
राजेन्द्र चौधरी
भाजपा सरकार वोटर लिस्ट में हेराफेरी की तैयारी कर रही है। भाजपा के लोग वोटरलिसट अपने हिसाब से बनाना चाहते है। भाजपा सरकार साजिश और षडयंत्र के तहत पीडीए समाज का वोट काटने और अपना वोट बढ़ाने का निर्देश दे रही है। एक अखबार में खबर आयी है कि सरकार ने हर बूथों पर 200 वोट बढ़ाने का निर्देश दिया है। यह चुनाव आयोग की क्रेडिबिलटी पर सवाल है। क्या कल्पना की जा सकती है कि कोई दल वोट बढ़ाने के लिए निर्देश दे। इसके लिए अलग-अलग जिलों में अधिकारी भेजे जा रहे है। जो अधिकारी भेजे जा रहे है उनकी सूची कहां है। भाजपा सरकार कर रही षडयंत्र:अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने सभी बीएलए और बूथ प्रहरियों को एक प्रारूप उपलब्ध कराया है। जो भी फर्जी और डुप्लीकेट मतदाता बनवाता दिखाई दे, उसके खिलाफ एफआईआर करायेंगे। एफआईआर का पूरा प्रारूप तैयार कराया गया है, उसमें केवल नाम डाल कर एफआईआर कर देनी है। जब एसआईआर की इतनी बड़ी प्रक्रिया चल रही है तो वोटरलिस्ट में केवल वास्तविक वोटरों का ही नाम होना चाहिए। उन्हीं का वोट बनना चाहिए लेकिन देखा जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची और केन्द्रीय चुनाव आयोग की मतदाता सूची में करोड़ो वोटों का अंतर आ रहा है। जबकि दो मतदाता सूची तैयार करने वाले बीएलओ और अधिकारी एक ही है।
जब मतदाता वही है अधिकारी और बीएलओ वही है तो राज्य और केन्द्रीय चुनाव आयोग की मतदाता सूचियों में इतना अंतर क्यों है, कहां कमियां है। चुनाव आयोग को बताना चाहिए सही कौन सूची है। उम्म्मीद है कि चुनाव आयोग इन सभी सवालों का जवाब देगा। मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ा जाना चाहिए और आधार कार्ड मेटल का बनाया जाय जिसमें फर्जीवाड़ा न हो पाये।अखिलेश यादव ने कहा कि जानकारी मिली है कि 1.93 करोड़ वोटरों की मैपिंग हो जाने के बाद उन्हें अब अनमैप्ड कर दिया गया है। यह बेहद गंभीर मामला है कि एक बार मैपिंग के बाद लगभग दो करोड़ वोट फिर अनमैप्ड किये जा रहे है। बताया जा रहा है कि उसमें कोई एरर (त्रुटि) हुई है। यह एरर नहीं है भाजपा के लिए एरर किया गया है।
भाजपा जानबूझकर गलती कराती है जिससे लोग उलझ जायें। अगर मैपिंग के बाद फिर से अनमैप्ड किया गया है तो बहुत गंभीर सवाल है। अब इनको बीएलओ के माध्यम से नोटिस भेजकर जांच की जायेगी। इस तरह से कुल तीन करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जा रहा है। पहले बताया गया था कि मैपिंग वाले मतदाताओं को कोई नोटिस नहीं जायेगी।फिर सवाल उठ रहा है कि यह मैपिंग एप किसका है। चुनाव आयोग बताएं कि एप किसका बनाया हुआ है? आयोग को कौन तकनीकी सपोर्ट दे रहा है? आयोग विपक्ष को बताए कि एप किसका है? अगर एप उस कम्पनी का है, जिसने भाजपा को इलेक्टोरल बांड से चंदा दिया है तो यह बड़ा सवाल खड़ा होता है। अगर भाजपा को चंदा देनी वाली कम्पनी मैपिंग कर रही है वही डेटा मैनेजमेंट कर रही है इसका मतलब है लाखों वोट डिलीट कर विपक्ष को उलझाए रखने की साजिश है। भाजपा मुद्दों से नहीं जीत सकती है। वहां वोटो की हेराफेरी कर प्रशासन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के