

मवई ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा मैरामऊ में स्थित प्राथमिक विद्यालय मैरामऊ की जर्जर सुरक्षा व्यवस्था बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। विद्यालय की बाउंड्री वॉल पूरी तरह टूटी हुई है, जिसके चलते स्कूल परिसर सीधे सड़क से जुड़ गया है।
अयोध्या/मवई ब्लॉक। उत्तर प्रदेश के मवई ब्लॉक से एक बेहद गंभीर और लापरवाही भरा मामला सामने आया है, जहां बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मवई ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा मैरामऊ में स्थित प्राथमिक विद्यालय मैरामऊ की बाउंड्री वॉल पूरी तरह टूटी हुई है, जो अब स्कूल के बच्चों के लिए खतरे का कारण बन चुकी है।स्कूल के ठीक बगल से भारी और तेज़ रफ्तार वाहन लगातार गुजरते रहते हैं, ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
आप साफ देख सकते हैं कि स्कूल की बाउंड्री वॉल टूटी हुई है और बाहर से आने-जाने वाले वाहनों के कारण बच्चों की जान हर वक्त खतरे में बनी रहती है। सवाल यह है कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार किया जा रहा है? स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अभी तक मरम्मत या सुरक्षा के कोई इंतज़ाम नहीं किए गए।“बच्चे छोटे हैं, गाड़ियां तेज चलती हैं, डर लगा रहता है… लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।”
विद्यालय परिसर में टूटी दीवार के कारण न केवल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, बल्कि असामाजिक तत्वों और आवारा पशुओं का प्रवेश भी आसानी से हो जाता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही हैं।विद्यालय के ठीक बगल से भारी और तेज़ रफ्तार वाहन लगातार गुजरते रहते हैं, जिससे छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा पर हर वक्त खतरा बना रहता है। पढ़ाई के दौरान भी बच्चों और शिक्षकों में डर का माहौल देखा जा सकता है।
सरकारी दावों में भले ही बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती हो, लेकिन मैरामऊ विद्यालय की स्थिति ज़मीनी हकीकत को उजागर करती है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा, या समय रहते स्कूल की बाउंड्री वॉल की मरम्मत कर बच्चों को सुरक्षित माहौल दिया जाएगा।
सरकार एक ओर बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की बात करती है, वहीं ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस खबर के बाद जागते हैं या फिर बच्चों की सुरक्षा यूं ही भगवान भरोसे छोड़ दी जाएगी।






















