सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास का बजट-मुख्यमंत्री

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सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास का बजट-मुख्यमंत्री

सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास का बजट-मुख्यमंत्री

वर्ष 2023-24 का बजट सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास की अवधारणा के साथ ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना को साकार करने वाला बजट। राम राज्य की अवधारणा, सद्संकल्प तथा दृढ़ इच्छाशक्ति से आगे बढ़कर कार्य करने से साकार होगी, ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ राम राज्य का मूल मंत्र, इसी मूल मंत्र को अंगीकार करते हुए बजट प्रस्तुत। यह बजट राम राज्य की अवधारणा को पूरा करने और उसकी आधारशिला बनने जा रहा, आर्थिक सम्पन्नता, विकासोन्मुख समाज, राजनीतिक अखण्डता का निर्माण प्रत्येक नागरिक के जीवन में खुशहाली ला सकता है, इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी विरासत को पहचानें। यह बजट प्रदेश के गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं सहित प्रत्येक तबके के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा तैयार करेगा। प्रदेश 01 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बने, यह पूरे सदन का संकल्प होना चाहिए, इस मंशा को पूरा करने के लिए बजट आप सभी का आह्वान कर रहा,25 करोड़ लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए हम सभी अपनी पूरी सामथ्र्य और शक्ति के साथ आगे बढ़कर कार्य करेंगे, तो उ0प्र0, देश की इकोनाॅमी का ग्रोथ इंजन बनेगा।

वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए 30 हजार 870 करोड़ रु0,मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के माध्यम से अब तक 11 करोड़ 72 लाख 29 हजार से अधिक लोग लाभान्वित, 11 लाख 80 हजार से अधिक गोल्डेन कार्ड जारी। मिशन निरामयाः के अन्तर्गत 300 संस्थाओं में नर्सिंग और पैरामेडिकल के पाठ्यक्रम शुरू हो रहे।वर्ष 2012 से 2017 के मध्य कुल विद्युत उत्पादन 18 हजार 631 मेगावाॅट, आज 30 हजार मेगावाॅट अतिरिक्त विद्युत की क्षमता उ0प्र0 प्राप्त कर चुका।ट्रांसमिशन क्षमता को 16,348 मेगावाॅट से बढ़ाकर इस वित्तीय वर्ष के अंत तक,28 हजार मेगावाॅट तथा वर्ष 2025 तक 32 हजार मेगावाॅट से अधिक का लक्ष्य।वर्ष 2017 के बाद गड्ढामुक्ति अभियान, इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवेज, हाइवेज़ पर कार्य हुआ, पूर्व की तुलना में उ0प्र0 सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर में बहुत तेजी से आगे बढ़ा। राज्य में बेहतर कोआॅर्डिनेशन के माध्यम से रिजल्ट ओरिएण्टेड कार्य किया गया।महिला अपराधों में सजा दिलाने में उ0प्र0, देश में प्रथम स्थान पर वर्ष 2016 की तुलना में डकैती में 80.31 प्रतिशत, लूट में 61.51 प्रतिशत, हत्या में 32.45 प्रतिशत, बलवा में 51.65 प्रतिशत, फिरौती में 43.18 प्रतिशत, दुष्कर्म में 21.75 प्रतिशत की कमी,ई-प्राॅसिक्यूशन में उ0प्र0, देश में प्रथम स्थान पर।विश्व के सबसे बड़े आयोजन प्रयागराज महाकुम्भ-2025 को दुनिया की यूनिक इवेण्ट बनाने के लिए 25 करोड़ रु0 की बजट व्यवस्था राज्य सरकार ने विरासत का सम्मान करते हुए।संस्कृत के छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति की घोषणा की।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार का वर्ष 2023-24 का बजट प्रदेश की 25 करोड़ जनता की भावनाओं को ध्यान मंे रखकर प्रस्तुत किया गया है। यह बजट सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास की अवधारणा के साथ ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना को साकार करने वाला तथा प्रत्येक तबके का प्रतिनिधित्व करने वाला बजट है। यह बजट प्रदेश के गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं सहित प्रत्येक तबके के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि राम राज्य की अवधारणा, सद्संकल्प तथा दृढ़ इच्छाशक्ति से आगे बढ़कर कार्य करने से साकार होगी। एक ऐसी अवधारणा जिसमें भेदभाव किसी के साथ न हो। न जाति, न मत, न मजहब। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ यह राम राज्य का मूल मंत्र है। इसी मूल मंत्र को अंगीकार करते हुए बजट प्रस्तुत किया गया है।विधान सभा में वर्ष 2023-24 के बजट पर सामान्य चर्चा में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने बजट चर्चा में भाग लेने के लिए दलीय नेताओं सहित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चर्चा में कुल 134 सदस्यों ने भाग लिया है। इसमें सत्ता पक्ष के 83 तथा दलीय नेताओं समेत प्रतिपक्ष के 51 सदस्य सम्मिलित हैं। बजट में चर्चा पर भाग लेकर सभी सदस्यों ने बजट के विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डालने के साथ ही, प्रदेश की जनता की भावनाओं, आशाओं तथा आकांक्षाओं को सदन तक पहुंचाया है।सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास का बजट-मुख्यमंत्री

विगत 06 वर्षाें में प्रदेश के बजट का आकार दोगुने से अधिक बढ़ा,यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के विस्तार एवं जी0डी0पी0 में दोगुनी प्रगति, प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय मंे वृद्धि को प्रस्तुत करता है।हर समस्या के दो समाधान होते हैं-‘भाग लो या भाग लो’, समस्या के समाधान के लिए उसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर समाधान तक पहुंचना चाहिए, इसी को ध्यान मेें रखते हुए प्रदेश सरकार ने विगत 06 वर्षाें में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया।


