केवल इन्वेस्टमेंट से ही एम्प्लॉयमेण्ट नहीं बल्कि टूरिज्म भी रोजगार का माध्यम

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केवल इन्वेस्टमेंट से ही एम्प्लॉयमेण्ट नहीं बल्कि टूरिज्म भी रोजगार का माध्यम
केवल इन्वेस्टमेंट से ही एम्प्लॉयमेण्ट नहीं बल्कि टूरिज्म भी रोजगार का माध्यम

मुख्यमंत्री ने ‘राष्ट्रीय युवा दिवस‘ पर स्वामी विवेकानन्द जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं को राज्य स्तरीय विवेकानन्द यूथ अवॉर्ड प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने ‘खेलो इण्डिया‘ योजनान्तर्गत 05 बहुद्देशीय हाल का लोकार्पण तथा 03 ग्रामीण स्टेडियम के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। स्वामी विवेकानन्द ने वैश्विक मंच पर भारत की सनातन संस्कृति, उसकी आध्यात्मिक चेतना और बौद्धिक प्रतिभा से परिचित कराने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया। प्रधानमंत्री जी ने ‘खेलो इण्डिया’, फिट इण्डिया मूवमेण्ट तथा सांसद खेलकूद प्रतियोगिता के माध्यम से खेलकूद प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व व मार्गदर्शन में भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका। नरेन्द्र से स्वामी विवेकानन्द तक की यात्रा एक साधक से एक युग प्रवर्तक की यात्रा स्वामी जी का स्पष्ट संदेश कि लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता और कर्म में निरन्तरता होनी चाहिए। केवल इन्वेस्टमेंट से ही एम्प्लॉयमेण्ट नहीं बल्कि टूरिज्म भी रोजगार का माध्यम

स्वामी विवेकानन्द का अटल विश्वास था कि भारत अपने आत्मगौरव, युवा शक्ति और आध्यात्मिक चेतना के बल पर पुनः विश्व गुरु के रूप में स्वयं को स्थापित करेगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, प्रत्येक विकास खण्ड में एक मिनी स्टेडियम तथा प्रत्येक जिले में एक बड़ा स्टेडियम बने, इस दिशा में युद्धस्तर पर कार्य चल रहे। युवक मंगल दल और महिला मंगल दल को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई गई, जिसके माध्यम से केवल उसके सदस्य ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण ग्राम पंचायत खेल का हिस्सा बने। युवक मंगल दल नशे के खिलाफ प्रहार करने तथा जल संरक्षण के कार्य में अपना योगदान करें। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से पहले चरण में युवाओं को 05 लाख रु0 तक का गारण्टीमुक्त व ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया। केवल इन्वेस्टमेंट के माध्यम से ही एम्प्लॉयमेण्ट नहीं जनरेट हो रहा, बल्कि टूरिज्म भी रोजगार का एक माध्यम। प्रदेश ने देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के साथ रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्वयं को स्थापित किया। केवल इन्वेस्टमेंट से ही एम्प्लॉयमेण्ट नहीं बल्कि टूरिज्म भी रोजगार का माध्यम

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों की ओर से स्वामी विवेकानन्द जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत के उस युवा संन्यासी ने वैश्विक मंच पर भारत की सनातन संस्कृति और परम्परा को मजबूत करने के साथ भारत और भारतीयता को एक नई पहचान दिलायी थी। स्वामी विवेकानन्द जी ने वैश्विक मंच पर दुनिया की सबसे प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक भारत की सनातन संस्कृति, उसकी आध्यात्मिक चेतना और बौद्धिक प्रतिभा से परिचित कराने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था। इसी कारण उनकी जयन्ती को सम्पूर्ण देश में युवा दिवस के रूप में आयोजित किया जाता है। स्वामी विवेकानन्द जी की प्रेरणा प्रत्येक भारतीय को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।


आज यहां राष्ट्रीय एवं सामाजिक कार्यां में युवाओं की सहभागिता के उत्सव ‘राष्ट्रीय युवा दिवस‘ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं को राज्य स्तरीय विवेकानन्द यूथ अवॉर्ड प्रदान किया। इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। ‘खेलो इण्डिया‘ योजनान्तर्गत 05 बहुद्देशीय हाल (जनपद लखनऊ में 02 तथा जनपद हरदोई, कन्नौज व सहारनपुर में 01-01) का लोकार्पण तथा जनपद सहारपनुर, कासगंज तथा फतेहपुर में ग्रामीण स्टेडियम के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।


