अमरिंदर आई एम वेरी सोरी-सोनिया गांधी

अशोक गहलोत अपना राजस्थान संभाले। वेणुगोपाल, हरीश रावत, अजय माकन, सुरजेवाला जैसे सलाहकार कांग्रेस नेतृत्व को गुमराह कर रहे हैं।इस्तीफा देने की बात कहने से पहले सोनिया गांधी ने कहा-अमरिंदर, आई एम वेरी सोरी।पंजाब के पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को जोकर बताया।

एस0 पी0 मित्तल

पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपना प्रदेश संभालना चाहिए। गहलोत आज पंजाब की राजनीति पर कुछ भी टिप्पणी करें, लेकिन 2017 में विधानसभा चुनाव के समय टिकट कमेटी के अध्यक्ष गहलोत ही थे। गहलोत ने जो उम्मीदवार तय किए उसी की वजह से कांग्रेस को अस्सी सीटें मिली। गहलोत अच्छे इंसान है, लेकिन उन्हें अपना प्रदेश संभालना चाहिए। कैप्टन ने गहलोत पर यह टिप्पणी एक न्यूज चैनल की संवाददाता के सवाल पर की। संवाददाता ने गहलोत द्वारा दी गई सलाह पर कैप्टन से जवाब मांगा था। उल्लेखनीय है कि गहलोत ने कहा था कि अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे कांग्रेस पार्टी को नुकसान हो। कैप्टन ने कहा कि मैं उन मुख्यमंत्रियों में से नहीं हूं जो अपने समर्थक विधायकों को बसों में भरकर इधर उधर छिपाते हैं। मुझे इस बात का दुख है कि मुझे अपमानित कर मुख्यमंत्री के पद से हटाया गया। मैंने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष इस्तीफे की पेशकश कर दी थी, लेकिन तब सोनिया गांधी ने मना कर दिया। यही वजह रही कि 17 सितंबर को इस्तीफे की बात कहने से पहले सोनिया गांधी ने कहा, अमरिंदर आई एम वेरी सोरी।

कैप्टन ने कहा कि मैं सोनिया गांधी की मजबूरी को समझता हंू। केसी वेणुगोपाल, हरीश रावत, अजय माकन, रणदीप सिंह सुरजेवाला जैसे सलाहकार कांग्रेस नेतृत्व को गुमराह कर रहे हैं। मैं संपूर्ण भारत में किसी राज्य का पहला मुख्यमंत्री हूं, जिसने चुनाव के 80 फीसदी वादे पूरे किए हैं। लेकिन इसके बाद भी उन पर अविश्वास किया गया। जो नवजोत सिंह सिद्धू चार वर्ष पहले तक भाजपा का सांसद था, आज उसी सिद्धू की बात को कांग्रेस में महत्व दिया जा रहा है। सिद्धू की पंजाब में कोई लोकप्रियता और गंभीरता नहीं है। क्योंकि वह जोकर की तरह मजाक करता है, इसलिए सभाओं में भीड़ एकत्रित हो जाती है। सिद्धू तो पंजाब की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान और आर्मी चीफ जनरल बाजवा के साथ सिद्धू के जैसे मित्रतापूर्ण संबंध है, उनमें सिद्धू को कैसे मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है? पंजाब सीमावर्ती राज्य है, यदि सिद्धू मुख्यमंत्री बनते हैं तो राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो जाएगा। सिद्धू को रोकने के लिए वे किसी भी प्रकार की कुर्बानी देने को तैयार है। कैप्टन ने कहा कि पाकिस्तान से लगातार हथियार आ रहे हैं, इनमें टिफिन बम भी शामिल हैं। यानी पाकिस्तान में बैठे आतंकी पंजाब की स्कूलों में भी विस्फोट करने की योजना बना रहे हैं।

कैप्टन ने कहा कि केंद्र सरकार से सहयोग लेने को लेकर भी मुझ पर आरोप लगाए गए। मैं जानना चाहता हूं कि क्या किसी राज्य का मुख्यमंत्री केंद्र के सहयोग के बगैर सरकार चला सकता है? पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भी सरकार चलाने के लिए केंद्र की मदद लेनी पड़ेगी। चन्नी को भी दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, गृह मंत्री आदि से मिलना पड़ेगा। कैप्टन ने माना कि जिस तरह उन्हें मुख्यमंत्री के पद से हटाया गया, उससे जाहिर है कि प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने अभी राजनीतिक अनुभव की कमी है। कैप्टन ने कहा कि अभी उन्होंने अपनी रणनीति नहीं बनाई है, वे अपने साथियों से विचार विमर्श करने के बाद निर्णय लेंगे कि कांग्रेस में रहना है या फिर अलग पार्टी बनानी है।

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