
योगी सरकार में आरक्षित वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की खुलेआम डकैती। भाजपा का सबका साथ सबका विकास का नारा पूरी तरह ढोंग।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जब से भाजपा की सरकार बनी है,उत्तर प्रदेश आरक्षण नियमावली का गला घोंटकर ओबीसी,एससी के संवैधानिक अधिकारों की खुलेआम डकैती जारी है। भारतीय ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि भाजपा-आरएसएस ने 86 में 56 यादव एसडीएम का झूठा प्रचार व मीडिया ट्रायल कराकर समाजवादी पार्टी को एक जाति की सरकार बताकर व गैर यादव पिछड़ी जातियों के आरक्षण की लूट का प्रचार कर बदनाम कर दिया गया,जिसके कारण गैर यादव अतिपिछड़ी, दलित जातियों में यादव समाज के प्रति नफरत पैदा कर दिया गया। भाजपा-आरएसएस के दुष्प्रचार के झांसे में आकर कुर्मी, निषाद, कुशवाहा, लोधी, माली, सैनी, मौर्य, चौरसिया, नाई, साहू, भुर्जी, कश्यप, पाल, राजभर, चौहान, बिन्द, विश्वकर्मा, प्रजापति, जाट, गूजर आदि यादवों व सपा के विरुद्ध खङा हो गयीं।
निषाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश में जब से योगी सरकार आयी है,एनएफएस व कट ऑफ में खेल कर,माइग्रेशन व ओवरलैपिंग खत्म कर ओबीसी,एससी के संवैधानिक अधिकारों की खुलेआम डकैती की जा रही है। राजस्व विभाग की लेखपाल भर्ती विज्ञापन के साथ- साथ दो दर्जन से अधिक भर्ती विज्ञापनों में खुलकर आरक्षित वर्ग विशेषकर ओबीसी के संवैधानिक अधिकारों की लूट की गयी है।उन्होंने कहा कि भाजपा का सबका साथ सबका विकास का नारा झूठा छलावा व महज ढोंग है। निषाद ने बताया कि यूपीएसएसएससी द्वारा कृषि तकनीकी सहायक ग्रुप-सी भर्ती के लिए कुल पद- 3,446 पद का विज्ञापन प्रकाशित हुआ था, जिसमें अनारक्षित होना चाहिए 1378, पर 1,813 पद अनारक्षित कर 435 अतिरिक्त पद को अनारक्षित कर दिया गया।ओबीसी को आरक्षण नियमावली के अनुसार 930 पद आरक्षित न कर 629 पद ही आरक्षित कर 301 पदों की खुलेआम डकैती कर ली गयी।
एससी को आरक्षित होना चाहिए 724 सीट, पर मात्र 509 सीट आरक्षित कर 215 सीटों की लूट कर ली गई। ईडब्ल्यूएस को 10% के हिसाब से पूरा का पूरा 344 पद दया गया।एसटी को 69 सीटों के सापेक्ष 151 सीट आरक्षित कर 82 सीटों को अतिरिक्त आरक्षित किया गया।जिसके पीछे का राज यह होता है कि एसटी के अनुपलब्ध उम्मीदवार दिखाकर सामान्य वर्ग को चयनित करना। खण्ड शिक्षा अधिकारी के कुल 309 पदों में ओबीसी को 83 सीट मिलनी चाहिए,पर मात्र 31 सीट आरक्षित कर 52 सीट को खुलेआम लूट लिया गया।एससी को 65 सीट के सापेक्ष 81 सीट आरक्षित कर 16 अतिरिक्त पद आरक्षित किया गया, आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण को पूरा का पूरा 30 सीट आरक्षित किया गया। वही एसटी को 6 के सापेक्ष 8 सीट आरक्षित किया गया।
