Tuesday, January 20, 2026
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आखिर मिल ही गया डीआईजी का प्रभार

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आखिर मिल ही गया डीआईजी का प्रभार
आखिर मिल ही गया डीआईजी का प्रभार
आर.के.यादव

लंबी लड़ाई के बाद आखिर मिला डीआईजी का प्रभार। प्रमुख सचिव कारागार ने जारी किया आदेश। जेल विभाग के पदावनत अफसर का मामला। कोर्ट की फटकार के बाद पदावनत डीआईजी,जेल शैलेन्द्र मैत्रेय को शासन ने फिर बनाया डीआईजी। षडय़ंत्रकारी अधिकारियों के शिकार शैलेन्द्र मैत्रेय फिर बनें डीआईजी,मुख्यालय पर संभाला कार्यभार।

लखनऊ। छह माह की लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार पदावनत डीआईजी जेल की डीआईजी के पद पर बहाली के साथ तैनाती दिए जाने का आदेश जारी कर दिया गया। राज्यपाल की संस्तुति के बाद प्रमुख सचिव कारागार ने उच्च न्यायालय के पदावनत के मामले में रोक संबंधी आदेश के अनुपालन में डीआईजी को प्रभार संभालने का निर्देश दिया है। इस कड़ी में प्रमुख सचिव कारागार ने पदावनत डीआईजी को डीआईजी मुख्यालय में पदभार ग्रहण करा दिया है। यह अलग बात है कि अभी तक उन्हें कोई प्रभार नहीं दिया गया है। लंबी लड़ाई के बाद आखिर मिला डीआईजी का प्रभार

बीती 28 फरवरी 2023 को प्रयागराज जेेल परिक्षेत्र में तैनात डीआईजी शैलेंद्र कुमार मैत्रेय को शासन ने पदावनत किये जाने का आदेश जारी किया। इस आदेश में कहा गया कि डीआईजी जेल शैलेंद्र मैत्रेय को चयन वर्ष-2019-20 में विभागीय चयन समिति द्वारा अनुपयुक्त श्रेणी में वर्गीकृत किया गया। शासन ने हवाला दिया कि जिला कारागार बस्ती में तैनाती के दौरान डीएम व एसपी के निरीक्षण के दौरान जेल से भारी मात्रा में अवैध वस्तुओं की बरामद हुई थी। इस मामले में शासन ने उनके विरुद्ध तीन वेतनवृद्धियां रोके जाने एवं परिनिंदा का दंड दिया गया। इस आदेश के विरुद्ध वह न्यायालय की शरण में गए। डीआईजी शैलेंद्र मैत्रेय पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने शासन को गुमराह कर प्रोन्नति प्राप्त कर ली। इस मामले में उन्हें शासन ने पदावनत कर दिया था। इस पदावनत आदेश के खिलाफ पीडि़त जेल अफसर उच्च न्यायालय की शरण में गया। न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के बाद आदेश जारी किया। इस आदेश में डीआईजी जेल के पदावनत के आदेश पर अग्रिम आदेश तक के लिए रोक लगा दी। बता दें, सात जुलाई को जारी न्यायालय के आदेश के बावजूद शासन ने पदावतन डीआईजी को प्रभार संभालने नहीं दिया गया। उन्हें कहा गया कि न्यायालय के रोक के आदेश को शासन को भेजने की बात कहकर वापस का दिया गया।

इसके बाद पदावतन डीआईजी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना को वाद दाखिल किया। इस अवमानना के मामले में न्यायालय ने प्रमुख सचिव कारागार राजेश कुमार सिंह को डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय को बतौर डीआईजी पद पर प्रभार संभालने का आदेश जारी कर दिया। प्रमुख सचिव कारागार ने यह निर्देश राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद जारी किया है। उधर इस संबंध में जब जेल मुख्यालय के डीआईजी ने शैलेंद्र कुमार मैत्रेय के डीआईजी पद पर प्रभार ग्रहण करने की पुष्टि करते हुए बताया कि बताया कि जल्दी ही उनकी तैनाती कर दी जाएगी। लंबी लड़ाई के बाद आखिर मिला डीआईजी का प्रभार