उत्तर प्रदेश के वर्ष 2023-24 के बजट पर चर्चा करते हुए विगत 06 वर्षाें की यात्रा को जरूर देखना होगा। लगभग 06 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर जनता ने ‘सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मूल मंत्र को अंगीकार करते हुए सत्ता परिवर्तन किया। वर्ष 2017 से 2022 तक के सफल कार्यकाल के बाद जनता का जनादेश प्राप्त करने से एक बार फिर हमारी सरकार बनी। अब राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट प्रस्तुत किया गया है। विगत 06 वर्षाें में प्रदेश के बजट का आकार दोगुने से अधिक बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2016-17 का बजट 03 लाख 40 हजार करोड़ रुपये का था। वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट दोगुने से अधिक 06 लाख 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के विस्तार एवं जी0डी0पी0 में दोगुनी प्रगति को प्रदर्शित करता है। साथ ही, प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय मंे वृद्धि को भी प्रस्तुत करता है। प्रदेश की विकास यात्रा जन विश्वास पर आधारित एक यात्रा है। सरकार ऐसी होनी चाहिए जो जनमानस के प्रति संवेदनशील हो। सरकार समस्याओं से मुंह मोड़ने वाली न होकर चुनौती स्वीकार करने वाली होनी चाहिए, जो भ्रष्टाचार और अपराध के प्रति जीरो टाॅलरेन्स की नीति से कार्य करे। प्रत्येक व्यक्ति जानता है कि हर समस्या के दो समाधान होते हैं-भाग लो या भाग लो। समस्या के समाधान के लिए उसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर समाधान तक पहुंचना चाहिए। इसी को ध्यान मेें रखते हुए प्रदेश सरकार ने विगत 06 वर्षाें में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता के प्रतिनिधि के रूप में सदन में बैठे हम सबकी जनता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी हैं। यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में प्रदेश में 33 से 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह प्रदेश सरकार के प्रति जनविश्वास और क्रेडिबिलिटी का ही परिणाम है। इस बजट में जनता से किये गये सभी वायदों को समाहित किया गया है। पूर्ववर्ती सरकार ने वर्ष 2016 में रियो दि जेनेरिया ओलम्पिक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों बैडमिण्टन खिलाड़ी सुश्री पी0वी0 सिन्धु, कुश्ती की सुश्री साक्षी मलिक तथा जिम्नास्टिक्स की सुश्री दीपा करमाकर को 01-01 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन यह धनराशि इन खिलाड़ियों को दी नहीं गई। हमारी सरकार को जानकारी मिलने पर 26 जनवरी, 2018 को प्रदेश की ओर से हमने यह धनराशि प्रदान की। वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव के लोक कल्याण संकल्प पत्र के 130 संकल्पों में से 110 संकल्पों को इस बजट में सम्मिलित किया है। इसके लिए 64 हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि की व्यवस्था बजट में की गई है। इस धनराशि का उपयोग प्रदेश के गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं सहित प्रत्येक तबके के हितों के लिए होगा। पूर्ववर्ती सरकारों में व्यापक कर चोरी होती थी। इससे प्रदेश का विकास बाधित होता था। वर्ष 2016 में यमुना एक्सप्रेस-वे अथाॅरिटी (यीडा) 642 करोड़ रुपये की हानि में था। बेहतर वित्तीय प्रबन्धन से विगत 06 वर्षाें में यह रिकाॅर्ड लाभ में है। वर्ष 2016-17 में राज्य कर राजस्व 86 हजार करोड़ रुपये था। इस वित्तीय वर्ष का राज्य कर राजस्व 02 लाख 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक होगा, जो दोगुने से अधिक है। वर्ष 2016-17 में सेल्स टैक्स से 51 हजार करोड़ रुपये आय हुई थी। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 124 हजार करोड़ रुपये से अधिक सेल्स टैक्स की प्राप्ति होने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 12 हजार करोड़ रुपये स्टेट एक्साइज से प्राप्त हुए थे। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 45 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति अनुमानित है।


उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। यह गरीबों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं के कल्याण का आधार एवं वल्र्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर का माध्यम बन रहा है। प्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर देश की बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। प्रदेश सरकार की आगामी ग्राउण्ड बे्रकिंग सेरेमनी के बाद उत्तर प्रदेश, देश की दूसरी अर्थव्यवस्था तथा आगामी पांच वर्ष में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में होगा। राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों पर कोई कर नहीं लगाया। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का मूल्य अन्य राज्यों के सापेक्ष कम है। 26 लाख से अधिक व्यापारियों ने राज्य में रजिस्ट्रेशन कराया है। प्रदेश सरकार प्रत्येक व्यापारी को 10 लाख रुपये तक सुरक्षा बीमा उपलब्ध करा रही है। कोरोना कालखण्ड के दौरान प्रदेश सरकार ने संवेदनशीलता के साथ कार्य किया। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से प्रदेश में निःशुल्क टेस्ट, उपचार एवं राशन की सुविधा उपलब्ध करायी गयी। गरीब, कमजोर तबके के लोगों, स्ट्रीट वेण्डर्स को भरण-पोषण भत्ता प्रदान करने के साथ ही, 40 लाख से अधिक प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराकर, उन्हें समायोजित किया गया। प्रदेश की सभी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के दिया जा रहा है। यह ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ का मूर्त रूप है। योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।


बैंकिंग सेक्टर का व्यवसाय 2012 से 2017 के बीच 12 लाख 97 हजार 995 करोड़ रुपये था। वर्ष 2017 से 2022 के दौरान यह बढ़कर 22 लाख 06 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। बैंकों की जमा पूंजी में प्रदेश के युवाओं तथा उद्यमियों को लोन के रूप में वर्ष 2017 में 46 प्रतिशत प्राप्त होता था। वह आज बढ़कर लगभग 55 प्रतिशत हो गया है। वित्तीय संस्थाओं द्वारा वर्ष 2017 से 2022 के बीच 09 लाख 52 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया, जो प्रदेश के नौजवानों की आकांक्षाओं पूर्ण करने का माध्यम बन रहा है। साथ ही, कारीगरों के हुनर को प्रोत्साहित करते हुए अर्थव्यवस्था में संतुलन लाने का कार्य हो रहा है। एफ0आर0बी0एम0 एक्ट की सीमा के अन्तर्गत राजकोषीय घाटे को सीमित रखा गया है। यह प्रदेश के बेहतर वित्तीय प्रबन्धन का नमूना है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 01 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ चुकी है। वर्ष 2016-17 में तत्कालीन सरकार ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 21 लाख 21 हजार 629 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति रोक दी थी। हमारी सरकार ने वर्ष 2017 में विगत वर्ष एवं उस वित्तीय वर्ष की छात्रवृत्ति एक साथ देने का कार्य किया। वित्तीय वर्ष 2016-17 के बजट में राज्य का स्वयं के राजस्व से योगदान 33 प्रतिशत था। आज वर्ष 2022-23 के बजट में स्वयं के राजस्व से योगदान 44 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में ऋणों से वित्त पोषण 20 प्रतिशत था। वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह मात्र 16 प्रतिशत रह गया है। यह आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ता कदम है। पूर्ववर्ती सरकार के बजट में 08 प्रतिशत राशि ऋणों का ब्याज चुकाने में जाती थी। 2022-23 में यह घटकर 6.5 प्रतिशत हो गई है। इसे और कम करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर व रोजगार से जुड़ा सेक्टर वर्ष 2016-17 की तुलना में दोगुना से ज्यादा बढ़ा है। 01 लाख 47 हजार करोड़ रुपये की राशि कैप्टिल एक्सपेण्डिचर पर खर्च होगी। यह पहले की दोगुनी से अधिक राशि है।  सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास का बजट-मुख्यमंत्री

