समाज को लड़ाती भाजपा-अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा है कि कारोबार लोगों को जोड़ता है लेकिन भाजपा वोट और सत्ता के लिए नफरत फैलाती है। भेदभाव करती है। समाज को लड़ाती है। भाजपा अयोध्या में हार गई। भाजपा को पता चल गया है कि साम्प्रदायिक राजनीति खत्म हो रही है। वह फिर से समाज में दूरियां पैदा करने के लिए फैसले ले रही है। श्री यादव ने कहा कि लोग नौकरी, तरक्की, खुशहाली चाहते हैं। महंगाई, बेरोजगारी से निजात चाहते हैं लेकिन भाजपा किसानों, नौजवानों, गरीबों के मुद्दे पर बात नहीं करती है। भाजपा सरकार झूठे वादे करती है। बड़ी-बड़ी बाते करती है लेकिन वो उसके फैसलों में दिखाई नहीं देता है। भाजपा ने पिछड़ों, दलितों का आरक्षण छीना, नौजवानों को नौकरियां नहीं दी। समाज को लड़ाती भाजपा-अखिलेश यादव

  किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। पहले पुलिस चोर पकड़ती थी, भाजपा सरकार में पुलिस-पुलिस को पकड़ रही है। भाजपा सरकार के अपराध का भंडाफोड़ हो रहा है। स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त है। गरीबों को इलाज नहीं मिल रहा है। उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था फुटपाथ पर है। भाजपा सरकार जनता की जान बचाने के बजाय अपनी कुर्सी बचाने में लगी हुई है। भ्रष्टाचार चरम पर है। तहसील थानों से लेकर विभागों में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा हो गयी है। भाजपा के नेता खुद स्वीकार कर रहे हैं। प्रदेश में इतना भ्रष्टाचार पहले कभी नहीं था। समाज को लड़ाती भाजपा-अखिलेश यादव

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