Wednesday, February 18, 2026
Advertisement
Home विशेष प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक होगी संचालित-जिलाधिकारी

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक होगी संचालित-जिलाधिकारी

188

अयोध्या, कोविड-19 वैश्विक महामारी से प्रभावित आर्थिक विकास से उत्पन्न परिस्थितियों का सामना करने के लिए भारत सरकार के आदेश के तहत मत्स्य सेक्टर के सर्वागीण विकास हेतु प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक संचालित की जानी है। इस योजना के अंतर्गत जनपद के सघन जल संसाधनों वाले क्षेत्रों का सामूहिक रूप से मत्स्य विकास करते हुए मत्स्य गतिविधियों में अनुभव की गयी कमियो की पूर्ति करना, भारत सरकार की अन्य सुसंगत योजनाओं से अभिसरण करते हुए बेहतर मत्स्य विकास करना, मत्स्य सेक्टर की नवाचार परियोजनाओं का क्रियावन, नवीन तकनीकी का उपयोग वायोंफ्लाक यूनिट की स्थापना, भ्रमण प्रशिक्षण, मत्स्य रोग सर्विसलांस एवं उनके रोकथाम आदि कार्य मदो को सम्मिलित किया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि इसके अंतरित मत्स्य विपणन व्यवस्था एवं पोस्ट हार्वेस्ट गतिविधियों के लिए फिश कियोस्क, फिश मार्केट, मोपेड विद आइस बॉक्स, साइकिल विद आइस बॉक्स आदि हेतु भी अनुदान दिए जाने की व्यवस्था की गई है। परंपरागत रूप से कार्य करने वाले मछुआरों को शिकार माही के प्रतिबंधित काल 3 माह की अवधि में योजना से आर्थिक राहत दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभार्थी व्यक्तिगत रूप से मत्स्य पालक, मत्स्य शिकारी, मत्स्य विक्रेता, निजी फर्म, सरकारी समितियां (मत्स्य) स्वयं सहायता समूह आदि हो सकते हैं।

योजना अंतर्गत सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत तथा महिला व अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत अनुदान देय होगा तथा शेष धनराशि लाभार्थी द्वारा स्वयं लाभार्थी अंश के रूप में व्यय की जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष में निम्न घटको व कार्यक्रमों हेतु आवेदन किया जा सकता है जिसमें निजी भूमि पर मत्स्य पालन हेतु तालाब निर्माण, पंगेसियस पालन हेतु तालाब निर्माण, मत्स्यबीज रियरिंग यूनिट, मोटर साइकिल विद आइस बॉक्स, साइकिल विद आइस बॉक्स आदि सम्मिलित है।

लाभार्थी चयन मत्स्य विभाग के पोर्टल (लिउपेण्नचेकबण्हवअण्पद)पर निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन आवेदन करके पात्रता के अनुसार प्रथम आवक प्रथम पावक आधार पर किया जाएगा। चयनित लाभार्थी द्वारा सर्वप्रथम लाभार्थी अंश व्यय करके कार्य प्रारंभ करना होगा, जिसका सत्यापन व जियोटैग करने के उपरांत अनुदान की राशि सीधे उसके खाते मे कराई जा सकती है,जिलाधिकारी ने बताया कि योजना की विस्तृत जानकारी जनपद स्थित मत्स्य विभाग के कार्यालय से प्राप्त कर इच्छुक व्यक्ति योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।