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आई0टी0आई0 व पाॅलीटेक्निक संस्थानों को ओ0डी0ओ0पी0 व विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से जोड़ा जा रहा।मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 14 लाख 72 हजार बेटियों को जोड़ा गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना द्वारा 02 लाख से अधिक बेटियों का विवाह सम्पन्न प्रदेश सरकार 01 करोड़ 74 लाख लोगों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत वर्ष में 02 सिलेण्डर निःशुल्क प्रदान करने जा रही।


ओ0डी0ओ0पी0 के परम्परागत उत्पादों ने एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र को नया जीवन दिया है। आज यह दुनिया की लोकप्रिय योजना बन चुकी है। उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट का हब बन रहा है। वर्ष 2016-17 की तुलना में प्रदेश दोगुने से अधिक निर्यात कर रहा है। 01 लाख 56 हजार करोड़ रुपये से अधिक का एक्सपोर्ट वर्ष 2022 में ही पहुंच चुका है। प्रदेश सरकार द्वारा ओ0डी0ओ0पी0 की अभिनव योजना देश व दुनिया में पहचान दिलाने के लिए प्रस्तुत की गयी। प्रधानमंत्री जी द्वारा विश्व के अन्य राष्ट्राध्यक्षों को प्रदेश के ओ0डी0ओ0पी0 उत्पाद उपहार स्वरूप देने से ओ0डी0ओ0पी0 उत्पाद के कलाकार, कारीगर, हस्तशिल्पी को गौरवान्वित होते हैं। साथ ही, उनके व्यवसाय को वैश्विक मान्यता प्राप्त होती है। ओ0डी0ओ0पी0 हमारी विरासत का हिस्सा है। ओ0डी0ओ0पी0 को जियो टैग मिल रहा है। यूनियन बजट का यह पार्ट बना है। हमें ओ0डी0ओ0पी0 कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को हतोत्साहित करने के बजाय प्रोत्साहित करना चाहिए। प्रदेश सरकार कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों की कला का सम्मान करती है।प्रत्येक भारतवासी बाबा साहब डाॅ0 भीमराव आंबेडकर को सम्मान व श्रद्धा के भाव से देखता है। वर्ष 1946 में भारत के संविधान निर्माण की कार्यवाही प्रारम्भ हुई थी। संविधान सभा की पहली बैठक में बाबा साहब डाॅ0 भीमराव आंबेडकर ने कहा था कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक है कि इति को लेकर नहीं, अथ को लेकर चिंता होनी चाहिए। अर्थात लक्ष्य साफ है, प्रश्न है कि उसे पाने के लिए शुरुआत कैसे करें। यानी शुरुआत अच्छी होगी, तो परिणाम भी अच्छा होगा।

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प्रदेश में विद्यमान अनेक सम्भावनाओं को ध्यान में रखकर 01 ट्रिलियन डाॅलर की इकोनाॅमी बनाने का लक्ष्य, 10 सेक्टर चिन्हित 100 आकांक्षी नगर निकायों में आधारभूत सुविधा की वृद्धि व विकास के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था,निवेश प्रस्तावों से आर्थिक क्षेत्रीय असंतुलन दूर होगा। स्टेट जी0डी0पी0 में कृषि क्षेत्र का योगदान आज 26 प्रतिशत, वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्ष 2022-23 में कृषि विकास दर लगभग 03 गुना बढ़ी। वर्ष 2016-17 में राज्य कर राजस्व 86 हजार करोड़ रु0 था, इस वित्तीय वर्ष का राज्य कर राजस्व 02 लाख 20 हजार करोड़ रु0 से अधिक होगा, जो दोगुने से अधिक वर्तमान में उ0प्र0 रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, यह गरीबों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं के कल्याण का आधार एवं वल्र्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर का माध्यम बन रहा।प्रदेश सरकार की आगामी ग्राउण्ड बे्रकिंग सेरेमनी के बाद उ0प्र0, देश की दूसरी अर्थव्यवस्था तथा आगामी पांच वर्ष में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था होगा।एफ0आर0बी0एम0 एक्ट की सीमा के अन्तर्गत राजकोषीय घाटे को सीमित रखा गया, यह प्रदेश के बेहतर वित्तीय प्रबन्धन का नमूना ओ0डी0ओ0पी0 के परम्परागत उत्पादों ने एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र को नया जीवन दिया, आज यह दुनिया की लोकप्रिय योजना,प्रधानमंत्री जी के रिफाॅर्म, परफाॅर्म, ट्रांसफाॅर्म के मंत्र को अपनाते हुए आज उ0प्र0 हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा।देश की जी0डी0पी0 में उ0प्र0 का योगदान 08 प्रतिशत, जिसे बढ़ाकर 16 से 20 प्रतिशत करना होगा। उ0प्र0 में एक्सप्रेस, हाइवे के साथ आई-वे, प्रदेश सरकार के पास स्केल व स्किल, विगत 06 वर्षों में उ0प्र0 की स्पीड बढ़ी।


देश को यदि 05 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनना है तो उत्तर प्रदेश को भी अपनी आबादी के अनुसार भी योगदान करना होगा। देश की जी0डी0पी0 में उत्तर प्रदेश का योगदान 08 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 16 से 20 प्रतिशत करना होगा। आज प्रदेश जिस रास्ते पर चल रहा है, यह लक्ष्य अवश्य पूरा होगा। उत्तर प्रदेश में अनन्त सम्भावनाएं विद्यमान हैं। इन सम्भावनाओं के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने नियोजित प्रयास किए हैं। प्रदेश में देश की 10 से 11 प्रतिशत उर्वरा भूमि है, जिसमें देश का 20 प्रतिशत खाद्यान्न का उत्पादन होता है। इस उत्पादन क्षमता को 03 गुना तक बढ़ाया जा सकता है। राज्य में प्रचुर मात्रा में जल संसाधन उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक युवा शक्ति व श्रम बाजार भी उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयां मौजूद हैं।विगत 06 वर्षों में उत्तर प्रदेश में रोड, रेल, एयर, इनलैण्ड वाॅटर वेज की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। हर प्रकार की कनेक्टिविटी आज उत्तर प्रदेश के पास है। 16 हजार कि0मी0 से अधिक का रेल नेटवर्क प्रदेश में है। ईस्टर्न एण्ड वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट काॅरिडोर उत्तर प्रदेश से होकर गुजरते हंै। वाराणसी से हल्दिया तक इनलैण्ड वाॅटर-वे का लाभ प्रदेश प्राप्त कर रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री जी ने सबसे लम्बी रिवर क्रूज यात्रा का शुभारम्भ वाराणसी से किया। एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में व्यापक सम्भावनाएं हैं। वाराणसी में मल्टी मोडल टर्मिनल, गाजीपुर राजघाट रामनगर व प्रयागराज में भी फ्लोटिंग टर्मिनल बनाने की कार्यवाही आगे बढ़ी है। इससे यहां के उत्पाद को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। दादरी में मल्टी मोडल लाॅजिस्टिक हब व बोराकी में मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब प्रदेश सरकार द्वारा विकसित किया जा रहा है। वाराणसी में 100 एकड़ भूमि में फ्रेट विलेज विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में इनबाउण्ड और आउटबाउण्ड कार्गो के लिए ट्रांसपोर्ट हब के रूप में यह फ्रेट विलेज कार्य करेगा। प्रधानमंत्री जी के 5टी-टैलेण्ट, ट्रेडिशन, टेªड, टूरिज्म एण्ड टेक्नोलाॅजी का प्रदेश में विस्तार किया जा रहा है।प्रदेश 01 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बने, यह पूरे सदन का संकल्प होना चाहिए। इस मंशा को पूरा करने के लिए बजट आप सभी का आह्वान कर रहा है। बजट में प्रत्येक सेक्टर को प्राथमिकता देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने सभी सदस्यों से वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट को पारित करने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को, देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए आप सभी अपनी पूरी सामथ्र्य और शक्ति के साथ आगे बढ़कर कार्य करेंगे, तो उत्तर प्रदेश, देश की इकोनाॅमी का ग्रोथ इंजन बनेगा। उत्तर प्रदेश को अपनी इस जिम्मेदारी को निभाना चाहिए।सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास का बजट-मुख्यमंत्री


उत्तर प्रदेश में अब केवल एक्सप्रेस, हाइवे ही नहीं, बल्कि आई-वे भी है। ब्राॅडबैण्ड आॅप्टिकल फाइबर नेटवर्क पर फोकस किया जा रहा है। सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय का निर्माण करके उन्हें इण्टरनेट से जोड़ा जा रहा है। सभी स्कूल-काॅलेजों में भी यह कार्यवाही की जा रही है। आज प्रदेश सरकार के पास स्केल भी है, स्किल भी है और विगत 06 वर्षों में उत्तर प्रदेश की स्पीड भी बढ़ी है। उत्तर प्रदेश के इस पोटेंशियल का लाभ प्रदेशवासियों को प्राप्त हो, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश की 01 ट्रिलियन डाॅलर की इकोनाॅमी के लक्ष्य के सम्बन्ध में सदन में चर्चा कराए जाने के प्रस्ताव पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में विद्यमान अनेक सम्भावनाओं को ध्यान में रखकर 01 ट्रिलियन डाॅलर की इकोनाॅमी बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश सरकार ने इसके दृष्टिगत 10 सेक्टर चिन्हित किए हैं, जिन पर लगातार कार्य किया जा रहा है। विकास के इन 10 सेक्टर में-कृषि उत्पादन, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, नगरीय विकास, पर्यटन एवं संस्कृति, शिक्षा, राजस्व संग्रह सहित विविध सेक्टर शामिल हैं। इन सभी सेक्टर में प्रदेश सरकार समग्र विकास के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। वैश्विक महामारी कोरोना ने प्रभावित किया, लेकिन प्रदेश सरकार बिना डिगे, बिना झुके, बिना रुके लगातार इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही है। राज्य सरकार हर प्रदेशवासी को बिना भेदभाव के फैमिली आई0डी0 कार्ड की सुविधा प्रदान करेगी। इस आई0डी0 कार्ड के लिए बजट में व्यवस्था की गयी है।  


नीति आयोग द्वारा 75 इण्डीकेटर्स के साथ देश के 112 आकांक्षात्मक जनपदों का चयन किया गया था। इनमें प्रदेश के 08 जनपद-बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बहराइच और श्रावस्ती, सोनभद्र, चंदौली, चित्रकूट व फतेहपुर शामिल हैं। नीति आयोग द्वारा जारी रियल टाइम माॅनीटरिंग रैंकिंग में टाॅप 10 जनपदों में उत्तर प्रदेश के 05 आकांक्षात्मक जनपद तथा टाॅप 20 में सभी 08 आकांक्षात्मक जनपद शामिल हैं। नीति आयोग के आकांक्षात्मक जनपदों की तर्ज पर राज्य सरकार ने प्रदेश के 100 आकांक्षी विकासखण्डों की पहचान की है, जहां पर सामाजिक व आर्थिक क्षेत्र में सुधार लाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2023-24 के बजट में आकांक्षी नगर योजना के अन्तर्गत 100 आकांक्षी नगर निकायों में आधारभूत सुविधा की वृद्धि व विकास के लिए धनराशि की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश सरकार प्रत्येक जनपद को अपनी जी0डी0पी0 बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। हाल ही में सम्पन्न यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दृष्टिगत राज्य के सभी जनपदों में निवेश सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। आकांक्षात्मक जनपदों में भी निवेश आया है। इससे हर जनपद की विकास के प्रति प्रतिबद्धता उजागर होती है। प्रदेश को यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से 33 से 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 04 लाख 29 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। प्रदेश के हर क्षेत्र व हर जनपद के लिए निवेश प्रस्ताव आए हैं। इन निवेश प्रस्तावों से आर्थिक क्षेत्रीय असंतुलन भी दूर होगा। प्रदेश सरकार के प्रयासों से ईज आॅफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश एक लम्बी छलांग के साथ 14वें स्थान से दूसरे स्थान पर आया है। प्रधानमंत्री जी के रिफाॅर्म, परफाॅर्म, ट्रांसफाॅर्म के मंत्र को अपनाते हुए आज उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

UP वन ट्रिलियन इकॉनमी बनेगा और जरूर बनेगा-मुख्यमंत्री
सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास का बजट-मुख्यमंत्री

