
राजेन्द्र चौधरी
अखिलेश यादव ने काशी में कॉरिडोर के नाम पर मणिकर्णिका घाट पर तोड़ फोड़ पर कहा कि मुख्य’ कह रहे हैं ‘कुछ नहीं हुआ’। दूसरी तरफ़ ‘अपर’ बिन आँख मिलाए, गोलमोल-टालमटोल अंदाज़ में कह रहे हैं ‘कुछ था’। झूठ के संग यही सबसे बड़ी समस्या होती है कि उसके दो रूप हो सकते हैं। भाजपाई शासन-प्रशासन पहले मिल बैठकर तय कर ले कि सच को छुपाने के लिए झूठा बयान क्या देना है, नहीं तो ‘दो-बयानी’ से झूठ की कलई खुल जाती है और जनता के बीच उनकी खिल्ली उड़ती है साथ ही शासन-प्रशासन को नज़र चुरा कर बात करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि भाजपाई शासन-प्रशासन, झूठ बोलने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बना ले। भाजपा सरकार साधु-संतों-भक्तों के साथ दुर्व्यवहार अक्षम्य
प्रयागराज में माघमेला क्षेत्र में पिछले साल की तरह ही इस साल फिर से साधु-संतों-भक्तों के साथ हुआ दुर्व्यवहार अक्षम्य है। यह घोर निन्दनीय है। सदियों से चली आ रही शाही-स्नान की अखंड सनातनी परंपरा में गत वर्ष भी इसी सरकार द्वारा विघ्न डाला गया था। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रश्न ये है कि ऐसी घटनाएं भाजपा की सरकार में ही क्यों हो रही हैं। मौनी अमावस्या का शाही-स्नान क्या पहली बार हो रहा है। इस अवस्था के लिए भाजपा का कुशासन और नाकाम व्यवस्था ही दोषी है।
उन्होंने कहा कि मुख्य को हर जगह ‘मुख्य’ बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अहंकारी भाजपाई शासन और प्रशासन अपने से बड़ा किसी को नहीं मानता है। अब क्या इसका दोष भी ‘एआई’ पर मढ़ेंगे? यदि उत्तर प्रदेश के गृह सचिव मनमानी कर रहे हैं तो भी गलत है और अगर किसी के निर्देश पर कर रहे हैं तो और भी गलत है। पूरे मामले की जाँच हो। भाजपा सरकार लापरवाह और संवेदनहीन है। भाजपा सरकार हर वर्ग को अपमानित करना अपना अधिकार मानती है। भाजपा सरकार साधु-संतों-भक्तों के साथ दुर्व्यवहार अक्षम्य
























