Saturday, February 7, 2026
Advertisement
Home उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग को मिलेगी रफ्तार

चीनी उद्योग को मिलेगी रफ्तार

31
चीनी उद्योग को मिलेगी रफ्तार
चीनी उद्योग को मिलेगी रफ्तार

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रायोजन रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग की 101वीं बैठक संपन्न। किसान सहकारी चीनी मिल, बागपत की पेराई क्षमता को 5000 टी.सी.डी. करते हुए नवीनतम तकनीक पर आधारित रिफाइन्ड शुगर उत्पादन हेतु नई चीनी मिल होगी स्थापित। चीनी उद्योग को मिलेगी रफ्तार, बागपत में नई तकनीक से बनेगी रिफाइंड शुगर।

लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में प्रायोजन रचना एवं मूल्यांकन प्रभाग (पीआईबी सचिवालय), नियोजन विभाग की 101वीं बैठक आयोजित की गई। किसान सहकारी चीनी मिल, बागपत की पेराई क्षमता को वर्तमान 2500 टी.सी.डी. से बढ़ाकर 5000 टी.सी.डी. करते हुए नवीनतम तकनीक पर आधारित रिफाइन्ड शुगर उत्पादन हेतु नई चीनी मिल स्थापित करने संबंधित संशोधित प्रायोजना प्रस्ताव पर अनुमोदन प्रदान किया गया। इस परियोजना की प्रस्तावित लागत 40702.57 लाख रुपये (लगभग 407 करोड़ रुपये) है।

परियोजना के वित्त पोषण की व्यवस्था 50 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा अंश पूंजी तथा शेष 50 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा ऋण के रूप में की जाएगी। बैठक में निर्देश दिए गए कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के शासकीय बजट में 10000 लाख रुपये (100 करोड़ रुपये) के ऋण के रूप में प्रावधान कराए जाने हेतु आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित किया जाए।

नई चीनी मिल स्थापना के प्रमुख कारक कमांड एरिया में गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता है। अगले 5 वर्षों में पेराई हेतु प्रतिवर्ष लगभग 8.00 लाख टन गन्ना उपलब्ध रहने की संभावना है। वर्तमान मशीनरी 30 वर्ष से अधिक पुरानी होने के कारण स्टीम एवं बैगास की अधिक खपत हो रही है। गत पेराई सत्र 2024-25 में मिल द्वारा लगभग 4.49 लाख टन गन्ने की पेराई की गई थी। अतिरिक्त गन्ना वर्तमान में निजी क्षेत्र की चीनी मिलों को जा रहा है।

नवीनतम प्रौद्योगिकी उपकरणों की स्थापना तथा मिल की क्षमता विस्तार से दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा। आधुनिक तकनीक से 5000 टी.सी.डी. क्षमता वाली गन्ना पेराई मात्र 22 घंटे के औसत संचालन में संभव हो जाएगी। इससे मिल की कार्यावधि कम होने पर किसानों के गन्ने की समय पर पेराई सुनिश्चित होगी, जिससे गन्ना मूल्य भुगतान में सुगमता आएगी तथा किसानों की आय में स्थिरता बनी रहेगी।

परियोजना के अंतर्गत हाई प्रेशर 100 टीपीएच, 67 बार बॉयलर, 10 मेगावाट पॉवर टरबाइन तथा एसीवीएफडी (वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ड्राइव) मोटरों के उपयोग से पावर बचत होगी तथा स्टीम खपत में कमी आएगी। बैगास की अधिक बचत सुनिश्चित होगी। रिफाइन्ड शुगर उत्पादन से चीनी की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर बिक्री संभव हो सकेगी। चीनी हानियों को नियंत्रित कर चीनी परता बढ़ाई जाएगी तथा उत्पादन लागत में कमी आएगी।

इससे क्षेत्र में रोजगार सृजन, किसानों की आय में वृद्धि तथा राज्य के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी। मिल में सल्फर युक्त शुगर के स्थान पर रिफाइन्ड शुगर का उत्पादन डीसीएस आधारित आटोमेशन मशीन से किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नरेन्द्र भूषण, अपर मुख्य सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास वीना कुमारी मीना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।