Sunday, February 15, 2026
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अबू आजमी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

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अबू आजमी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अबू आजमी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

सपा के महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. अबू आजमी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

आयकर के बाद उन पर प्रवर्तन निदेशालय का भी शिकंजा कस रहा है. वाराणसी की रियल एस्टेट कंपनी विनायक ग्रुप का कच्चा चिट्ठा वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने ईडी को सौंप दिया है. सूत्रों के मुताबिक वीडीए के सौंपे दस्तावेजों में विनायक ग्रुप के प्रोजेक्ट की जानकारी दी गई है. ईडी के अधिकारी वीडीए और आयकर विभाग के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं और जल्द ही विनायक ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है.

आयकर विभाग ने भी ईडी से विनायक ग्रुप की बेनामी एक्ट में जब्त संपत्तियों की जानकारी शेयर की है. अब ईडी के अधिकारी विनायक ग्रुप के सभी साझीदारों की संपत्तियों की लिस्ट बना रहे हैं, जिससे जल्द उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके. साझीदारों में सपा विधायक अबू आजमी का नाम भी शामिल हैं.विनायक ग्रुप की जांच की शुरुआत में अबू आजमी के साझीदार होने के सबूत नहीं मिल रहे थे. इसके बाद ईडी ने आयकर विभाग को पत्र लिखा और विनायक ग्रुप की जब्त संपत्तियों की पूरी डिटेल मांगी. आयकर विभाग से मिली जानकारी में साफ लिखा हुआ है कि अबू आजमी ने काशी में करीब 300 करोड़ रुपये की अघोषित आय को संपत्तियों में निवेश किया था. यह रकम मुंबई से हवाला के जरिये भेजी गई थी और बाद में मुनाफे के साथ वापस भी हुई.आयकर विभाग ने नवंबर, 2022 में सपा नेता अबु आजमी और उनके करीबियों के मुंबई और दिल्ली के अलावा लखनऊ, कानपुर, वाराणसी व कोलकाता स्थित 30 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की थी. आयकर विभाग ने कई दस्तावेज कब्जे में लिए थे. उस समय लगभग 200 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला सामने आया था.

शेयर की जब्त संपत्तियों की जानकारी-

आयकर विभाग ने भी ईडी से विनायक ग्रुप की बेनामी एक्ट में जब्त संपत्तियों की जानकारी शेयर की है. अब ईडी के अधिकारी विनायक ग्रुप के सभी साझीदारों की संपत्तियों की लिस्ट बना रहे हैं, जिससे जल्द उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके. साझीदारों में सपा विधायक अबू आजमी का नाम भी शामिल हैं.

ईडी ने मांगी जब्त संपत्तियों की पूरी डिटेल-

दरअसल, विनायक ग्रुप की जांच की शुरुआत में अबू आजमी के साझीदार होने के सबूत नहीं मिल रहे थे. इसके बाद ईडी ने आयकर विभाग को पत्र लिखा और विनायक ग्रुप की जब्त संपत्तियों की पूरी डिटेल मांगी. आयकर विभाग से मिली जानकारी में साफ लिखा हुआ है कि अबू आजमी ने काशी में करीब 300 करोड़ रुपये की अघोषित आय को संपत्तियों में निवेश किया था. यह रकम मुंबई से हवाला के जरिये भेजी गई थी और बाद में मुनाफे के साथ वापस भी हुई. अबू आजमी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें