यह सही है कि किसी भी देश की उन्नति में एक बड़ा हाथ उस देश के पूंजीपतियों का होता...
प्रधानमंत्री मोदी अंगिका भाषा को दें वाजिब हक...
प्राचीन भारत के सोलह जनपदों में अंग एक प्रमुख जनपद था और जिसकी भाषा आदिकाल से अंगिका है। इस...
शिक्षा प्रणाली की परीक्षा
हाल में जारी इंडियाज ग्रेजुएट स्किल इंडेक्स-2025 की रिपोर्ट चिंतित करने वाली है। इसकी मानें तो भारतीय स्नातकों को कौशल की कमी के चलते...
लिव-इन रिलेशनशिप को मान्यता कितनी जायज़..?
लिव-इन रिलेशनशिप के मुश्किल से 10% मामले ही शादी तक पहुँच पाते हैं। बाक़ी 90% मामलों...
सनातन धर्म को मजबूती प्रदान करता कांची कामकोटि
विश्व के आधे से अधिक सनातन धर्मावलंबी लगा चुके है महाकुम्भ में डुबकी। प्रयागराज में कांची कामकोटि पीठ द्वारा आयोजित महाकुम्भ मेला महोत्सव में...
महाकुम्भ:शिव भक्ति की मस्ती में डूबे विदेशी मेहमान
महाकुम्भ के अंतिम स्नान पर्व पर पवित्र स्नान के लिए जुटने लगे विदेशी श्रद्धालु। ब्राजील से आया शिव भक्तों का जत्था, महा शिवरात्रि में...
गंगा की शुद्धता पर संदेह नहीं-डॉ.अजय सोनकर
दावा:- गंगाजल में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पनप ही नहीं सकता। लाखों लोगों के बीच पद्मश्री डॉक्टर अजय सोनकर ने गंगा जल पीकर दिखाया। यह...
क्या जघन्य अपराधियों की न सुनी जाये पैरोल अर्ज़ी..?
कैदियों की समय से पहले रिहाई से समाज को ख़तरा हो सकता है, खासकर तब जब वे बार-बार अपराध करते...
जलवायु परिवर्तन के कारण पक्षियों की आबादी में गिरावट
पक्षी हमारे ग्रह के सबसे कोमल और सुंदर जीवों में से एक हैं। ये न केवल हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का...
भीड़ का मनोविज्ञान और आधुनिक समाज
भगदड़ सिर्फ भीड़ की अव्यवस्था नहीं बल्कि आधुनिक मानव की मानसिक असंतुलन और अधीरता का दर्पण भी है। यह केवल...

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कर्मचारियों पर कटौती की मार,विधायकों के बढ़ते भत्तों पर सवाल

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जब एक ओर कर्मचारियों की आर्थिक सुविधाओं में कटौती की खबरें सामने आती हैं और दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों के भत्ते व पेंशन लगातार बढ़ते...
बदलती जीवनशैली और बच्चों में बढ़ता मोटापा

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भारत में चाइल्डहुड ओबेसिटी (बचपन में मोटापा) तेजी से उभरती हुई एक साइलेंट पैन्डेमिक बनती जा रही है। बदलती जीवनशैली, जंक फूड की बढ़ती...
शोक के दिनों में भी ड्यूटी क्यों? संवेदना बनाम सिस्टम पर उठे सवाल

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शोक के दिनों का मिले अधिकार, दुख के दिनों में भी ड्यूटी क्यों? मानव संवेदना बनाम दफ्तर की हाजिरी, जब दुख से बड़ा बन...
क्या केवल आईएएस से बदलेगा देश?

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क्या केवल आईएएस बनने से ही देश बदल सकता है? प्रशासनिक व्यवस्था किसी भी राष्ट्र के संचालन के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन असली...
आईसीसी में ‘नो हैंडशेक’,आईपीएल में पाकिस्तानी?

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सोशल मीडिया पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने अबरार अहमद के पुराने पोस्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्होंने भारत से जुड़े सैन्य घटनाक्रमों...