगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कार्यशाला में उपस्थित हम सब पार्टी कार्यकर्ताओं का यह दायित्व है कि प्रदेश का प्रत्येक कार्यकर्ता इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाए। उन्होंने प्रदेश की जनता से आह्वान किया कि वे ‘‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान‘‘‘ में भागीदार बनें और अपने श्रम, कौशल और संसाधनों से इस महाअभियान को जन-जन का अभियान बनाएं। यही हमारे राष्ट्र की प्रगति और विकसित भारत का मार्ग है।

प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह

प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि ‘‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान‘‘ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की आत्मा को जागृत करने का महाअभियान है। भारत के माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह संकल्प देश को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। प्रदेश महामंत्री (संगठन) ने प्रदेश भर में चलने वाले आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के संदर्भ में कार्यशाला में उपस्थित प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि यह अभियान पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती 25 सितंबर से प्रारम्भ होकर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी की जयंती 25 दिसंबर तक चलेगा।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि अभियान को गति प्रदान करने के लिए आगामी 26 सितंबर को जिला स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित करनी है। जबकि 28, 29 व 30 सितंबर को मंडल स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को लेकर विस्तृत कार्य योजना तैयार करनी है। उन्होंने बताया कि 28 से 30 सितंबर के मध्य प्रेस वार्ता के माध्यम से अभियान का औपचारिक शुभारंभ होगा। 7 व 8 अक्टूबर को पार्टी के जिला अध्यक्ष, सांसद, विधायक व स्थानीय जनप्रतिनिधि जिला स्तर पर प्रेस वार्ता करेंगे। श्री सिंह ने बताया की 16 से 30 अक्टूबर के मध्य युवा मोर्चा व महिला मोर्चा द्वारा सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर को सम्मेलन स्थल पर आमंत्रित कर उन्हें “आत्मनिर्भर भारत यूथ एम्बेसडर” बनाने का कार्य करना है और उनसे स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा व प्रचारित करने के लिए प्रेरित करने का भी कार्य करना है। सरकारी योजनाओं जैसे मुद्रा उज्ज्वल स्टार्टअप इंडिया कौशल विकास आदि की जानकारी देकर महिलाओं और युवाओं को सीधे इससे जोड़ना है। आत्मनिर्भर भारत संकल्प सिग्नेचर वॉल पर “मैं केवल स्वदेशी अपनाऊंगा” लिखवाकर हस्ताक्षर का अभियान चला कर समाज के प्रत्येक वर्ग के लोगों को आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान से जोड़ने का कार्य भी हमें करना होगा।


प्रदेश महामंत्री (संगठन) ने बताया कि 1 से 15 नवंबर तक जिला स्तर पर प्रोफेशनल सम्मेलन भी आयोजित करने हैं। उन्होंने कहा 1 से 15 नवंबर तक युवा मोर्चा द्वारा प्रदेश भर में महाविद्यालयों, कॉलेजों में “स्वदेशी संकल्प सेमिनार” के आयोजन करने हैं। स्वदेशी बनाम विदेशी जैसे विषयों पर डिबेट और मॉक संसद आयोजित करना है। 1 से 30 नवंबर के मध्य स्वदेशी ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता, आत्मनिर्भर भारत निबंध प्रतियोगिता और आत्मनिर्भर भारत स्पीच प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाना है। धर्मपाल सिंह जी ने बताया की 16 से 30 नवंबर के मध्य जिला स्तर पर व्यापार प्रकोष्ठ और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वदेशी मेले का भी आयोजन किया जाना है। 16 से 30 नवंबर के मध्य ही युवा मोर्चा हुआ महिला मोर्चा द्वारा मंडल स्तर पर भी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।

प्रदेश महामंत्री संगठन ने कहा कि अनुसूचित जाति मोर्चा और अनुसूचित जनजाति मोर्चा द्वारा 1 से 15 दिसंबर के मध्य स्ट्रीट वेंडर, छोटे दुकानदारों और स्थानीय कारीगर सम्मेलन मंडल स्तर पर आयोजित करने हैं। 1 से 25 दिसंबर के मध्य “आत्मनिर्भर भारत संकल्प” और पदयात्रा जिला स्तर पर निकालनी है। यात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों में प्रभावशाली व्यक्तियों की सहभागिता हो इसके लिए हमें विशेष रूप से प्रयास करने होंगे यात्रा शहर के सभी प्रमुख मार्गाे से और ऐतिहासिक स्थलों से होकर गुजरे इसका हमें विशेष रूप से ध्यान देना होगा। श्री सिंह ने कहा कि हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि आत्मनिर्भर भारत का यह संकल्प केवल नारा न रह जाए, बल्कि हर नागरिक के जीवन का हिस्सा बने। इस अभियान के माध्यम से हम ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को व्यवहार में उतारकर, भारत को आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और विश्वगुरु बनाने का मार्ग प्रशस्त करेंगे। आत्मनिर्भर भारत ही मजबूत भारत का आधार:मुख्यमंत्री