Friday, February 27, 2026
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एलडीए की सील बिल्डिंग में धड़ल्ले से चल रहा निर्माण!

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एलडीए की सील बिल्डिंग में धड़ल्ले से चल रहा निर्माण!
एलडीए की सील बिल्डिंग में धड़ल्ले से चल रहा निर्माण!

एलडीए की सील बिल्डिंग में धड़ल्ले से चल रहा निर्माण! एलडीए सेक्टर एच में बीते दिनों हुई थी सीलिंग कार्यवाही।लखनऊ में नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक और मामला सामने आया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा सेक्टर एच में हाल ही में की गई सीलिंग कार्रवाई के बावजूद संबंधित बिल्डिंग में धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी होने की खबर ने सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक सख्ती के दावों के बीच अगर सील इमारतों में भी काम चलता रहे, तो यह न सिर्फ नियमों की अनदेखी है बल्कि व्यवस्था पर भी बड़ा प्रश्नचिन्ह है। अब देखना यह होगा कि एलडीए इस मामले में दोबारा कड़ी कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

राकेश यादव

लखनऊ। प्राधिकरण की कानपुर रोड योजना के तहत एलडीए सेक्टर आई और एच में निर्माणाधीन शौपिंग कॉम्लेक्स में एलडीए की सीलिंग कार्यवाही सिर्फ फाइलों में सिमट कर रह गई है। कागजों में सील की गई इन रो हाउस और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में निर्माण का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। आशियाना चौराहे से स्काई हिल्टन की ओर जाने वाली सड़क पर चौराहे से मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर बाएं हाथ पर निर्माणाधीन शौपिंग कॉम्प्लेक्स को कुछ दिन पहले ही एलडीए के अधिकारियों ने इस कॉम्प्लेक्स पर सीलिंग कार्यवाही की थी।

इस बिल्डिंग में सीलिंग कार्रवाई के बाद भी निर्माण का काम जोरशोर से चल रहा है। इसी प्रकार पकरी पुल चौराहे से बंगला बाजार पुल की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर करीब सात सौ मीटर की दूरी पर दाहिनी हो रो हाउस के अलावा आसपास दो बिल्डिंगों का निर्माण हो रहा था। इन बिल्डिंगों पर भी एलडीए अधिकारियों ने सीलिंग की कार्रवाई की। इस कार्यवाही के बाद भी इन बिल्डिंगों में चोरी छिपे निर्माण का काम चल रहा है।

सीलिंग कार्यवाही के बाद गुपचुप तरीके से चल रहा यह निर्माण कार्य एलडीए की सीलिंग कार्रवाई पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एलडीए की सीलिंग कार्यवाही कागजों में सिमट कर रह गई है। पूर्व में भी कई बिल्डिंगों को सील किया। सीलिंग कार्यवाही के बाद बिल्डिंग बन कर तैयार हो गई और उसमें दुकानें तक खुल गई है। एलडीए के उच्च अधिकारियों को यह सच दिखाई ही नहीं पड़ता है।