
शिवकुमार
सन् 1921 मे महात्मा गाँधी खिलाफत एवं असहयोग आन्दोलन के सम्बंध मे अली वधुओ के साथ सम्पूर्ण भारत का व्यापक दौरा कर रहे थे। गाँधी जी अपने दौरे के क्रम मे देवरिया- गोरखपुर मे भी आये । गाँधी जी के आगमन की सूचना जनपद की जनता को पहले से मिल चुकी थी। अतः सम्पूर्ण जनपद में गाँधी जी के आने की सूचना से लोगों में अत्यधिक उत्साह उमड पड़ा था।
महात्मा गाँधी पटना से होते हुए भटनी आये। तथा वहाँ से उन्होंने गोरखपुर के लिए प्रस्थान किया । रास्ते में प्राय: प्रत्येक स्टेशनो पर जनता ने उनका हार्दिक स्वागत किया तथा गाँधी जी की जय के नारे से सम्पूर्ण देवरिया स्टेशन गूंज उठा। गाँधी जी के साथ उनके पुत्र पत्नी तथा मुस्लिम नेता मुहम्मद अली एवं उनके निजि सलाहकार महादेव देसाई आदि थे।
गाँधी जी इसी दिन सध्या समय गोरखपुर पहुंचे। वह अपार जनसमुदाय उनके पीछे-पीछे दौड पड़ा। इस क्षेत्र में गांधी जी का अत्यधिक प्रभाव था।भीड को नियंत्रित करने के लिए वालण्टियर कोर के कप्तान महन्त दिग्विजय नाथ नियुक्त किये गये थे। गोरखपुर स्थित ‘बाले’ के मैदान में एक सभा को गाँधी जी ने सम्बोधित किया। इस सभा में दो लाख की भीड गाँधी जी को देखने एवं उनका भाषण सुनने के लिए एकात्रित थी। सभा में गांधी जी को सर्वप्रथम मानपत्र भेट किया गया। तत्पश्चात गाँधी जी ने जनपद के लोगों से खिलाफत एवं असहयोग आन्दोलन को सफल बनाने की अपील की।
स्रोत- उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार पुस्तकालय लखनऊ

