गोरखपुर की गोरक्षपीठ विदेशी आक्रान्ताओं को मुंहतोड़ जवाब देने का सबसे बड़ा केन्द्र रही,वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव के लोक कल्याण संकल्प पत्र के 130 संकल्पों में से 110 संकल्पों को इस बजट में सम्मिलित किया गया, इसके लिए 64 हजार 700 करोड़ रु0 से अधिक धनराशि की बजट व्यवस्था। वर्ष 2012 से 2017 के मध्य 94 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद, 12800 करोड़ रु0 का भुगतान-वर्ष 2017 से 2022 के मध्य 219.12 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद, 40,159 करोड़ रु0 का भुगतान किसानों को सीधे खाते में वर्ष 2012 से 2017 के दौरान 123 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, 17,190 करोड़ रु0 का भुगतान-वर्ष 2017 से 2022 के मध्य 280 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद किसानों से, 50,420 करोड़ रु0 का भुगतान अन्नदाता किसानों के खाते में 82 लाख से अधिक घरों को नल के कनेक्शन प्रदान किए जा चुके।राज्य सरकार जनपद कुशीनगर में महात्मा बुद्ध के नाम पर कृषि विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रही।अब तक 23 लाख हेक्टेयर भूमि को बाढ़ से सुरक्षित किया जा चुका, वर्ष 2023-24 के बजट में 277 परियोजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य,संस्कृत विद्यालयों के उन्नयन के लिए बजट में 100 करोड़ रु0 की व्यवस्था,वोकेशनल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए टाटा टेक्नोलाॅजी लि0 के साथ प्रदेश सरकार ने एम0ओ0यू0 किया, हर वर्ष लगभग 35 हजार युवा प्रशिक्षित एवं सेवायोजित होंगे।


वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में चीनी मिलें बंद हो रही थीं। किसानों की आय बढ़ाने का कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया। फसल खरीद में बिचैलिए हावी थे। किसानों को मण्डी शुल्क 01 से 02 प्रतिशत तक देना होता था। अन्नदाता किसान वर्तमान राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। प्रदेश सरकार का पहला बजट किसानों को समर्पित था। राज्य सरकार ने पहला निर्णय किसानों की फसल ऋण माफी का किया था, जिसमें 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का फसल ऋण माफ किया गया। स्टेट जी0डी0पी0 में कृषि क्षेत्र का योगदान आज 26 प्रतिशत है। वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्ष 2022-23 में कृषि विकास दर स्थिर मूल्य के आधार पर लगभग 03 गुना बढ़ी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत अब तक 51,639 करोड़ रुपये अन्नदाता किसानों के बैंक खातों में अंतरित किए जा चुके हैं। विषमुक्त खेती आज की आवश्यकता है। गौ आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने कार्य प्रारम्भ किए हैं। सभी मण्डल मुख्यालयों में प्रदेश सरकार लैब्स की स्थापना करा रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश में 20 से अधिक सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया है। इससे लगभग 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा प्राप्त हुई है।वर्ष 2012 से 2017 के मध्य 94 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गयी, जिसके लिए 12,800 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इस भुगतान में बिचैलियों की भूमिका अधिक थी। वहीं वर्ष 2017 से 2022 के मध्य 219.12 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गयी। इसके लिए 40,159 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को सीधे खाते में किया गया है। वर्ष 2012 से 2017 के दौरान 123 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई और 17,190 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं वर्ष 2017 से 2022 के मध्य 280 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद किसानों से की गयी और 50,420 करोड़ रुपये का भुगतान अन्नदाता किसानों के खाते में किया गया। इस वर्ष 64 हजार मीट्रिक टन धान क्रय किया गया और 13,192 करोड़ रुपये का भुगतान डी0बी0टी0 के माध्यम से सीधे अन्नदाता किसानों के खाते में किया गया।सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास का बजट-मुख्यमंत्री


डबल इंजन की सरकार ने रमाला, पिपराइच, मुण्डेरवा चीनी मिल स्थापित कीं। अब तक 01 लाख 98 हजार 434 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। कुल 5800 से 6000 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान बकाया है। प्रदेश में 119 चीनी मिलें संचालित हैं, जिनमें 100 से अधिक चीनी मिलें 10 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं।डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से आज बुन्देलखण्ड क्षेत्र पानी की कमी से नहीं जूझ रहा है। ‘जल जीवन मिशन’ के अन्तर्गत हर घर नल योजना द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र के हर घर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की कार्यवाही हो रही है। 82 लाख से अधिक घरों को नल के कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। सरकार का प्रयास है कि वर्ष 2024 तक प्रदेश में 02 करोड़ 26 लाख से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। डबल इंजन की सरकार हर घर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।


‘नमामि गंगे परियोजना’ द्वारा गंगा जी को निर्मल एवं अविरल बनाने के सफल प्रयास किए गए हैं। ‘नमामि गंगे परियोजना’ का सबसे क्रिटिकल प्वाइंट कानपुर था। आज सीसामऊ से सीवर गंगा जी में नहीं गिर रहा है। 52 एस0टी0पी0 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें 28 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 17 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है और 07 परियोजनाओं पर शीघ्र ही कार्य प्रारम्भ होगा। प्रयागराज कुम्भ-2019 का दिव्य एवं भव्य आयोजन देश और दुनिया के सामने है। यह कुम्भ अपनी स्वच्छता, सुरक्षा व सुव्यवस्था के लिए जाना जाता है।लोक कल्याण संकल्प पत्र 2023-24 में राज्य सरकार ने कृषि के निजी नलकूप में उपभोक्ताओं को विद्युत बिल में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की और इस बजट में फेज़ वाइज़ बढ़ाने के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है, ताकि 100 प्रतिशत की छूट मिल सके। पी0एम0 कुसुम योजना के अन्तर्गत 30,000 सोलर पम्प की स्थापना की कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण नीति के लिए धनराशि की व्यवस्था की गयी है। दलहन, तिलहन के बीज के मिनी किट उपलब्ध कराने के लिए भी धनराशि निश्चित की गयी है।


