
राजेन्द्र चौधरी
भाजपा सरकार सुरक्षा से खिलवाड़ करती है। ये सुरक्षा से कितना खिलवाड़ करते हैं, उसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। मुझे एनएसजी सिक्योरिटी मिली थी। इसी तरह से राहुल गांधी जी को एसपीजी सुरक्षा मिली थी। भाजपा सरकार ने उनकी एसपीजी सुरक्षा हटायी, उनका घर खाली कराया। हमारे पास एनएसजी सुरक्षा थी, उसे हटा लिया। सरकार को उस रिपोर्ट को बताना चाहिए था, एनएसजी सुरक्षा क्यों हटायी गयी। सरकार हमारे ड्राइवर और गेट खोलने वालों की भी गिनती कर बता दिया कि इतनी सुरक्षा दे दी है। पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा का जो प्रोटोकॉल है, वह तो मिलेगा ही।
झांसी के एक दिवसीय दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार सबका अपमान करती है। शंकराचार्य जी का अपमान किया। हमारे बटुकों की शिखा खींची, उन्हें अपमानित किया। जब बटुकों की शिखा खींचकर अपमानित किया जा रहा था, तब उपमुख्यमंत्री कहां थे?
अखिलेश यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री जी तो लगातार शंकराचार्य जी को अपमानित कर रहे है। शंकराचार्य जी से प्रमाण पत्र मांग रहे है। अगर कभी कोई गलती हो जाय तो माफी मांग लेना चाहिए। माफी मांगना बड़ा साहस का काम है। प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य और बटुकों के अपमान के लिए मुख्यमंत्री जी को माफी मांग लेना चाहिए था।
अखिलेश यादव ने कहा कि योगी वह होता है जो दूसरों के दुःख का अपना दुःख समझे। लेकिन ये दूसरों को दुःखी देखकर खुश होते है। जब बुलडोजर से किसी का घर गिरता है तो मुख्यमंत्री आवास में बैठकर खुश होते हैं और कहते हैं देखिए आज मैंने घर गिरवा दिया। मुख्यमंत्री जी संविधान और कानून नहीं मानते हैं। दूसरों को उपद्रवी और माफिया कहते हैं लेकिन 2017 में उन्होंने चुनाव आयोग को जो एफिडेविट दिया है, अगर उसे देखा जाए तो इतना उपद्रवी मुख्यमंत्री कभी नहीं बना। इतने मुकदमे किसी मुख्यमंत्री पर नहीं थे जितने आज के मुख्यमंत्री पर है। 2017 के बाद उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी मुकदमे वापस ले लिये। इन्होंने संविधान और कानून को कभी नहीं माना। आज संविधान और कानून के पीछे छिप रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि विधान सभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर जाना है। लोकसभा चुनाव में थोड़ा बाहर किया है, विधानसभा चुनाव में भाजपा पूरी तरह बाहर हो जायेगी। 2027 में जनता समाजवादी पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलायेगी। भाजपा सरकार से किसान, नौजवान, व्यापारी, हर वर्ग दुःखी है। अन्याय, अत्याचार चरम पर है। किसी को भी न्याय नहीं मिल रहा है।
























