पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया सकुशल स्नान

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पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया सकुशल स्नान
पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया सकुशल स्नान

माघ मेला पूरी भव्यता के साथ 03 जनवरी से प्रारम्भ हो गया, यह आयोजन आगामी 15 फरवरी तक चलेगा। पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सकुशल स्नान किया। आगामी 14 व 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति स्नान, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान, 23 जनवरी को बसंत पंचमी और फिर माघ पूर्णिमा के साथ ही 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान सम्पन्न होगा। माघ मेले के सम्पूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन, पुलिस और सम्बन्धित विभागों ने समस्त तैयारियां की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया, भीषण शीत लहरी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय किए गए तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ ही मेले से जुड़े हुए ‘मेला सेवा ऐप’ का शुभारम्भ किया गया। पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया सकुशल स्नान

प्रयागराज। आज प्रयागराज भ्रमण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उन्हें पावन त्रिवेणी में दर्शन और स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। विगत वर्ष इस समय प्रयागराज महाकुम्भ आयोजन की अन्तिम तैयारियां युद्धस्तर पर थीं। तब वह 10 जनवरी, 2025 को प्रयागराज में मेले के अंतिम तैयारियां देखने यहां आये थे। इस वर्ष का माघ मेला पूरी भव्यता के साथ पौष पूर्णिमा 03 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ हो गया है। यह आयोजन आगामी 15 फरवरी तक चलेगा। अनुमान किया गया था कि पौष पूर्णिमा पर 10 से 15 लाख श्रद्धालु आएंगे, लेकिन पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माँ गंगा, माँ यमुना तथा माँ सरस्वती की पावन त्रिवेणी पर आकर भगवान वेणी माधव, बड़े हनुमान जी व अक्षयवट के असीम सान्निध्य में सकुशल स्नान और यहां से आशीर्वाद लेकर प्रस्थान किया। कल्पवासी एक महीने के कल्पवास के लिए वर्तमान में अपनी साधना में तल्लीन हैं।

आज उन्हें भगवान रामानन्दाचार्य जी के 726वें पावन जयन्ती कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रयागराज का सौभाग्य है कि यह अनेक पूज्य ऋषि-मुनियों की पावन धरा है। द्वादश माधव के साथ-साथ त्रिवेणी की पावन धरा को महर्षि भारद्वाज, महर्षि याज्ञवल्क्य और अन्य पूज्य महर्षियों व सिद्ध संतों का सान्निध्य प्राप्त हुआ है। 726 वर्ष पूर्व इसी पावन धरा पर जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी का जन्म हुआ था। आज उनके पावन जन्मोत्सव कार्यक्रम के साथ ही माघ मेले की तैयारियों की समीक्षा की गयी। यहां आगामी 14 व 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति स्नान तथा आगामी 18 जनवरी को मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान होगा। इसके उपरान्त 23 जनवरी को बसंत पंचमी और फिर माघ पूर्णिमा के साथ ही 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान यहां पर सम्पन्न होगा। यह सभी माघ मेले के कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेले के सम्पूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन, पुलिस और सम्बन्धित विभागों ने समस्त तैयारियां की हैं। पूर्व की तुलना में घाटों की लम्बाई बढ़ायी गयी है। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। भीषण शीत लहरी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ ही मेले से जुड़े हुए ‘मेला सेवा ऐप’ का भी शुभारम्भ किया गया है। किसी भी कल्पवासी, सन्त तथा श्रद्धालु को यदि कोई सेवा लेनी हो, या उन्हें किसी प्रकार की समस्या हो तो वह इस मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं तथा प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं। यहां पर इस मोबाइल ऐप का बेहतर उपयोग किया जा रहा है। आपसी समन्वय तथा तत्परता के साथ प्रशासन ने पौष पूर्णिमा के स्नान को भव्यता व संवाद के साथ सबके सहयोग से सकुशल सम्पन्न कराया। आगामी सभी पांच स्नान भी उसी पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सकुशल सम्पन्न होंगे। इसी मुद्दे पर आज यहां पर चर्चा की गयी है। आयोजन को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तत्परता के साथ लगा हुआ है। सभी लोग मिलकर इस कार्यक्रम को सकुशल सम्पन्न कराएंगे। पौष पूर्णिमा पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया सकुशल स्नान