एक ओर जहाँ हम सब स्वामी विवेकानन्द जी का स्मरण कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आज मां जीजाबाई की भी पावन जयन्ती है। मां जीजाबाई के संस्कारों में छत्रपति शिवाजी महाराज पले बढ़े और उनके सानिध्य व मार्गदर्शन में हिंदवी साम्राज्य की स्थापना की थी। स्वामी विवेकानन्द उस भारत का प्रतिनिधित्व करते थे, जो अपनी सुप्त चेतना के कारण आत्मबोध लगभग खो चुका था। गुलामी का दंश अगर देखना हो तो आत्मबोध खो चुके उस समय के भारत के बारे में जान सकते हैं, जब मुट्ठी भर विदेशी आक्रान्ता भारत को गुलाम बनाने में सफल हो गए थे। यहां की सभ्यता, संस्कृति व परम्परा को अपमानित किया जा रहा था।

स्वामी विवेकानन्द के बचपन का नाम नरेन्द्र था। नरेन्द्र से स्वामी विवेकानन्द तक की यात्रा एक साधक से एक युग प्रवर्तक की यात्रा है। अर्थात् यदि हमारे मन में बदलाव की इच्छाशक्ति व सत्संकल्प हो, तो उस बदलाव के वाहक बन सकते हैं। लीक से हटकर चलने की प्रेरणा हमें आगे बढ़ा सकती है। उन्होंने कठोपनिषद् के मंत्र ‘उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत’ अर्थात् ‘उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको’ को अपने जीवन का मंत्र बनाया। यह मंत्र प्रत्येक भारतीय, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया था। स्वामी जी का स्पष्ट संदेश था कि लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता और कर्म में निरन्तरता होनी चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होगा, सफलता प्राप्त नहीं हो सकती। प्रायः ऐसा होता है कि मन्जिल नजदीक आने पर व्यक्ति लापरवाही या आलस करता है अथवा यह मान लेता है कि सफलता नहीं मिलेगी। लेकिन जब उसके मन में यह तीनों भाव रहते हैं तो उसको सफल होने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती।

शिकागो की धर्म सभा में स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा था कि मैं भारत की उस परम्परा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है। अर्थात् हमने किसी का छीना नहीं तथा किसी को जबरन गुलाम नहीं बनाया। हमारे पास बल, बुद्धि और वैभव था, लेकिन हमने किसी पर अपनी बात को जबरन नहीं थोपा। दुनिया की कोई भी पीड़ित मानवता जब भारत में आई, तो भारत ने उसे विपत्ति के समय शरण दी, संरक्षण किया तथा उसके संवर्धन में अपना योगदान दिया। मैं उस परम्परा का प्रतिनिधित्व इस धर्मसभा में कर रहा हूं। राष्ट्र को ऊर्जा से भर देने वाला स्वामी विवेकानन्द का यह उद्घोष सिंहनाद की तरह था।

स्वामी विवेकानन्द जी का अटल विश्वास था कि भारत अपने आत्मगौरव, युवा शक्ति और आध्यात्मिक चेतना के बल पर पुनः विश्व गुरु के रूप में स्वयं को स्थापित करेगा। आज उनके विश्वास को हम सभी मूर्त रूप लेते हुए देख रहे हैं। सन् 1947 में देश की आजादी से एक दिन पूर्व देश का दर्दनाक विभाजन हुआ। लाखों की संख्या में कत्लेआम प्रत्येक भारतीय को आहत कर रहा था। आजादी का जश्न प्रत्येक भारतीय नहीं मना पाया था। लेकिन जब देश अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरा कर रहा था, तब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रत्येक भारतीय आजादी के अमृत महोत्सव के साथ जुड़ रहा था। उसका वह जुड़ाव आत्मिक भी था। भले ही प्रत्यक्ष रूप से समारोह में भाग नहीं ले सकता था, लेकिन प्रत्येक भारतीय ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम के माध्यम से आयोजन का हिस्सा बना। प्रधानमंत्री जी ने प्रत्येक भारतीय को वर्ष 2022 में विकसित भारत/2047 का विज़न दिया था।


