Tuesday, February 24, 2026
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बसंत पंचमी के अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज में सरस्वती पूजन

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लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज आनंद नगर में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सरस्वती पूजन किया गया।

सुनील कुमार पाण्डेय

महराजगंज – आज लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पी जी कॉलेज आनन्दनगर, महराजगंज में बसन्त पञ्चमी के शुभ अवसर पर माँ सरस्वती का पूजन किया गया तथा समाजशास्त्र विषय के शोध छात्रों के लिए नवस्थापित समाजशास्त्र अनुसंधान केंद्र का फीता काटकर महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ० बलराम भट्ट के कर कमलो द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ भट्ट जी ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान ढूंढने के लिए किया गया कार्य शोध है। अर्थात समाज में बहुत सी समस्याएं हैं, कुछ बड़ी तो कुछ छोटी किंतु समस्याएं बहुत से हैं । किसी एक समस्या को चुनकर उसका समाधान ढूंढने के लिए जो कार्य किए जाते हैं उसे शोध कहते हैं।


महाविद्यालय की प्राचार्य किरन सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया ज्ञान का भंडार है, किंतु वह ज्ञान बिखरा पड़ा है, उस ज्ञान से बहुत ही  छोटा वर्ग परिचित होता है, पूरी दुनिया के जानकारी में नहीं होता है। ज्ञान के व्यवस्थापन के लिए शोध कार्य को बढ़ावा दिया गया है। हर देश की सरकारें अपने यहां के ज्ञान को दुनिया तक पहुंचाने के लिए शोध कार्य करवा रही है। अलग अलग तरीके से, अलग – अलग जरिए से भारी मात्रा में शोध कार्य हो रहे हैं। जिसमें सबसे बृहत स्तर पर शोध कार्य विश्वविद्यालयों के माध्यम से हो रहे हैं, क्योंकि विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र नई ऊर्जा तथा बुद्धि से भरे होते हैं। जिस कारण किसी भी ज्ञान का व्यवस्थापन नए तरीके तथा नई ऊर्जा के साथ होता है । विश्वविद्यालय में अनेक विषय के छात्र होते हैं जिस कारण शोध कार्य अनेक क्षेत्रों में अधिकाधिक मात्रा में हो पाता है । जिससे छुपी हुई ज्ञान के तथ्य निकलकर दुनिया के सामने आ पाता है।


महाविद्यालय में स्थापित समाजशास्त्र अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ० प्रवीण कुमार मिश्र ने कहा कि किसी भी कार्य का अस्तित्व, उसका प्रयोजन, उसकी अपेक्षाएँ ही शोध की मुख्य भूमिका होती हैं। इन शोधों में तथ्यों को वर्गीकृत कर शोधार्थी अपना कार्य आरम्भ करता है। प्रत्येक चीज को चिन्तन-मनन, निरीक्षण-परीक्षण, परिकल्पना व अनुमान के धरातल पर जाँचा-परखा जाता है। उनसे एक निष्कर्ष निकलता है। शोधार्थी इन तथ्यों की जाँच-पड़ताल करते पूर्ववर्ती शोधों की भूमिका व कार्य को भी महत्त्व प्रदान करता है। शोध के तीन उद्देश्य होते हैं -किसी समस्या का आकलन ,किसी तथ्य, घटना या स्थिति का वर्णन और किसी तथ्य, घटना या स्थिति के निवारणार्थ व्यवस्थाएँ।

उक्त अवसर पर डॉ० राम पांडेय , मनोज कुमार, श्रीमती प्रीती यादव, शिव प्रताप, बृजेश वर्मा, बालगोविन्द मौर्य, अजीत सिंह, डॉ चंद्र प्रकाश, भागीरथी, शुभम आशीष आदि उपस्थित थे।p

डॉ०प्रवीण कुमार मिश्र
प्रभारी, समाजशास्त्र अनुसंधान केंद्र
लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज आनंदनगर, महाराजगंज