अनारक्षित 123 के सापेक्ष 159 पद अनारक्षित किया गया है। नेत्र परीक्षण अधिकारी के 157 पदों की भर्ती हेतु विज्ञापित कुल पद-157 पदों में ओबीसी को 42 पद के सापेक्ष मात्र 30 पद आरक्षित कर 12 पदों की लूट कर ली गई। एससी को 33 सीट के सापेक्ष मात्र 21 सीट आरक्षित कर 12 पदों व एसटी को मिलनी चाहिए 3 सीट पर 1 सीट आरक्षित कर 2 सीटों की लूट की गई है।ईडब्ल्यूएस को पूरा का पूरा 15 सीट दी गयी।इस भर्ती परीक्षा का परिणाम आ गया है। ओबीसी का कट ऑफ 42.75 है और ईडब्ल्यूएस का कट ऑफ मार्क्स 31.75 है।
निषाद ने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम प्रवर्तन कांस्टेबल भर्ती के 477 पदों के विज्ञापन में अनारक्षित पद 190/191 के सापेक्ष 225 पद अनारक्षित कर 35 पद अधिक अनारक्षित कर सामान्य वर्ग को लूट का रास्ता दिया गया है।ओबीसी को 128/129 की बजाय मात्र 99 पद आरक्षित कर 29/30 पद की डकैती की गई है। एससी को 100 पद के सापेक्ष 93 पद आरक्षित कर 7 सीट की लूट व एसटी को 9 के सापेक्ष 13 सीट आरक्षित कर 4 अतिरिक्त सीट आरक्षित की गई है। ईडब्ल्यूएस को पूरा का पूरा 10% यानि 47 सीट आरक्षित की गई है।पशु चिकित्सक भर्ती के कुल 404 पदों में ओबीसी के कोटे की पूरी 109 सीटों की डकैती कर ली गई है।
स्वास्थ्य शिक्षा अधकारी भर्ती विज्ञापन में कुल विज्ञापित 221पदों में आरक्षण नियमावली के तहत ओबीसी को 60 सीट आरक्षित होनी चाहिए, पर मात्र 20 सीट(9%) ही आरक्षित कर 40 सीट (18%) की डकैती की गई है।एससी को आरक्षित होना चाहिए 46 पद,पर मात्र 21 सीट ही आरक्षित कर 25 सीट की डकैती की गई है।एसटी को 4 सीटों के सापेक्ष 13 पद आरक्षित कर 9 अतिरिक्त पद आरक्षित किया गया है और गरीब सवर्णों (ईडब्ल्यूएस) को पूरा का पूरा 22 पद आरक्षित किया गया है।
अनारक्षित 40% के दृष्टिकोण से जहां 88 सीट अनारक्षित रखनी चाहिए, वहां 143 सीट को अनारक्षित किया गया है।चिकित्साधिकारी (यूनानी) भर्ती के कुल विज्ञापित 25 पदों में
ओबीसी को 6 सीट की बजाय मात्र 3 सीट आरक्षित कर 3 सीट की डकैतीकर ली गई है। चिकित्सा अधिकारी(आयुर्वेद) भर्ती के विज्ञापित कुल 168 पदों में ओबीसी को 45 पद आरक्षित करने की बजाय मात्र 15 सीट (9%) ही आरक्षित कर 30 सीट (18%) की खुलेआम डकैती की गई है।इसी तरह चिकित्सा अधिकारी (होम्योपैथिक) भर्ती के लिए कुल विज्ञापित 7 पदों में 6 अनारक्षित किया गया है व 01 पद अनुसूचित वर्ग को आरक्षित किया गया है व ओबीसी को राउण्ड अप सिस्टम के तहत 1.89=2 पद या राउण्ड ऑफ सिस्टम के अनुसार कम से कम 1 सीट तो मिलनी ही चाहिए,पर ओबीसी की हकमारी कर ली गयी है।फार्मास्यूटिकल्स (आयुर्वेदिक) भर्ती विज्ञापन में विज्ञापित 1002 पदों में सामान्य वर्ग को 448 यानि 47 अतिरिक्त, ईडब्ल्यूएस को100 यानि पूरा का पूरा 10% दिया गया है,वही ओबीसी को 270 की बजाय मात्र 126 सीट आरक्षित कर 144 पदों की हकमारी की गयी है। योगी सरकार में संवैधानिक अधिकारों की खुलेआम डकैती:लौटनराम निषाद






















