अनिल सिंह पटेल डोमा परिसंघ के प्रदेश महासचिव नियुक्त

धनंजय सिंह

लखनऊ। डोमा परिसंघ आदिवासी, पिछड़ी जातियों एवं समाज के निचले तबके के अधिकारों की रक्षा के लिए अपने स्थापना के समय से ही संघर्षरत है। संविधान की रक्षा के लिए परिसंघ समय समय पर आवाज उठाता रहा है। संगठन का विस्तार करते हुए परिसंघ ने समाजसेवी अनिल सिंह पटेल को प्रदेश महासचिव नियुक्त किया है।
डोमा परिसंघ संविधान बचाने और आरक्षण की सीमा 50% तक बढ़ाने, जाति जनगणना, वक्फ बोर्ड में अनावश्यक हस्तक्षेप पर अंकुश, निजीकरण पर रोक और उसमें आरक्षण, उच्च न्यायपालिका में आरक्षण, खाली पदों पर भर्ती, भूमि आवंटन, समान शिक्षा, ठेकेदारी प्रथा की समाप्ति, धार्मिक आजादी, सरकारी धन से चल रही परियोजनाओं में आरक्षण, किसानों को न्यूनतम मूल्य (एम एस पी) की गारंटी, जल-जंगल व जमीन से आदिवासियों को वंचित किए जाने के विरुद्ध, पुरानी पेंशन की बहाली और बैलेट पेपर से चुनाव आदि मुद्दों पर संघर्षरत है। बताते चलें कि डोमा दलित, ओबीसी, अल्पसंख्यक और आदिवासी संगठनों का एक संयुक्त संगठन है। परिसंघ पारदर्शिता के साथ सभी जातियों और धर्मों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कराने का पक्षधर है।

श्री पटेल की सक्रियता व अनुभवों से प्रभावित होकर डोमा परिसंघ, उत्तर प्रदेश का महासचिव नियुक्त किया है। डोमा परिसंघ ने समाजसेवी श्री पटेल से आशा जताई है कि उपरोक्त मुद्दों की लड़ाई लक्ष्य प्राप्ति तक अनवरत जारी रखेंगे। श्री पटेल के प्रदेश महासचिव नियुक्त होने पर सामाजिक संगठनों, परिसंघ के पदाधिकारियों द्वारा बधाई देने का तांता लगा हुआ है। श्री पटेल ने परिसंघ को आश्वस्त किया है कि संगठन का वृहद रूप से विस्तार किया जाएगा और इसकी नीतियों और विचारधारा को समाज के निचले स्तर तक पहुंचाने का भरसक प्रयास किया जाएगा।

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