हमारे अन्नदाता किसान अत्याधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ सकें, इसके लिए प्रदेश सरकार ने अनेक प्रयास किए हैं। हर जनपद में कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित किए गए हैं। कृषि विज्ञान केन्द्र और कृषि विश्वविद्यालय आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार जनपद कुशीनगर में महात्मा बुद्ध के नाम पर कृषि विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रही है। इसके लिए बजट में व्यवस्था की गयी है। कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप व इन्क्यूबेटर की स्थापना के लिए बजट में प्राविधान किया गया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण के विभिन्न कार्य वर्ष 2023-24 के बजट में शामिल किए गए हैं। विगत 05 वर्ष पूर्व प्रदेश के 34 से 38 जनपद बाढ़ से संवेदनशील थे। प्रदेश सरकार ने नदियों की डेªजिंग व चैनलाइजेशन के कार्य को आगे बढ़ाते हुए अपने सफल प्रयासों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दायरे को कम किया है। अब तक 23 लाख हेक्टेयर भूमि को बाढ़ से सुरक्षित किया जा चुका है। वर्ष 2023-24 के बजट में 277 परियोजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कार्य किए हैं। प्रदेश सरकार ने शिक्षा का बजट बढ़ाया है। बेसिक शिक्षा परिषद में बच्चों की संख्या 01 करोड़ 34 लाख बच्चों से बढ़कर 01 करोड़ 91 लाख से अधिक हो गयी है। इस संख्या को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार प्रत्येक बच्चे के लिए स्कूल बैग, बुक्स, यूनीफाॅर्म, स्वेटर, जूता-मोजा उपलब्ध करा रही है। इसके लिए डी0बी0टी0 के माध्यम से उनके अभिभावकों के खाते में धनराशि अन्तरित कर रही है। प्रदेश में ड्राॅप आउट रेट लगातार घटा है। 01 लाख 64 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। आज उत्तर प्रदेश में पूरी पारदर्शिता के साथ नकलविहीन परीक्षाएं हो रही हैं। 01 लाख 64 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती को पारदर्शी तरीके से सम्पन्न किया गया है। प्रधानमंत्री स्कूल फाॅर राइजिंग इण्डिया के लिए धनराशि की व्यवस्था की गयी है। हर ग्राम पचंायत व वाॅर्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का प्राविधान बजट में किया गया है। ऐसे क्षेत्र जहां स्कूल नहीं बन पाए, उन क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए प्रदेश सरकार ने बजट में व्यवस्था की है। असेवित क्षेत्रों में हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट काॅलेजों की स्थापना हो रही है। माध्यमिक शिक्षा में राजकीय इण्टर काॅलेज और शासकीय सहायता प्राप्त काॅलेजों के इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी बजट में प्राविधान किया गया है।  सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास का बजट-मुख्यमंत्री


संस्कृत भारतीय संस्कृति की आधार है। संस्कृत विद्यालयों के उन्नयन के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। संस्कृत भाषा को प्रोत्साहित करने हेतु संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्काॅलरशिप की व्यवस्था की गयी है। उच्च शिक्षा में रिसर्च एवं इनोवेशन के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में प्रथम बार 11 विश्वविद्यालयों द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग की तैयारी कर अपनी कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। 04 विश्वविद्यालय विश्वस्तरीय रैंकिंग हेतु क्यू0आई0एस0 रैंकिंग मंे भाग ले रहे हैं। असेवित मण्डलों में विश्वविद्यालय की स्थापना का प्राविधान बजट में किया गया है, जिसके अन्तर्गत देवीपाटन मण्डल, मीरजापुर मण्डल और मुरादाबाद मण्डल में एक-एक विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।युवाओं के लिए सी0एम0 इन्टर्नशिप योजना का भी प्राविधान बजट में किया गया है। प्रदेश की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक सफल योजना साबित हुई है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के 43 लाभार्थियों का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में हुआ है। प्रदेश सरकार ने आज की आवश्यकताओं के अनुरूप इण्टरनेट आॅफ थिंग्स, साइबर सिक्योरिटी, डाटा साइंस, मशीन लर्निंग जैसे अत्याधुनिक कोर्सेज़ को भी आज पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। वोकेशनल एजुकेशन में बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को स्किल्ड बनाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। वोकेशनल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए अभी हाल ही में टाटा टेक्नोलाॅजी लि0 के साथ प्रदेश सरकार ने एम0ओ0यू0 किया है, जिससे हर वर्ष लगभग हमारे 35 हजार युवा प्रशिक्षित एवं सेवायोजित होंगे। आई0टी0आई0 व पाॅलीटेक्निक संस्थानों को ओ0डी0ओ0पी0 व विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से जोड़ा जा रहा है।


खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेण्ट व खिलाड़ियों की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की दिशा में राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। खिलाड़ियों को शासकीय सेवाओं में शामिल किया जा रहा है। शीघ्र ही प्रदेश के लगभग 600 खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में शामिल किया जाएगा। जनपद मेरठ में मेजर ध्यानचन्द के नाम पर खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है।प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार निराश्रित महिला पेंशन योजना के अन्तर्गत 31 लाख निराश्रित महिलाओं को प्रतिवर्ष 12000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। वर्ष 2012 से 2017 के मध्य वृद्धावस्था पेंशन योजना में 37 लाख लोग लाभान्वित हो रहे थे, आज जिनकी संख्या बढ़कर 56 लाख हो गयी है। इन्हें 12000 रुपये वार्षिक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। वर्ष 2012 से 2017 के मध्य इस योजना के लिए बजट 1550 करोड़ रुपये था और आज 7,948 करोड़ रुपये के बजट का प्राविधान इस योजना के लिए है। पहले 08 लाख दिव्यांगों को 300 रुपये प्रतिमाह दिव्यांगजन पेंशन मिलती थी। आज 11 लाख दिव्यांगों को प्रतिमाह 01 हजार रुपये दिव्यांगजन पेंशन प्रदान की जा रही है। वर्ष 2012 से 2017 के दौरान दिव्यांगजन पेंशन योजना के लिए बजट का कोई प्राविधान नहीं था। वर्ष 2023-2024 में 1552 करोड़ 75 लाख रुपये की व्यवस्था दिव्यांगजन पेंशन योजना के लिए की गयी है।


मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 14 लाख 72 हजार बेटियों को जोड़ा गया है, जिसके अन्तर्गत 15 हजार रुपये विभिन्न कालखण्ड में उन्हें उपलब्ध कराया जाता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना द्वारा 02 लाख से अधिक बेटियों का विवाह सम्पन्न हुआ। इस योजना के अन्तर्गत 51 हजार रुपये की धनराशि प्रत्येक जोड़े को प्रदान की जाती है। प्रदेश सरकार 01 करोड़ 74 लाख लोगों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत वर्ष में 02 सिलेण्डर निःशुल्क प्रदान करने जा रही है। इसके लिए बजट में व्यवस्था की गयी है।बेहतर प्रबन्धन व समन्वय का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में कोविड पूरी तरह नियंत्रित है। लगभग 40 करोड़ कोरोना वैक्सीन की डोज लोगों को बिना भेदभाव के उपलब्ध करायी गयी है। कोरोना कालखण्ड में प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन की सुविधा प्रदान की गयी। वर्ष 2017 से पूर्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का बजट लगभग 12 हजार करोड़ रुपये का होता था। आज चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का बजट वर्ष 2023-2024 में 30 हजार 870 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2017 से पूर्व एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम एम्बुलेंस की सुविधा प्रदेश में नहीं थी। आज प्रदेश में 500 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा में तत्पर है। आयुष्मान भारत योजना का लाभ 01 करोड़ से अधिक परिवार अर्थात 06 करोड़ से अधिक लाभार्थी प्राप्त कर चुके हैं, जिसके लिए 1448 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। प्रदेश के सभी जनपदों में डायलिसिस व वेण्टीलेटर की सुविधा उपलब्ध हुई है। टेली कन्सलटेंसी और टेलीमेडिसिन के माध्यम से लोगों को इलाज की सुविधा प्राप्त हो रही है।