प्रधानमंत्री के नेतृत्व व मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षों में किये गये प्रयास से आज भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। अब जब प्रधानमंत्री जी बोलते हैं, तो दुनिया सुनती है तथा अनुसरण करती है। भारत की सामर्थ्य के प्रति दुनिया का विश्वास है और उस विश्वास का प्रतीक भारत की युवा शक्ति है। अपने-अपने क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले युवक मंगल दल और महिला मंगल दल को राज्य स्तरीय स्वामी विवेकानन्द यूथ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, प्रत्येक विकास खण्ड में एक मिनी स्टेडियम तथा प्रत्येक जिले में एक बड़ा स्टेडियम बने। इस दिशा में युद्धस्तर पर कार्य चल रहे हैं। युवक मंगल दल और महिला मंगल दल भी इस प्रयास में भागीदार बनें। युवक मंगल दल और महिला मंगल दल को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से केवल उसके सदस्य ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण ग्राम पंचायत खेल का हिस्सा बने। ग्राम पंचायत स्तर पर खेलकूद, न्याय पंचायत स्तर पर प्रतिस्पर्धा हेतु अपने गांव की टीम बनाएं और न्याय पंचायत, विकास खण्ड तथा जनपद स्तर पर होने वाली प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनें। तत्पश्चात मण्डल स्तर और अंत में प्रदेश स्तर की प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनें। इससे अच्छी टीमें बनेंगी, मनोरंजन भी होगा और युवाओं को आगे बढ़ने का एक प्लेटफार्म भी प्राप्त होगा।

प्रधानमंत्री जी का कहना है कि ‘खेलोगे तो खिलोगे’। उन्होंने ‘खेलो इण्डिया’, फिट इण्डिया मूवमेण्ट तथा सांसद खेलकूद प्रतियोगिता के माध्यम से खेलकूद प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित किया। राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण लीग और विधायक खेलकूद प्रतियोगिताएं प्रारम्भ की गई हैं। गांव में यह टीम वर्क गांव के विकास में योगदान देगा। हमारा युवा नशे से दूर होगा, जो नाश का कारण है। नशा युवा पीढ़ी को और अंतत समाज और राष्ट्र को खोखला बना देता है। उन्होंने मंगल दल के सदस्यों से कहा कि हमें नशे के खिलाफ अभियान चलाना होगा। नशे के कारोबार में लिप्त व्यक्ति की गोपनीय सूचना देकर नशे के खिलाफ प्रहार करने में अपना योगदान दें। युवक मंगल दल और महिला मंगल दल जल संरक्षण के कार्य में अपना योगदान करें। गांव में चेक डैम व अमृत सरोवर बनाने तथा पुराने कुएं के पुनरूद्धार कार्य से जुड़ें। आगामी समय में राज्य स्तरीय विवेकानन्द यूथ अवार्ड उन्हें दिया जाएगा, जो इस कसौटी पर खरे उतरेंगे।