चुनाव को प्रभावित करने की तैयारी हो रही है। यह भी सुनने में आ रहा है कि भाजपा की विचारधारा से जुड़े अधिकारियों को जिलों में सुनवाई (हियरिंग) के लिए लगाया गया है। हमारी मांग है कि ऐसे अधिकारियों के बारे में बताया जाय। पहले भी देखा गया भाजपा सरकार चुनाव में जाति के आधार पर अधिकारियों की तैनाती करती है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा दबाव डालकर विपक्ष के वोट डिलीट कराना चाहती है और पहले जो फर्जी और डबल, ट्रिपल वोट था वो वोट दोबारा जोड़ना चाहती है। इसलिए सभी बीएलए को एफआईआर कराने के लिए प्रारूप उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलों में मतदाताओं की सुनवाई राजनीतिक दलों के बीएलए की मौजूदगी में हो और हियरिंग के फैसले के बाद सूची नोटिस बोर्ड पर लगायी जाये, जिसको मतदाता और सभी दलों के लोग देख सकें। जिलों में भेजे गए अधिकारियों का मोबाइल नम्बर दिया जाए जिससे उनसे सम्पर्क किया जा सके। चुनाव आयोग की कार्यशैली पर इससे पहले भी कई बार सवाल उठे है। समाजवादी पार्टी ने रामपुर में उपचुनाव में वीडियो डाले थे जिसमें पुलिस वोटरों को रोक रही है लेकिन किसी पुलिस और अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई। विधानसभा उपचुनाव में उपचुनाव कैसे हुआ था सभी ने देखा था। कुन्दरकी, मीरापुर, कटेहरी में पुलिस के लोगों ने सादी-वर्दी में वोट-डाले। शिकायत के बाद भी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
वोटर लिस्ट में भाजपा की हेराफेरी रोकने के लिए समाजवादी पार्टी के नेता-कार्यकर्ता, बीएलए और बूथ प्रहरी अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। समाजवादी पार्टी का प्रयास है कि किसी का वोट न कटे। पहले दिन से समाजवादी पार्टी कह रही है कि मतदाता सूची की यह प्रक्रिया एसआईआर नहीं एनआरसी है। जो काम गृह मंत्रालय का था भाजपा सरकार उसे चुनाव आयोग से करवा रही है। सरकार बताए कि एसआईआर में कितने घुसपैठिए निकले। सरकार घुसपैठियों की सूची दे। भाजपा संस्थानों का दुरुपयोग कर रही है। कोडीन भाइयों ने आठ सौ करोड़ बना लिया है, उनके यहां कोई ईडी-सीबीआई नहीं जा रही है। अगर कोई भाजपा से जुड़ा है उसके खिलाफ ईडी-सीबीआई कार्रवाई नहीं करती है।
जहां चुनाव है ईडी वहीं क्यों जा रही है। कोडीन भाइयों के खिलाफ क्यों नहीं जाती। यह सरकार अब तक वोट की चोरी, डकैती कर रही थी अब डाटा की भी चोरी कर रही है। भाजपा बंगाल में नहीं जीतने वाली है। वहां की जनता ममता बनर्जी जी के साथ है। अखिलेश यादव ने मेरठ में मां की हत्या और बेटी के अपहरण की घटना को बेहद दुःखद बताते हुए कहा कि इस घटना में भाजपा के लोग शामिल है। इसलिए कार्रवाई नहीं हो रही है। आंकड़े बताते है कि महिलाएं और बेटियां यूपी में सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। प्रदेश की कानून व्यवस्था बेहद खराब है। सरकार घटनाओं को छिपाना चाहती है। समाजवादी पार्टी के सांसद श्री रामजी लाल सुमन मेरठ जाना चाहते थे, पुलिस ने उन्हें भी रोक दिया। भाजपा सरकार कर रही षडयंत्र:अखिलेश यादव

























