Sunday, February 15, 2026
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किशनगढ़ नगर परिषद में सुरेश टाक की चली

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एस0 पी0 मित्तल

अजमेर जिले की किशनगढ़ नगर परिषद की सीमा वर्ता को एपीओ कर दिया गया है। वर्मा के स्थान पर तेजाराम मीणा की नियुक्ति की गई है। वर्मा को हटवाने में किशनगढ़ के निर्दलीय विधायक सुरेश टाक की सक्रिय भूमिका रही। जानकार सूत्रों के अनुसार टाक ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष श्रीमती वर्मा की कार्यशैली को लेकर शिकायत की। टाक ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि वर्मा आयुक्त बनी रहती है, तो किशनगढ़ नगर परिषद के चुनाव में कांग्रेस का जीतना मुश्किल होगा। किशनगढ़ में इसी माह 60 वार्डों के चुनाव होने हैं।

आखिर किशनगढ़ नगर परिषद में निर्दलीय विधायक सुरेश टाक की चली। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा की सिफारिश वाली आयुक्त सीता वर्मा एपीओ हुई।

टाक के सख्त विरोध को देखते हुए 5 जनवरी की रात को ही सीएमओ के निर्देश पर स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक ने वर्मा को एपीओ करने के आदेश जारी कर दिए। वर्मा की किशनगढ़ में नियुक्ति करवाने में केकड़ी के विधायक और प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा की सिफारिश रही थी। पूर्व में वर्मा की नियुक्ति केकड़ी नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी के पद पर हुई थी, लेकिन बाद में रघु शर्मा की सिफारिश से वर्मा को किशनगढ़ नगर परिषद का आयुक्त बना दिया गया। लेकिन केकड़ी का चार्ज वर्मा के पास ही रहा।

वर्मा के पास सारवाड़ नगर पालिका का अतिरिक्त चार्ज भी था। यानि एक समय में श्रीमती वर्मा के पास अजमेर जिले के तीन निकायों की जिम्मेदारी थी। लेकिन अब किशनगढ़ से एपीओ होने के बाद किसी भी पालिका का चार्ज भी वर्मा के पास नहीं रहेगा। वर्मा के हटने से किशनगढ़ में विधायक सुरेश टाक के समर्थकों में हर्ष है, क्योंकि पिछले दिनों नगर परिषद की ओर से टाक के समर्थकों के खिलाफ अनेक कार्यवाहियां हुई। जानकार सूत्रों के अनुसार आयुक्त को हटाने के साथ ही विधायक सुरेश टाक पर नगर परिषद के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों को जितवाने की जिम्मेदारी भी डाली गई है।

हालांकि यह जिम्मेदारी टाक के लिए चुनौती पूर्ण है। मौजूदा समय में किशनगढ़ में कांग्रेस का बोर्ड बनवाना आसान नहीं है। यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्मा जब अजमेर नगर निगम में राजस्व अधिकारी के पद पर नियुक्त थी, तब निगम की तत्कालीन आयुक्त सुश्री चिन्मयी गोपाल ने भी वर्मा को एपीओ करवाया था। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि अब निकायों के चुनाव के कारण चुनाव आचार संहिता लग चुकी है।