प्रत्येक जनपद में कोई न कोई प्राचीन नदी है। यदि उस नदी पर अतिक्रमण हुआ है, तो उसके पुनरुद्धार करने की दिशा में सरकार की नई स्कीम ‘विकसित भारत जी राम जी’ के माध्यम से पहल की जा सकती है। गांव के लोगों को श्रमदान के लिए प्रेरित किया जा सकता है। इस योजना के माध्यम से प्रत्येक गांव में रोजगार सृजन के बारे में जानकारी दे सकते हैं। बरसात के समय प्रयास होना चाहिए कि ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अवश्य लगाएं। विगत 08 वर्षों में प्रदेश में पौधरोपण हेतु सघन अभियान चलाया गया है। परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश देश के बड़े राज्यों में प्रथम स्थान पर है, जिसने अपने यहां ग्रीन कवर को बढ़ाया है। प्रकृति और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी है और जवाबदेही का हिस्सा भी है। हम सबको इसके साथ जुड़ना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस वर्ष जुलाई माह के प्रथम सप्ताह से वन महोत्सव प्रारम्भ होगा, जिसमें 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। प्रत्येक युवक मंगल दल अपनी ग्राम पंचायत को इस कार्यक्रम के साथ जोड़े। उस समय सरकार पौध उपलब्ध कराएगी, जिसमें इमारती लकड़ी, फलदार, छायादार और औषधियों के पौध भी शामिल होंगे। कुछ पौध स्वयं भी तैयार करवाएं। हम सभी को मिलकर पौधरोपण अभियान को आगे बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में युवाओं के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। डबल इंजन सरकार ने मिशन रोजगार के अन्तर्गत प्रदेश के 09 लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी है। युवाओं के साथ अब कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। सरकार ने प्रदेश में कानून व्यवस्था का बेहतर माहौल सुनिश्चित किया है। देश में सबसे अधिक युवा आबादी उत्तर प्रदेश में है। इस स्केल को स्किलिंग में बदला गया और स्किलिंग को फिर स्पीड के साथ जोड़ा गया, ताकि उसको स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके। प्रदेश में बड़े पैमाने पर उद्योगों की स्थापना की जा रही है। अब तक 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के माध्यम से परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित किया गया है। इन दोनों के माध्यम से 2 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार की गारण्टी मिली है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने स्वतः रोजगार के लिए पी0एम0 स्टार्टअप, पी0एम0 स्टैण्ड अप सहित अनेक योजनाएं संचालित की हैं। प्रदेश के 02 करोड़ युवाओं को डिजिटली सक्षम बनाने के लिए स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के माध्यम से निःशुल्क स्मार्टफोन और टैबलेट वितरण की कार्यवाही युद्धस्तर पर चल रही है। अब तक 50 लाख युवाओं को इससे जोड़ा जा चुका है। हाल ही में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से पहले चरण में युवाओं को 05 लाख रुपये तक का गारण्टीमुक्त व ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने के कार्य को आगे बढ़ाया गया है। अब तक प्रदेश के एक लाख से अधिक युवा इस योजना का लाभ ले चुके हैं।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसी नई तकनीकों के साथ युवाओं को जोड़ा गया है, जिनका उपयोग कर वह अधिक से अधिक मात्रा में रोजगार का सृजन कर सके। सरकार ने इसके लिए टाटा टेक्नोलॉजी व सैमसंग व अन्य कम्पनियों के साथ साझेदारी करते हुए इस प्रकार के सेण्टर प्रदेश में विकसित किए हैं। परिणामस्वरूप, देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होते हुए भी प्रदेश में बेरोजगारी की दर सबसे कम है। देश के 55 प्रतिशत मोबाइल व 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट प्रदेश में निर्मित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में अनन्त संभावनाएं हैं।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में केवल इन्वेस्टमेंट के माध्यम से ही एम्प्लॉयमेण्ट नहीं जनरेट हो रहा है, बल्कि टूरिज्म भी रोजगार का एक माध्यम है। पहले कानून व्यवस्था खराब थी, इसलिए प्रदेश में कोई पर्यटक नहीं आता था। आज प्रदेश के सुरक्षित वातावरण में प्रत्येक व्यक्ति खुशहाल है, अपने काम-धन्धे में लगा हुआ है और मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। गत वर्ष प्रयागराज में आयोजित महाकुम्भ में देश और दुनिया से 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए थे। हमारे धर्म स्थलों तथा पर्यटन स्थलों पर आज बड़ी संख्या में टूरिस्ट आ रहे हैं। इससे गाइड, टैक्सी चालक, होटल, रेस्टोरेंट व अन्य अलग-अलग रूप में रोजगार का सृजन हुआ है। प्रदेश के युवाओं को इनोवेशन, रिसर्च एण्ड डेवलपमेण्ट, एम्प्लॉयमेण्ट आदि नए-नए क्षेत्र के लिए तैयार करना होगा।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज हम लोग जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, उसमें नई चुनौतियां भी हैं। तकनीक के प्रति सतर्कता और सावधानी की आवश्यकता है। तकनीक और प्रगति के साथ नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक संवेदनशीलता भी आवश्यक है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश इस दिशा में मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। आज हमारे पास बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर है। प्रदेश ने देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के साथ रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्वयं को स्थापित किया है। प्रदेश के पास स्टार्टअप का एक बेहतरीन ईको सिस्टम है। हमें अपने युवाओं को, जो वास्तव में देश के वास्तविक शिल्पकार हैं, आगे बढ़ाने के लिए मजबूती के साथ जोड़ने की दिशा में कार्य करना होगा। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खेलकूद एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक नीरज बोरा व ओ0पी0 श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। केवल इन्वेस्टमेंट से ही एम्प्लॉयमेण्ट नहीं बल्कि टूरिज्म भी रोजगार का माध्यम