हैप्पी होली के मेसेज से…नीरस होती होली
"हैप्पी होली" के मैसिज ने ली दिल से जुड़े रिश्ते की जगह.... नीरस होती होली। आजकल होली की बधाई...
मर्यादित राजनीति समाज को उत्कृष्ट बनाने में उपयोगी
राजनीति को सांस्कृतिक मर्यादा में रहना चाहिए। मर्यादित राजनीति समाज को उत्कृष्ट बनाने में भी उपयोगी रहती...
लेफ्टिनेंट सृष्टि त्यागी का लखनऊ में भव्य स्वागत
8 मार्च, 2025 को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई से 169 अधिकारियों को सेना में कमीशन दिया गया।...
बदलते ज़माने की रंग बदलती होली
आज हम जो होली मनाते हैं, वह पहले की होली से काफ़ी अलग है। पहले, यह त्यौहार लोगों के...
महिलाएं कर रही स्वच्छता क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव
योगी सरकार के संकल्प से सशक्त हुईं अमृत मित्र महिलाएं, सीतापुर में स्वच्छता और बदलाव की पेश की मिसाल। सीतापुर...
26 अक्षर की शक्ति और सनातन अर्थशास्त्र
पंकज गांधी जायसवाल सनातन अर्थशास्त्र यह मानता है कि इस व्यापक ब्रह्मांड में चाहे वह ज्ञात हो या अज्ञात, संसाधन असीमित हैं...
संविधान सभा में महिलाओं का अमूल्य योगदान
जयसिंह रावत भारतीय संविधान का निर्माण केवल एक कानूनी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया नहीं थी बल्कि यह एक नए भारत की...
पूर्णिया से हुई थी होली की शुरुआत
पूर्णिया से हुई थी होली की शुरुआत।भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का किया था वध,नरसिंह अवतार का खम्बा...
नौनिहालों के सपनों पर हावी होते कोचिंग सेंटर
भारत में कोचिंग सुविधाओं की संख्या में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है। ये केंद्र छात्रों को स्कूल स्तर की परीक्षाओं के साथ-साथ...
वसंत की आहट में फागुन का संदेश
फागुन भारतीय संस्कृति का वह ऋतु संधिकाल है, जिसमें शीत की स्थूलता विलीन होती है और वसंत की ललित आभा प्रकट होती...

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कर्मचारियों पर कटौती की मार,विधायकों के बढ़ते भत्तों पर सवाल

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जब एक ओर कर्मचारियों की आर्थिक सुविधाओं में कटौती की खबरें सामने आती हैं और दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों के भत्ते व पेंशन लगातार बढ़ते...
बदलती जीवनशैली और बच्चों में बढ़ता मोटापा

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भारत में चाइल्डहुड ओबेसिटी (बचपन में मोटापा) तेजी से उभरती हुई एक साइलेंट पैन्डेमिक बनती जा रही है। बदलती जीवनशैली, जंक फूड की बढ़ती...
शोक के दिनों में भी ड्यूटी क्यों? संवेदना बनाम सिस्टम पर उठे सवाल

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शोक के दिनों का मिले अधिकार, दुख के दिनों में भी ड्यूटी क्यों? मानव संवेदना बनाम दफ्तर की हाजिरी, जब दुख से बड़ा बन...
क्या केवल आईएएस से बदलेगा देश?

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क्या केवल आईएएस बनने से ही देश बदल सकता है? प्रशासनिक व्यवस्था किसी भी राष्ट्र के संचालन के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन असली...
आईसीसी में ‘नो हैंडशेक’,आईपीएल में पाकिस्तानी?

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सोशल मीडिया पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने अबरार अहमद के पुराने पोस्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि उन्होंने भारत से जुड़े सैन्य घटनाक्रमों...