राज्य सरकार मानवता की सेवा में कोई भेद नहीं करती। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के माध्यम से अब तक 11 करोड़ 72 लाख 29 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। 02 लाख 670 गम्भीर रोगियों को हायर सेण्टर में रिफर किया गया है। 11 लाख 80 हजार से अधिक गोल्डेन कार्ड भी जारी किए गए हैं। राज्य सरकार प्रदेश के कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने जा रही है। इसके लिए बजट में प्राविधान किया गया है। विभिन्न संचारी रोगों के नियंत्रण के लिए वर्ष में 03 से 04 विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। संचारी रोगों के नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तर प्रदेश को अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से इंसेफेलाइटिस पूरी तरह नियंत्रण में है। आज इंसेफेलाइटिस से होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण मौतों को 96 प्रतिशत तक नियंत्रित कर लिया गया है।प्रदेश सरकार वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल काॅलेज की दिशा में आगे बढ़ी है। एम0बी0बी0एस0 व पी0जी0 की सीटों में बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य में पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) बेड्स की संख्या को बढ़ाया गया है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में पीकू बेड्स की संख्या 150 थी, जिनकी संख्या बढ़कर 6700 से अधिक हो चुकी है। मिशन निरामयाः के अन्तर्गत 300 संस्थाओं में नर्सिंग और पैरामेडिकल के पाठ्यक्रम शुरू हो रहे हैं। 35 वर्षों से बंद पड़े 35 ए0एन0एम0 सेण्टरों में प्रशिक्षण पुनः प्रारम्भ हुआ है, जहां हमारे युवा को प्रशिक्षण के साथ रोजगार की गारण्टी प्राप्त होगी। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 01 लाख 77 हजार से अधिक स्मार्ट फोन वितरित किए गए हैं, जिनके माध्यम से सारे डाटा अपलोड हो रहे हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में उत्तर प्रदेश कई आंकड़ों में राष्ट्रीय औसत के बराबर और कुछ में राष्ट्रीय औसत से ऊपर है। राज्य सरकार ने एण्टी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया है।सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास का बजट-मुख्यमंत्री


उत्तर प्रदेश में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में बहुत अच्छे प्रयास हुए हैं। दम तोड़ रही एम0एस0एम0ई0 इकाइयां पुनर्जीवित हुई हैं। आज देश में सबसे ज्यादा एम0एस0एम0ई0 इकाइयां उत्तर प्रदेश में हैं। प्रदेश सरकार ने अपनी ओ0डी0ओ0पी0 योजना के माध्यम से राज्य के परम्परागत उद्यम को बढ़ावा दिया है। एम0एस0एम0ई0 अधिनियम-2020 के माध्यम से 01 हजार दिवस तक किसी भी विभाग में निरीक्षण से छूट का प्राविधान किया गया है। परिणामस्वरूप यह क्षेत्र औद्योगिक निवेश का आधार और रोजगार का माध्यम बना है। एम0एस0एम0ई0 ने प्रदेश के निर्यात को दोगुना किया है। आज उत्तर प्रदेश 01 लाख 56 हजार करोड़ रुपये का निर्यात कर रहा है।प्रदेश सरकार ने विद्युत वितरण की दिशा में बिना भेदभाव के कार्यों को आगे बढ़ाया है। आज सभी जनपदों को निर्बाध व समान रूप से विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। 01 लाख 21 हजार से अधिक मजरों में विद्युतीकरण का कार्य किया गया है। वर्ष 2012 से 2017 के मध्य कुल विद्युत उत्पादन 18 हजार 631 मेगावाॅट था। आज 30 हजार मेगावाॅट अतिरिक्त विद्युत की क्षमता उत्तर प्रदेश प्राप्त कर चुका है। सोलर पावर की दिशा में भी बेहतर कार्य किया गया है। आने वाले समय में प्रदेश को नेट जीरो की तरफ जाना ही होगा। इस दिशा में जो प्रयास प्रारम्भ हुए हैं, उसके लिए बजट में व्यवस्था की गयी है। प्रदेश सरकार बायोफ्यूल नीति, नवीकरणीय ऊर्जा नीति और भविष्य की हाइड्रोजन एनर्जी की दिशा में जो कार्य किए जा रहे हैं। ट्रांसमिशन क्षमता को 16,348 मेगावाॅट से बढ़ाकर इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 28 हजार मेगावाॅट तथा वर्ष 2025 तक 32 हजार मेगावाॅट से अधिक के लक्ष्य पर सरकार कार्य कर रही है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी को बेहतर किया गया है। इसे 4-लेन से जोड़ा गया है। 54 ऐसे मार्ग हैं, जो इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी में आते हैं। यह नेपाल राष्ट्र सहित बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखण्ड, दिल्ली राज्यों से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2017 के बाद गड्ढामुक्ति अभियान, इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवेज, हाइवेज़ पर कार्य हुआ है। भारत सरकार द्वारा मेरठ से दिल्ली 12-लेन का विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे बनवाया गया है। पहले यह दूरी तय करने में 04 घण्टे का समय लगता था, अब मात्र 45 मिनट में यह दूरी तय की जा सकती है। लखनऊ से कानपुर तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। परसों ही पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे का सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, भारत सरकार द्वारा शिलान्यास किया गया है। दिल्ली से सहारनपुर को जोड़ने के लिए कार्य किए गए हैं। पूर्व की तुलना में उत्तर प्रदेश सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर में बहुत तेजी से आगे बढ़ा है। ग्राम्य विकास एवं शहरी विकास के क्षेत्र में ‘मातृभूमि योजना’ का नया प्रस्ताव आया है। उत्तर प्रदेश का नागरिक यदि कहीं बाहर रहता है और उत्तर प्रदेश में अपने पूर्वज के नाम पर कोई कन्वेंशन सेण्टर, सामुदायिक भवन आदि बनाना चाहता है, इसके लिए राज्य सरकार ने ‘मातृभूमि योजना’ प्रारम्भ की है। इसके तहत सरकार द्वारा सहायता उपलब्ध करायी जाएगी। 60 प्रतिशत धनराशि सम्बन्धित व्यक्ति द्वारा वहन की जाएगी और 40 प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार वहन करेगी। इस योजना की ओर बड़े पैमाने पर लोग आकर्षित हुए हैं।


ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर में वृद्धि के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत 01 लाख 60 हजार स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर संघ झांसी का लगभग 150 करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर और 13 से 14 करोड़ रुपये का नेट प्राॅफिट है। महिलाओं का यह समूह उनके सामथ्र्य को प्रदर्शित करता है। उत्तर प्रदेश की लगभग हर ग्राम पंचायत के पास बैंकिंग काॅरेस्पाॅडेण्ट सखी हैं। यह सभी बहनें बैंकिंग लेन-देन का कार्य कर रही हैं। गांव-गांव में इस व्यवस्था को बढ़ाने का कार्य हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें एल0ई0डी0 स्ट्रीट लाइट्स से जगमगा रही हैं। स्वामित्व योजना में 50 लाख से अधिक परिवारों को घरौनी उपलब्ध करायी जा चुकी है। यह देश और प्रदेश में पहली बार हो रहा है।प्रधानमंत्री की प्रेरणा से योजनाओं का लाभ प्रत्येक गरीब को मिल रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किए गए हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष को आपदा घोषित करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है। लखनऊ में नाइट सफारी की स्थापना के लिए बजट प्राविधान किया गया है। पिछले 05 वर्षों में प्रदेश में 135 करोड़ वृक्षारोपण हुआ है। इस वर्ष भी 35 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य है। इस कार्य में स्वयं सहायता समूहों का सहयोग भी लिया जाएगा।


प्रदेश में कानून व्यवस्था की बेहतर स्थिति है। पिछले 05 वर्षों में पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ सम्पन्न किया गया है। पुलिस बल के आधुनिकीकरण का कार्य हुआ है। अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि की गई है। राज्य में बेहतर कोआॅर्डिनेशन के माध्यम से हर एक कार्य को रिजल्ट ओरिएण्टेड किया गया है। मिशन शक्ति कार्यक्रम एक माॅडल बन रहा है। 17 नगर निगमों एवं जनपद गौतमबुद्धनगर को स्मार्ट सिटी मिशन के साथ जोड़कर सेफ सिटी के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एन0सी0आर0बी0 की रिपोर्ट के अनुसार महिला अपराधों में सजा दिलाने में उत्तर प्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2016 की तुलना में डकैती में 80.31 प्रतिशत, लूट में 61.51 प्रतिशत, हत्या में 32.45 प्रतिशत, बलवा में 51.65 प्रतिशत, फिरौती में 43.18 प्रतिशत, दुष्कर्म में 21.75 प्रतिशत की कमी आयी है। ग्राम सचिवालय में मिशन शक्ति रूम के गठन की कार्यवाही हुई है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा की गारण्टी के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। 03 महिला पी0ए0सी0 बटालियन का गठन, समाप्त कर दी गई 54 पी0ए0सी0 बटालियन की पुनर्बहाली, यू0पी0एस0एस0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 के गठन की कार्यवाही की गई। दंगामुक्त प्रदेश बनाने की कार्यवाही हुई, निवेश इसका परिणाम है।सर्वसमावेशी एवं समग्र विकास का बजट-मुख्यमंत्री


मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस रिफाॅर्म के तहत प्रदेश में 07 पुलिस कमिश्नरेट बनाए गए। 01 लाख 64 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती भी पारदर्शी ढंग से सम्पन्न हुई। साइबर क्राइम को नियंत्रित करने के लिए साइबर थानों की व्यवस्था की गई है। एफ0एस0एल0 लैब स्थापित किए गए हैं। लखनऊ में उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट आॅफ फाॅरेंसिक साइंसेज की स्थापना की जा रही है। इस सत्र से यहां पर पाठ्यक्रम भी प्रारम्भ होंगे। ई-प्राॅसिक्यूशन में उत्तर प्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है। नवीन संशोधित जेल मैनुअल प्रदेश में लागू किया गया है। मेरठ में कोतवाल धन सिंह गूजर स्टेट आॅफ आर्ट पुलिस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की कार्यवाही भी आगे बढ़ रही है।बजट में प्रत्येक सेक्टर, हर योजना के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है। कोई भी तबका अपने आपको उपेक्षित महसूस नहीं कर सकता। साथ ही, फिजूलखर्ची भी नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012 से वर्ष 2017 के मध्य सैफई महोत्सव में 1234 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। वर्ष 2017 से वर्ष 2022 के मध्य हुई इन्वेस्टर्स समिट में मात्र 21 करोड़ व्यय करके प्रदेश को निवेश के बेहतरीन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट राम राज्य की अवधारणा को पूरा करने और उसकी आधारशिला बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश राम राज्य की धरती है और प्रदेश इसी भाव के साथ आगे बढ़ रहा है। आर्थिक सम्पन्नता, विकासोन्मुख समाज, राजनीतिक अखण्डता का निर्माण, यही प्रत्येक नागरिक के जीवन में खुशहाली ला सकता है। इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी विरासत को पहचानें। उत्तर प्रदेश, भारत की विरासत की भूमि है। भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान, भगवान शिव का धाम काशी विश्वनाथ, दुनिया की प्राचीनतम नगरी वाराणसी, गंगा-यमुना की भूमि यहीं है।


विश्व के सबसे बड़े आयोजन प्रयागराज महाकुम्भ-2025 को दुनिया की यूनिक इवेण्ट बनाने के लिए 25 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है, उत्तर प्रदेश में है। नैमिषारण्य जहां वैदिक ज्ञान को लिपिबद्ध किया गया, उत्तर प्रदेश में है। माँ पाटेश्वरी धाम, माँ विन्ध्यवासिनी धाम, माँ शाकुम्भरी धाम यहां पर हैं। गोरखपुर की गोरक्षपीठ विदेशी आक्रान्ताओं को मुंहतोड़ जवाब देने का सबसे बड़ा केन्द्र रही है। राज्य सरकार ने विरासत का सम्मान करते हुए संस्कृत के छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति की घोषणा की है। रामचरितमानस में कहा गया है कि ‘दैहिक, दैविक, भौतिक तापा, राम राज्य नहिं काहुह व्यापा’। ‘सब नर करैं परस्पर प्रीती, चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीती’। उन्होंने कहा कि शारीरिक, आध्यात्मिक और दैविक दुःखों को रोकने के लिए सद्भावना और सत्संकल्प चाहिए। सरकार द्वारा इसके लिए प्रयास किया जाना अच्छा है। गरीबों को आवास, शौचालय देने में किसी की जाति, मत, मजहब नहीं पूछा गया। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास ही राम राज्य है।